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राजकीय मेडिकल कॉलेज में रैगिंग : एमबीबीएस छात्रों में मारपीट, चार घायल
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हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज में छात्रावास और मेस के पास सोमवार को एमबीबीएस के छात्रों के दो गुटों में मारपीट हो गई। बल्ले और लात-घूंसे चलने से दोनों पक्षों के चार छात्र घायल हो गए। घायलों ने डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल में अपना इलाज कराया। प्रथम दृष्ट्या रैंगिंग का यह मामला लगता है लेकिन कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि यह घटना रैगिंग नहीं है, आपसी मनमुटाव की है। मामले की जांच की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में सोमवार की दोपहर एमबीबीएस अंतिम वर्ष के दो छात्रों को जूनियर छात्रों ने पीट दिया। सीनियर छात्रों का कहना था कि जूनियर छात्रों ने मारपीट के लिए बाहर से तीन लोगों को बुलाया था। शाम को सीनियर छात्र मेस के सामने जूनियर छात्रों का इंतजार कर रहे थे। आमना-सामना होने पर दोनों गुट फिर भिड़ गए। सीनियर छात्रों ने भी दो जूनियर छात्रों को बुरी तरह पीट दिया। हंगामे की जानकारी मिलने पर अन्य छात्र भी पहुंच गए।
कॉलेज प्रबंधन की जांच में पता चला कि सीनियर छात्र सुभारती मेडिकल कॉलेज से आए एमबीबीएस 2016-17 बैच के हैं। जूनियर छात्र हल्द्वानी राजकीय मेडिकल कॉलेज के 2019-20 बैच के हैं। जूनियर छात्र सुभारती से आए एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्रों को अपना सीनियर नहीं स्वीकार करते हैं। सीनियर छात्रों का कहना था कि जूनियर छात्र उनका अदब नहीं करते हैं। सामना होने पर तंज कसते हैं। इसे लेकर काफी दिनों से मनमुटाव चल रहा था। उधर, जूनियर छात्रों ने रैगिंग का आरोप लगाया लेकिन इसकी लिखित शिकायत नहीं की गई है।
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मेडिकल कालेज के वरिष्ठ डॉक्टरों ने दोनों पक्षों को डांट फटकार लगाई। चेताया कि इस प्रकार की मारपीट से उनका कैरियर खतरे में पड़ सकता है। अनुशासन समिति कार्रवाई कर सकती है। मेडिकल मुआयना करने के बाद डॉक्टर पुलिस को सूचना दी। मेडिकल चौकी पुलिस घटना की जांच कर रही है। कोतवाल हरेंद्र चौधरी का कहना है कि इस मामले में मेडिकल कॉलेज की तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली है।
अनुशासन समिति की बैठक में पहुंचा एक पक्ष
हल्द्वानी। मारपीट की घटना के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद अनुशासन समिति की बैठक बुलाई गई। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि जिन दो छात्रों के ऊपर मारपीट का आरोप था, उनका पक्ष लिया गया। एक पक्ष अस्पताल गया था, इसलिए उसका पक्ष नहीं मिल सका है। इस तरह की अनुशासनहीनता और घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनुशासन समिति की बैठक में वार्डन एमए खान, डॉ. जीएस तितियाल, डॉ. विनीता रावत आदि मौजूद थीं।
सीसीटीवी फुटेज देखे जाएंगे
हल्द्वानी। कॉलेज प्रबंधन मामले में कड़ी कार्रवाई करने का संकेत दे रहा है। सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जाएगा। हास्टल से निष्कासन से लेकर जुर्माना तक की कार्रवाई हो सकती है।
यह मारपीट की घटना है। रैंगिंग जैसी बात सामने नहीं आई है। किसी ने लिखित में शिकायत भी दर्ज नहीं कराई है। मामले कार्रवाई चल रही है, जैसी स्थितियां सामने आएंगी, उसके आधार पर आगे कार्रवाई होगी।
डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य
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जानकारी के मुताबिक मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में सोमवार की दोपहर एमबीबीएस अंतिम वर्ष के दो छात्रों को जूनियर छात्रों ने पीट दिया। सीनियर छात्रों का कहना था कि जूनियर छात्रों ने मारपीट के लिए बाहर से तीन लोगों को बुलाया था। शाम को सीनियर छात्र मेस के सामने जूनियर छात्रों का इंतजार कर रहे थे। आमना-सामना होने पर दोनों गुट फिर भिड़ गए। सीनियर छात्रों ने भी दो जूनियर छात्रों को बुरी तरह पीट दिया। हंगामे की जानकारी मिलने पर अन्य छात्र भी पहुंच गए।
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कॉलेज प्रबंधन की जांच में पता चला कि सीनियर छात्र सुभारती मेडिकल कॉलेज से आए एमबीबीएस 2016-17 बैच के हैं। जूनियर छात्र हल्द्वानी राजकीय मेडिकल कॉलेज के 2019-20 बैच के हैं। जूनियर छात्र सुभारती से आए एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्रों को अपना सीनियर नहीं स्वीकार करते हैं। सीनियर छात्रों का कहना था कि जूनियर छात्र उनका अदब नहीं करते हैं। सामना होने पर तंज कसते हैं। इसे लेकर काफी दिनों से मनमुटाव चल रहा था। उधर, जूनियर छात्रों ने रैगिंग का आरोप लगाया लेकिन इसकी लिखित शिकायत नहीं की गई है।
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मेडिकल कालेज के वरिष्ठ डॉक्टरों ने दोनों पक्षों को डांट फटकार लगाई। चेताया कि इस प्रकार की मारपीट से उनका कैरियर खतरे में पड़ सकता है। अनुशासन समिति कार्रवाई कर सकती है। मेडिकल मुआयना करने के बाद डॉक्टर पुलिस को सूचना दी। मेडिकल चौकी पुलिस घटना की जांच कर रही है। कोतवाल हरेंद्र चौधरी का कहना है कि इस मामले में मेडिकल कॉलेज की तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली है।
अनुशासन समिति की बैठक में पहुंचा एक पक्ष
हल्द्वानी। मारपीट की घटना के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद अनुशासन समिति की बैठक बुलाई गई। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि जिन दो छात्रों के ऊपर मारपीट का आरोप था, उनका पक्ष लिया गया। एक पक्ष अस्पताल गया था, इसलिए उसका पक्ष नहीं मिल सका है। इस तरह की अनुशासनहीनता और घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनुशासन समिति की बैठक में वार्डन एमए खान, डॉ. जीएस तितियाल, डॉ. विनीता रावत आदि मौजूद थीं।
सीसीटीवी फुटेज देखे जाएंगे
हल्द्वानी। कॉलेज प्रबंधन मामले में कड़ी कार्रवाई करने का संकेत दे रहा है। सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जाएगा। हास्टल से निष्कासन से लेकर जुर्माना तक की कार्रवाई हो सकती है।
यह मारपीट की घटना है। रैंगिंग जैसी बात सामने नहीं आई है। किसी ने लिखित में शिकायत भी दर्ज नहीं कराई है। मामले कार्रवाई चल रही है, जैसी स्थितियां सामने आएंगी, उसके आधार पर आगे कार्रवाई होगी।
डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य