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नौ बेटियों को गोद लेकर उनका घर बसाने का संकल्प

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 08 Mar 2021 01:53 AM IST
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Pledge to adopt nine daughters and settle them
हल्द्वानी। गौजाजाली में श्रद्धा महिला एवं बाल विकास संस्था चला रही पुष्पा कांडपाल के जज्बे को हर कोई सलाम करता है। वह 67 बच्चों को निशुल्क ट्यूशन पढ़ा रही हैं। 300 महिलाओं को रोजगार दिलाया है और नौ बच्चियों को गोद लिया है। उनका मासिक खर्च खुद उठाकर शादी कराने का संकल्प भी लिया है।
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पुष्पा के अनुसार 17 साल की उम्र में एक महिला अपने तीन बच्चों को पढ़ाने के लिए मेरे पास लाई और कहने लगी कि इन्हें पढ़ा दो तो मैं आपके घर, झाड़ू पोछा कर दूंगी। महिला ने मुझे ऐसा झकझोरा कि तभी से मैंने बच्चों को निशुल्क पढ़ाने का प्रण ले लिया। तब से लगातार आठवीं कक्षा तक के बच्चों को निशुल्क पढ़ा रही हूं। शादी के बाद सास, ससुर का भरपूर सहयोग मिला। पुष्पा के अनुसार आज तक उन्होंने कोई सरकारी सहायता नहीं ली है। निर्बल वर्ग की महिलाओं को रोजगार देने के लिए 2018 में संस्था बनाई और निशुल्क सिलाई, कढ़ाई, ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण शुरू कराया। उनके बच्चों कोभी निशुल्क पढ़ाने का जिम्मा लिया। लॉकडाउन में 6 हजार मास्क, दो हजारलीटर सैनिटाइजर संस्था में तैयार कर निशुल्क बांटा।
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पहले डाक वाहन चलाया, अब बेच रही सब्जी
हल्द्वानी। काठगोदाम निवासी तुलसी तिवारी के जज्बे को आज हर कोई सलाम करता है। परचून की दुकान चलाने वाले तुलसी के पति की 13 साल पूर्व मृत्यु हो गई। इसके तुलसी के सामने एक बेटा समेत छह बच्चों के भरण पोषण की चुनौती आ गई। तुलसी ने हार नहीं मानी और पति के कारोबार को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। पहले सब्जी की दुकान लगाई और मंडी से सब्जी ढोने के लिए बैंक से ऋण लेकर एक छोटा हाथी वाहन खरीदा। कुछ समय तक ड्राइवर रखा और उसी से वाहन चलाना सीखा। अब वह रोजाना खुद ही मंडी से सब्जी लेकर आती हैं।
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इससे पहले डाक विभाग ने काठगोदाम से नैनीताल तक डाक ढोने के लिए वाहन का टेंडर निकाला। उन्होंने भी टेंडर में भाग लिया। टेंडर मिला तो पांच साल तक नैनीताल तक डाक ढोने का काम किया। आज उन्होंने दो बेटियों की शादी कर दी है। बेटे ने बीबीए किया है और तीन बेटियां पढ़ाई कर रही हैं। बुरे दिन बीतने लगे हैं और अब परिवार कुछ संभलने लगा है। आज भी रोजाना सुबह मंडी जाकर वाहन से सब्जी ढोती हैं।
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