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खेल आलू का, आपके गए दो रुपए उन्होंने कमाए दो लाख
नवीन सक्सेना/अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Thu, 29 Jan 2015 01:54 AM IST
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थोक मंडी में आलू के दामों में भी बड़ा खेल कैसे होता है, बड़े आढ़ती मामूली दाम बढ़ाकर कैसे लाखों रुपए का वारान्यारा कर लेते हैं, इसका उदाहरण बुधवार को देखने को मिला। आलू मंगलवार तक 600 रुपए क्विंटल के भाव बिका था, उसे एक दिन ही बाद यानी बुधवार को 100 रुपए बढ़ाकर 700 रुपए क्विंटल कर दिया गया। इसका असर सीधे तौर पर फुटकर मंडी पर पड़ा और सब्जी मंडी में आलू के रेट 40 रुपए धड़ी से 50 रुपए धड़ी (दो रुपए किलो महंगा) पहुंच गए।
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हल्द्वानी थोक मंडी में इस समय आलू की सप्लाई फर्रुखाबाद से हो रही है। आलू के थोक भाव मामूली रूप से उछाल कर थोक मंडी में कैसे लाखों रुपए का खेल आसानी से हो जाता है, इस बारे में पड़ताल करने पर चौंकाने वाली जानकारी मिली है। थोक मंडी से जुड़े जानकार सूत्रों की मानें तो आलू का कट्टा 50 किलो का होता है, इसके दाम मंगलवार तक 300 रुपए थे। बुधवार को थोक मंडी में आलू के बड़े व्यापारियों ने मुनाफा कमाने के लिए ऐसा खेल किया कि आपकी जेब तो हल्की सी कटी पर आलू के आढ़तियों की चांदी हो गई।
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किसी को अंदाजा ही नहीं हुआ और उनके वारेन्यारे हो गए। बताते हैं कि थोक मंडी में बुधवार को आलू का कट्टा जो मंगलवार तक 300 रुपए का था उसे 350 रुपए में बेचा गया और कट्टे का वजन भी घटाकर 50 से 45 किलो कर दिया गया। इस तरह फुटकर विक्रेता को आलू 150 रुपए किलो महंगा मिला। इस वजह से फुटकर सब्जी मंडी में आलू 40 रुपए से 50 रुपए धड़ी पहुंच गया।
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अब आप सोचेंगे कि एक धड़ी आलू पर 10 रुपए बढ़ने से क्या अंतर पड़ता है लेकिन यही थोड़ा सा अंतर बड़ा मुनाफा है। मुनाफे में खेल यह है कि एक ट्रक में करीब 25 टन आलू आता है और आलू के थोक व्यापारी ने अगर एक क्विंटल पर 100 रुपए का मुनाफा कमाया तो एक टन पर हो गया एक हजार और एक ट्रक आलू पर हुआ 25 हजार रुपए का सीधा सपाट मुनाफा। हल्द्वानी मंडी जो कि पूरे कुमाऊं को यही से आपूर्ति करती है इसलिए यहां प्रतिदिन 10 से 12 ट्रक आलू की बिक्री होती है। जब एक ट्रक पर 25 हजार का मुनाफा तो 10 ट्रक आलू की बिक्री पर ढाई लाख रुपए का मुनाफा सिर्फ एक ही दिन में, है न आपकी झोली में चार आलू कम उनके लाखों नोट हरे।
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26 जनवरी की वजह से फर्रुखाबाद से आलू कम आने पर थोक भाव में मामूली सी तेजी आई। कट्टे पर 20-50 रुपए बढ़ने से क्या फर्क पड़ता है। यह तो सब्जी का कारोबार है थोक भाव ऊपर नीचे होते रहते हैं। मंगलवार को आलू 600 रुपए क्विंटल था बुधवार को 700 रुपए क्विंटल थोक भाव रहा।
शाहिद रजा, आलू थोक व्यापारी, हल्द्वानी मंडी
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बुधवार को आलू के भाव में तेजी आने की वजह फर्रुखाबाद से गाड़ी कम आना बताया जा रहा है। मुनाफा कमाने के लिए कुछ व्यापारियों ने अगर आलू के थोक भाव में तेजी की गई तो इसका पता किया जाएगा।
भूपाल सिंह जंतवाल, अध्यक्ष आलू फल आढ़ती एसोसिएशन
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मंडी में बुधवार को आलू थोक व्यापारियों ने अगर थोक दाम मुनाफा कमाने के लिए अचानक बढ़ाए तो ऐसा करना ठीक नहीं है। इस मामले की जांच करने के आदेश मंडी सचिव को दे दिए गए हैं, सचिव 24 घंटे के अंदर आलू के थोक भाव बढ़ाने की जांच कर रिपोर्ट देंगे। मामला सही पाए जाने पर संबंधित आलू व्यापारियों के खिलाफ मंडी प्रशासन कार्रवाई करेगा।
सुमित हृदयेश, अध्यक्ष, मंडी समिति हल्द्वानी