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प्रोफेसर ने 15 साल पहले ही ले ली स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 23 Dec 2021 09:00 PM IST
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Professor took voluntary retirement 15 years ago
हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज के हिंदी के प्रोफेसर डॉ. संतोष कुमार मिश्र ने 15 वर्ष पहले ही स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली है। उनका कहना है कि बढ़ती बेरोजगारी के चलते उन्होंने यह कदम उठाया है। बेरोजगारी और महंगाई के बीच सक्षम लोगों को समाज हित में ऐसे फैसले की जरूरत है।
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मूल रूप से उत्तरप्रदेश के प्रतापगढ़ निवासी डॉ. संतोष कुमार मिश्र ने कहा कि रोजगार न मिलने के कारण युवा पीढ़ी गलत दिशा में जा रही है। उनकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति से किसी युवा को रोजगार का मौका मिलेगा। डॉ. संतोष को 1997 में राजकीय महाविद्यालय स्याल्दे में पहली नियुक्ति मिली। 15 वर्षों तक पहाड़ में सेवा देने के बाद 2012 में वह एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी में नियुक्त हुए। शासन ने उनकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति को मंजूरी दे दी है।
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