फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Questions raised on the identity of the hill state regarding shifting of High Court

हाईकोर्ट शिफ्टिंग को लेकर पर्वतीय राज्य की अस्मिता पर उठे सवाल

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 09 Nov 2022 01:24 AM IST
विज्ञापन
Questions raised on the identity of the hill state regarding shifting of High Court
नैनीताल। कुछ महीने पहले तक नैनीताल से हाईकोर्ट को शिफ्ट किए जाने की बातें केवल चर्चा तक सीमित थीं लेकिन पिछले महीने से इसकी सुगबुगाहट तेज हो गई है।
विज्ञापन

कई लोग इसके पक्ष और विपक्ष में लामबंद होने लगे हैं। दोनों ही पक्षों के अपने तर्क हैं लेकिन इतना तय है कि इतनी बड़ी संस्था को पहाड़ से मैदान में ले जाने पर भाजपा के लिए ये जवाब देना आसान नहीं होगा कि हर चुनाव में पर्वतीय राज्य की स्थापना का श्रेय लेकर वोट मांगने के बाद उसने इतनी महत्वपूर्ण संस्था को पहाड़ से नीचे क्यों उतार दिया। वह भी तब, जब न तो यह जरूरी है, न ही इसे लेकर कोई जनआंदोलन हुआ है। हाईकोर्ट कहां रहे इसे लेकर तो आम जनता को कोई खास फर्क नहीं है जबकि राजधानी को लेकर विभिन्न संगठन, राजनीतिक दल और आमजन हमेशा से मुखर रहे हैं लेकिन उस पर कोई ठोस निर्णय आज तक नहीं हो पाया। उधर शिफ्टिंग करने न करने को लेकर इससे संबंधित पक्ष अपने-अपने तर्क रखते रहे हैं और आमजन में इसे लेकर असमंजस बना हुआ है।
शिफ्टिंग का समर्थन करने वाले लोगों का तर्क है हाईकोर्ट की वजह से बड़ी तादाद में फरियादी नैनीताल आते हैं, इससे नगर में भीड़ बढ़ने से जाम लगता है, वादकारियों को नगर में महंगे होटलों में रहना और खाना पड़ता है, नगर में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है जिसके कारण न्यायाधीशों व अन्य के लिए परेशानी हो सकती है। हाईकोर्ट स्थानांतरित होने से यह बोझ कम होगा।
विज्ञापन

इसके विपरीत शिफ्टिंग के विरोधियों का तर्क है कि हाईकोर्ट में प्रतिदिन औसतन 150 नये मामले दर्ज होते हैं। ये फरियादी नैनीताल आते हैं जबकि पुराने मामलों में फरियादी, गवाह या अन्य को हाईकोर्ट नहीं आना होता है, इसलिए इसका जाम लगने से कोई संबंध नहीं है। सबसे ज्यादा जाम गर्मियों में, वीकेंड पर और नये साल के दौरान लगता है। इन सभी अवसरों पर अधिकतर समय हाईकोर्ट में अवकाश रहता है। नैनीताल में छोटे-बड़े हर स्तर व बजट के होटल हैं साधारण पर्यटक भी यहां बड़ी तादाद में आते व बजट के अनुरूप खर्च करते हैं। सबसे अच्छा व सस्ता खाना जहां मिलता है उनमें हाईकोर्ट की कैंटीन और इसके आसपास के रेस्टोरेंट शामिल हैं। नगर में जीबी पंत (रैमजे) अस्पताल का 18 एकड़ में परिसर व अस्पताल है जिसमें चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। यहां आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएं जो सभी के काम आएंगी। कोर्ट अन्यत्र चला भी गया तो उसके भवन यहीं रहेंगे जो अन्य जरूरतों के काम आएंगे जिससे बोझ कम होने की संभावना कम ही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed