{"_id":"5814fcef4f1c1b5d7ebc1a44","slug":"prakash-joshi-swaraj-ashram-silent-protest-of-thousands-converged-on-congress","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वराज आश्रम में प्रकाश जोशी के मौन धरने पर जुटे बड़ी संख्या में कांग्रेसी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वराज आश्रम में प्रकाश जोशी के मौन धरने पर जुटे बड़ी संख्या में कांग्रेसी
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
Updated Sun, 30 Oct 2016 01:17 AM IST
विज्ञापन
कांग्रेस
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस के स्वराज आश्रम में शनिवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के भजन रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता राम... की गूंज रही। एमबीपीजी कालेज छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई की करारी हार के बाद दर्जनों कांग्रेसी अपने ही एक बड़े नेता के विरोध में एक मंच पर आ गए।
कांग्रेसियों का नेतृत्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी ने किया। जोशी के साथ कांग्रेसियों ने स्वराज आश्रम में तीन घंटे तक मौन रहकर प्रायश्चित कर महात्मा गांधी के प्रिय भजन के माध्यम से विरोध प्रदर्शित किया।
एमबीपीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव जीतने के बाद नीरज मेहरा ने कांग्रेस के एक बड़े नेता का आशीर्वाद लिया था। इसको लेकर कांग्रेस में घमासान मचा है। छात्रसंघ अध्यक्ष नीरज मेहरा को आरएसएस से जुड़ा बताकर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी समेत कई नेताओं ने विरोध किया है।
विज्ञापन
यह अब कांग्रेस के भीतर का सियासी मुद्दा बन गया है। बयानों का दौर चलने के बाद राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी ने सोशल मीडिया के माध्यम से कार्यकर्ताओं से स्वराज आश्रम में शनिवार को दोपहर 12 बजे से आहूत मौन धरने पर पहुंचने का आह्वान किया था।
इस पर कई दिग्गज कांग्रेसियों की निगाहें लगी हुईं थी। लिहाजा स्वराज आश्रम में दोपहर 12 बजे से मौन धरना शुरू होने से पहले ही करीब साढ़े 11 बजे ललित जोशी, महेश कांडपाल समेत कई कार्यकर्ता पहुंच गए थे।
इसी बीच एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुमित्तर भुल्लर के पहुंचने के साथ ही आयोजक राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी भी समर्थकों के साथ पहुंचे। इसके बाद स्वराज आश्रम परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के संदेश लिखे बैनर के नीचे कांग्रेस के ही एक बड़े नेता के खिलाफ कांग्रेस का ही मौन धरना शुरू हो गया।
एक - एक कर मौन धरना स्थल पर बड़ी संख्या में बड़े नेता विरोधी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई। विभिन्न स्थानों से पहुंचे कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं में पूर्व दर्जा राज्यमंत्री ललित जोशी, उत्तराखंड कोआपरेटिव बैंक के अध्यक्ष संजीव आर्या, ब्लाक प्रमुख भोला दत्त भट्ट, हरेंद्र बोरा, किरन डालाकोटी, खजान पांडेय, राजेंद्र खनवाल, लालकुआं दुग्ध संघ के चेयरमैन संजय किरौला, प्रदेश सचिव विरेंद्र गुप्ता, नीरज तिवारी, गणेश उपाध्याय, उवैस राजा, अखिल भंडारी, राजेंद्र नेगी, निशांत पपनै, कालाढूंगी के पूर्व चेयरमैन दीप चंद्र सती, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष आशा बिष्ट, एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुमित्तर भुल्लर, एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष सचिन जलाल, ओमप्रकाश, खलील वारसी, ममता जोशी, राजेश जोशी, अनुपमा शर्मा आदि दर्जनों कांग्रेसी मौजूद रहे।
मौन धरना ठीक अपराह्न तीन बजे समाप्त कर दिया गया।
प्रायश्चित करने पहुंचे अधिकांश दावेदार
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी के मौन धरने पर पहुंचे कई ऐसे चेहरे भी दिखाई दिए जो वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में टिकट के प्रबल दावेदार हैं। कई टिकट के दावेदार अपने नंबर बढ़ाने के लिए अपने साथ दो चार समर्थक भी लेकर आए थे।
विज्ञापन
कांग्रेसियों का नेतृत्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी ने किया। जोशी के साथ कांग्रेसियों ने स्वराज आश्रम में तीन घंटे तक मौन रहकर प्रायश्चित कर महात्मा गांधी के प्रिय भजन के माध्यम से विरोध प्रदर्शित किया।
विज्ञापन
एमबीपीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव जीतने के बाद नीरज मेहरा ने कांग्रेस के एक बड़े नेता का आशीर्वाद लिया था। इसको लेकर कांग्रेस में घमासान मचा है। छात्रसंघ अध्यक्ष नीरज मेहरा को आरएसएस से जुड़ा बताकर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी समेत कई नेताओं ने विरोध किया है।
विज्ञापन
यह अब कांग्रेस के भीतर का सियासी मुद्दा बन गया है। बयानों का दौर चलने के बाद राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी ने सोशल मीडिया के माध्यम से कार्यकर्ताओं से स्वराज आश्रम में शनिवार को दोपहर 12 बजे से आहूत मौन धरने पर पहुंचने का आह्वान किया था।
इस पर कई दिग्गज कांग्रेसियों की निगाहें लगी हुईं थी। लिहाजा स्वराज आश्रम में दोपहर 12 बजे से मौन धरना शुरू होने से पहले ही करीब साढ़े 11 बजे ललित जोशी, महेश कांडपाल समेत कई कार्यकर्ता पहुंच गए थे।
इसी बीच एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुमित्तर भुल्लर के पहुंचने के साथ ही आयोजक राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी भी समर्थकों के साथ पहुंचे। इसके बाद स्वराज आश्रम परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के संदेश लिखे बैनर के नीचे कांग्रेस के ही एक बड़े नेता के खिलाफ कांग्रेस का ही मौन धरना शुरू हो गया।
एक - एक कर मौन धरना स्थल पर बड़ी संख्या में बड़े नेता विरोधी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई। विभिन्न स्थानों से पहुंचे कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं में पूर्व दर्जा राज्यमंत्री ललित जोशी, उत्तराखंड कोआपरेटिव बैंक के अध्यक्ष संजीव आर्या, ब्लाक प्रमुख भोला दत्त भट्ट, हरेंद्र बोरा, किरन डालाकोटी, खजान पांडेय, राजेंद्र खनवाल, लालकुआं दुग्ध संघ के चेयरमैन संजय किरौला, प्रदेश सचिव विरेंद्र गुप्ता, नीरज तिवारी, गणेश उपाध्याय, उवैस राजा, अखिल भंडारी, राजेंद्र नेगी, निशांत पपनै, कालाढूंगी के पूर्व चेयरमैन दीप चंद्र सती, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष आशा बिष्ट, एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुमित्तर भुल्लर, एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष सचिन जलाल, ओमप्रकाश, खलील वारसी, ममता जोशी, राजेश जोशी, अनुपमा शर्मा आदि दर्जनों कांग्रेसी मौजूद रहे।
मौन धरना ठीक अपराह्न तीन बजे समाप्त कर दिया गया।
प्रायश्चित करने पहुंचे अधिकांश दावेदार
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी के मौन धरने पर पहुंचे कई ऐसे चेहरे भी दिखाई दिए जो वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में टिकट के प्रबल दावेदार हैं। कई टिकट के दावेदार अपने नंबर बढ़ाने के लिए अपने साथ दो चार समर्थक भी लेकर आए थे।