{"_id":"616350d48ebc3e0ec62a4628","slug":"preparations-to-open-rehabilitation-and-empowerment-of-persons-with-disabilities-in-haldwani-haldwani-news-hld4409821130","type":"story","status":"publish","title_hn":"हल्द्वानी में पुनर्वास और दिव्यांगजन सशक्तीकरण केंद्र खोलने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हल्द्वानी में पुनर्वास और दिव्यांगजन सशक्तीकरण केंद्र खोलने की तैयारी
विज्ञापन
हल्द्वानी। हल्द्वानी में समेकित क्षेत्रीय कौशल, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण केंद्र खोलने की तैयारी है। इसके लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने सहमति प्रदान कर दी है। केंद्र के लिए दस हजार वर्ग फुट का भवन और स्थायी भवन के लिए तीन से पांच एकड़ जमीन उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्यमंत्री अजय भट्ट ने सीएम पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखा है।
अजय भट्ट ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय विभिन्न राज्यों में ये केंद्र स्थापित कर रहा है। इसे लेकर मार्च-2021 को एक पत्र मंत्रालय को लिखा गया था। इसके बाद मंत्रालय ने राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान देहरादून को निर्देश दिया था कि यह केंद्र हल्द्वानी में खोला जाए।
मेडिकल कॉलेज के पास भवन मांगा गया
हल्द्वानी। पत्र में हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के आसपास तीन से पांच एकड़ भूमि स्थायी भवन के निर्माण के लिए आवंटित किए जाने की बात कही गई है। अजय भट्ट ने कहा है कि उनके संसदीय क्षेत्र का अधिकांश भाग पहाड़ी और सैनिक बहुल है। यहां इस तरह का कोई पुनर्वास केंद्र भी नहीं है। ऐसे में चुनाव आचार संहिता लगने से पहले केंद्र खोले जाने के लिए अस्थायी भवन उपलब्ध कराया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
अजय भट्ट ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय विभिन्न राज्यों में ये केंद्र स्थापित कर रहा है। इसे लेकर मार्च-2021 को एक पत्र मंत्रालय को लिखा गया था। इसके बाद मंत्रालय ने राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान देहरादून को निर्देश दिया था कि यह केंद्र हल्द्वानी में खोला जाए।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के पास भवन मांगा गया
हल्द्वानी। पत्र में हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के आसपास तीन से पांच एकड़ भूमि स्थायी भवन के निर्माण के लिए आवंटित किए जाने की बात कही गई है। अजय भट्ट ने कहा है कि उनके संसदीय क्षेत्र का अधिकांश भाग पहाड़ी और सैनिक बहुल है। यहां इस तरह का कोई पुनर्वास केंद्र भी नहीं है। ऐसे में चुनाव आचार संहिता लगने से पहले केंद्र खोले जाने के लिए अस्थायी भवन उपलब्ध कराया जाए।
विज्ञापन