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शिक्षा के क्षेत्र में अहम योगदान था प्रताप भैया का
भूपेंद्र मोहन रौतेला
Updated Tue, 23 Aug 2016 12:34 AM IST
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समाज में विरले ही व्यक्ति ऐसे होते हैं जो क्रांतिकारी नूतन विचार, कर्म और सेवा से जनमानस को न केवल नई दिशा देते हैं वरन मृत्यु के बाद भी अजर अमर होकर भविष्य के लिए प्रेरणा बन जाते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत थे प्रताप भैया।
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प्रताप भैया का जन्म 30 दिसंबर 1932 को नैनीताल जिले के च्यूरीगाड़ गांव में आन सिंह के घर में हुआ था। प्रताप भैया 1957 से लेकर 1962 तक उत्तर प्रदेश विधान सभा में सबसे कम उम्र के विधायक और 967-68 में 10 माह तक उत्तर प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य व सहकारिता विभाग मेें सबसे कम उम्र के कैबिनेट मंत्री रहे।
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शैक्षिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए प्रताप भैया ने 1959 में थारु इंटर कालेज खटीमा की स्थापना की। जवानों की स्मृति में 1 जुलाई 1964 को भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय नैनीताल की स्थापना की।
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यह विद्यालय आज भी यूरोपियन पब्लिक स्कूलों का विकल्प बना है। भैया ने शिक्षाविद् आचार्य नरेंद्र देव से प्रेरणा लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 120 से अधिक स्कूल स्थापित किए।
प्रखर समाजवादी विचारक भैया चौैधरी चरण सिंह, एनडी तिवारी, चंद्रशेखर, वीवी गिरी, ज्ञानी जैल सिंह के काफी करीबी रहे। प्रताप भैया का निधन 23 अगस्त 2010 को हुआ।