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इलाज के दौरान कैदी की मौत, पुलिस की साठगांठ से अन्य कैदियों पर मारपीट का आरोप
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हल्द्वानी में मृतक कैदी फैजल की गुमशुम पत्नी अपने दोनों बच्चों के साथ। अमर उजाला
हल्द्वानी। नैनीताल जेल में कैदी की हालत बिगड़ी तो पुलिस ने सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कर दिया। शुक्रवार की सुबह उसकी मौत हो गई। परिजनों ने जेल पुलिस की मिलीभगत से मृतक के साथी कैदियों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बनभूलपुरा थाना क्षेत्र स्थित किदवई नगर निवासी फैजल (35) को नैनीताल जेल पुलिस ने बृहस्पतिवार शाम अस्पताल में भर्ती कराया था। उसकी मां हाशमा ने बताया कि फैजल स्मैक का नशा करता था और खुद ही नशा छोड़ना चाह रहा था। उनके मुतबिक फैजल को उम्मीद थी कि दो-तीन महीने जेल में रहने के बाद उसकी आदत छूट जाएगी। हालांकि उसका यह फैसला उसे मौत के करीब ले गया। बताया कि आठ दिन पहले फैजल को जेल भेज दिया था। बीते मंगलवार को पत्नी शमा और बच्चों के साथ अन्य परिजन भी उससे जेल में मिलकर आए थे।
शुक्रवार की सुबह परिजनों के पास जेल से फोन पहुंचा कि फैजल की तबियत खराब हो गई है और अस्पताल पहुंचने की बात कही। उसके ससुर नफीस अहमद उर्फ मुन्ना का कहना है कि अस्पताल में पहले पुलिस ने कुछ नहीं बताया और करीब ढाई बजे उसकी मौत की सूचना दी। मौत की सूचना मिलते ही फैजल की पत्नी शमा, मां हाशमा और पिता मस्तान साबिर का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
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एक साल पहले गया था जेल, जमानत पर था बाहर
फैजल के ससुर और मां ने बताया कि एक साल पहले बनभूलपुरा पुलिस ने फैजल को स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद कोर्ट ने फैजल को एक साल की सजा सुनाई थी। सात माह की सजा नैनीताल जेल में काटने के बाद फैजल जमानत पर बाहर आ गया था। उसके बाद से ही वह फिर से नशा करने लगा था, जिसकी वजह से परिवार में कलह भी होने लगा था।
मिलाई के दौरान पत्नी को बताई थी जेल में परेशानी की बात
फैजल की मौत के बाद उसकी पत्नी शमा का कहना है कि जब वह मंगलवार को मिलाई करने नैनीताल जेल पहुंची थी तो फैजल ने जेल में परेशानी की बात कही थी। अन्य कैदियों से मारपीट और पुलिस की खामोशी की शिकायत की थी। इसके अलावा जल्द ही जमानत कराने की बात कही थी।
पहले बताया ठीक, फिर दी मौत की सूचना
फैजल के ससुर नफीस अहमद उर्फ मुन्ना ने बताया कि परिजनों के अस्पताल पहुंचने पर जब फैजल की तबियत के बारे में जानकारी की गई तो पुलिस ने तबियत ठीक बताते हुए इलाज होने की बात कही। बताया कि कुछ देर बाद जब उन्होंने जब अंदर जाकर देखा तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है। साथ ही जब इसके बारे में जानकारी की तब पुलिस ने करीब 2:30 बजे मौत की पुष्टि की।
फैजल के 25 मई को जेल आने के बाद दो दिन तक तबियत ठीक रही थी। परिजनों से मुलाकात भी कराई थी। इसके बाद से ही फैजल को नशे की तलब लगने लगी थी। 29 मई को डॉक्टर को दिखाने के बाद दवा दी गई थी लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। परिजनों की ओर से लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
संजीव ह्यांकि, जेल अधीक्षक, नैनीताल।
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बनभूलपुरा थाना क्षेत्र स्थित किदवई नगर निवासी फैजल (35) को नैनीताल जेल पुलिस ने बृहस्पतिवार शाम अस्पताल में भर्ती कराया था। उसकी मां हाशमा ने बताया कि फैजल स्मैक का नशा करता था और खुद ही नशा छोड़ना चाह रहा था। उनके मुतबिक फैजल को उम्मीद थी कि दो-तीन महीने जेल में रहने के बाद उसकी आदत छूट जाएगी। हालांकि उसका यह फैसला उसे मौत के करीब ले गया। बताया कि आठ दिन पहले फैजल को जेल भेज दिया था। बीते मंगलवार को पत्नी शमा और बच्चों के साथ अन्य परिजन भी उससे जेल में मिलकर आए थे।
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शुक्रवार की सुबह परिजनों के पास जेल से फोन पहुंचा कि फैजल की तबियत खराब हो गई है और अस्पताल पहुंचने की बात कही। उसके ससुर नफीस अहमद उर्फ मुन्ना का कहना है कि अस्पताल में पहले पुलिस ने कुछ नहीं बताया और करीब ढाई बजे उसकी मौत की सूचना दी। मौत की सूचना मिलते ही फैजल की पत्नी शमा, मां हाशमा और पिता मस्तान साबिर का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
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एक साल पहले गया था जेल, जमानत पर था बाहर
फैजल के ससुर और मां ने बताया कि एक साल पहले बनभूलपुरा पुलिस ने फैजल को स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद कोर्ट ने फैजल को एक साल की सजा सुनाई थी। सात माह की सजा नैनीताल जेल में काटने के बाद फैजल जमानत पर बाहर आ गया था। उसके बाद से ही वह फिर से नशा करने लगा था, जिसकी वजह से परिवार में कलह भी होने लगा था।
मिलाई के दौरान पत्नी को बताई थी जेल में परेशानी की बात
फैजल की मौत के बाद उसकी पत्नी शमा का कहना है कि जब वह मंगलवार को मिलाई करने नैनीताल जेल पहुंची थी तो फैजल ने जेल में परेशानी की बात कही थी। अन्य कैदियों से मारपीट और पुलिस की खामोशी की शिकायत की थी। इसके अलावा जल्द ही जमानत कराने की बात कही थी।
पहले बताया ठीक, फिर दी मौत की सूचना
फैजल के ससुर नफीस अहमद उर्फ मुन्ना ने बताया कि परिजनों के अस्पताल पहुंचने पर जब फैजल की तबियत के बारे में जानकारी की गई तो पुलिस ने तबियत ठीक बताते हुए इलाज होने की बात कही। बताया कि कुछ देर बाद जब उन्होंने जब अंदर जाकर देखा तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है। साथ ही जब इसके बारे में जानकारी की तब पुलिस ने करीब 2:30 बजे मौत की पुष्टि की।
फैजल के 25 मई को जेल आने के बाद दो दिन तक तबियत ठीक रही थी। परिजनों से मुलाकात भी कराई थी। इसके बाद से ही फैजल को नशे की तलब लगने लगी थी। 29 मई को डॉक्टर को दिखाने के बाद दवा दी गई थी लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। परिजनों की ओर से लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
संजीव ह्यांकि, जेल अधीक्षक, नैनीताल।