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कारोबार पर कोरोना की मार: रेडीमेड नहीं चला तो शुरू किया स्नैक्स कारोबार
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हल्द्वानी। अनलॉक तीन में कपड़ा और रेडीमेड कारोबारी भी परेशान हैं। कारोबारियों के मुताबिक कोविड के बाद 25 फीसदी भी कारोबार नहीं रह गया है। कभी देर रात तक दुकान से फुर्सत नहीं होती थी, दो मंजिले दुकानों में 10-12 कर्मचारी काम करते थे। आज ग्राहक के इंतजार में पूरा दिन गुजर रहा है। कई कारोबारियों ने तो घर चलाने के लिए दुकान के अलावा होम मेड स्नैक्स का कारोबार भी शुरू कर दिया है।
35 साल से कारोबार कर रहे हैं। ऐसा संकट कभी नहीं आया। अब घर का खर्चा निकालने के लिए होम मेड स्नैक्स, मठरी, बेसन के लड्डू, बेसन के सेव, शकरफारे बनाकर डिलीवरी कर रहा हूं।
- देवेश अग्रवाल, जय अंबे ड्रेसेज।
कोट
बाजार में रौनक नहीं है। नया माल रखने को भी पैसा नहीं है। रेडीमेड का 20 फीसदी भी कारोबार नहीं रह गया है। ग्राहक रोजमर्रा की चीजों के अलावा अन्य वस्तुओं की खरीद नहीं कर रहे हैं।
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- महेश आहूजा, क्लासिक कलेक्शन।
कोट
अब जैसे-जैसे मरीजों की तादाद बढ़ने लगी है, ग्राहकों ने बाजार आना ही छोड़ दिया है। अनलॉक तीन में बिक्री और कम हो गई है। अब घर चलाना मुश्किल हो गया है।
- राकेश अरोरा, रोहन इंपोरियम, नया बाजार।
कोट
कारोबार 10 से 20 फीसदी तक सिमट कर रह गया है। माल मंगाने को भी गुंजाइश नहीं है। दुकान में दो मिनट का आराम करने की फुर्सत नहीं होती थी आज ग्राहक का इंतजार करना पड़ रहा है।
- सुमित राजपाल, शिव वस्त्रालय, नया बाजार।
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35 साल से कारोबार कर रहे हैं। ऐसा संकट कभी नहीं आया। अब घर का खर्चा निकालने के लिए होम मेड स्नैक्स, मठरी, बेसन के लड्डू, बेसन के सेव, शकरफारे बनाकर डिलीवरी कर रहा हूं।
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- देवेश अग्रवाल, जय अंबे ड्रेसेज।
कोट
बाजार में रौनक नहीं है। नया माल रखने को भी पैसा नहीं है। रेडीमेड का 20 फीसदी भी कारोबार नहीं रह गया है। ग्राहक रोजमर्रा की चीजों के अलावा अन्य वस्तुओं की खरीद नहीं कर रहे हैं।
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- महेश आहूजा, क्लासिक कलेक्शन।
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अब जैसे-जैसे मरीजों की तादाद बढ़ने लगी है, ग्राहकों ने बाजार आना ही छोड़ दिया है। अनलॉक तीन में बिक्री और कम हो गई है। अब घर चलाना मुश्किल हो गया है।
- राकेश अरोरा, रोहन इंपोरियम, नया बाजार।
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कारोबार 10 से 20 फीसदी तक सिमट कर रह गया है। माल मंगाने को भी गुंजाइश नहीं है। दुकान में दो मिनट का आराम करने की फुर्सत नहीं होती थी आज ग्राहक का इंतजार करना पड़ रहा है।
- सुमित राजपाल, शिव वस्त्रालय, नया बाजार।