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पीएमजीएसवाई मामला सरकार से मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल।
Updated Thu, 11 Aug 2016 11:52 PM IST
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हाईकोर्ट ने पीएमजीएसवाई के तहत प्रस्तावित लगभग एक हजार करोड़ की 189 सड़कों की निविदा प्रक्रिया के खिलाफ गढ़वाल रीजन कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई के बाद निविदा प्रक्रिया पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने इस मामले में प्रदेश सरकार को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार गढ़वाल रीजन कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि पीएमजीएसवाई के अंतर्गत राज्य में प्रस्तावित 189 सड़कों को साइट प्लान व नक्शा निविदा के साथ वेबसाइट में अपलोड नहीं किया गया है।
उन्होंने निविदा फार्म के साथ साइट प्लान व नक्शा ई-टेंडरिंग के कारण वेबसाइट में उपलब्ध होने को अनिवार्य बताया है तथा मांग की कि जब तक साइट प्लान व नक्शा वेबसाइट पर नहीं डाल दिया जाता तब तक टेंडर न किए जाए। जबकि सरकार की ओर से बताया गया कि इन सड़कों का साइट प्लान, नक्शा बहुत बड़ा है, जिन्हें वेबसाइट से अपलोड नहीं किया जा सकता है।
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इसलिए ठेकेदार आफिस आकर साइट प्लान देख सकते हैं, लेकिन ठेकेदार नक्शा, साइट प्लान देखने आफिस नहीं आए। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने सड़कों की निविदा प्रक्रिया पर रोक लगाने से इंकार करते हुए सरकार को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार गढ़वाल रीजन कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि पीएमजीएसवाई के अंतर्गत राज्य में प्रस्तावित 189 सड़कों को साइट प्लान व नक्शा निविदा के साथ वेबसाइट में अपलोड नहीं किया गया है।
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उन्होंने निविदा फार्म के साथ साइट प्लान व नक्शा ई-टेंडरिंग के कारण वेबसाइट में उपलब्ध होने को अनिवार्य बताया है तथा मांग की कि जब तक साइट प्लान व नक्शा वेबसाइट पर नहीं डाल दिया जाता तब तक टेंडर न किए जाए। जबकि सरकार की ओर से बताया गया कि इन सड़कों का साइट प्लान, नक्शा बहुत बड़ा है, जिन्हें वेबसाइट से अपलोड नहीं किया जा सकता है।
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इसलिए ठेकेदार आफिस आकर साइट प्लान देख सकते हैं, लेकिन ठेकेदार नक्शा, साइट प्लान देखने आफिस नहीं आए। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने सड़कों की निविदा प्रक्रिया पर रोक लगाने से इंकार करते हुए सरकार को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।