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नाटकों, नृत्य की प्रस्तुति से दर्शक हुए मंत्रमुग्ध
अमर उजाला ब्यूरो रामनगर
Updated Thu, 02 Feb 2017 01:44 AM IST
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नाटकों, नृत्य की प्रस्तुति से दर्शक हुए मंत्रमुग्ध
- फोटो : अमर उजाला
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प्रगतिशील सांस्कृतिक पर्वतीय समिति पैठपड़ाव के तत्वावधान में 23वां वसंत महोत्सव जारी है। तीसरे दिन बुधवार को प्रदेश के अलग-अलग शहरों से आए रंगकर्मियों ने रंगमंच पर कुमाऊंनी, गढ़वाली, जौनसारी, नीती माणा शैली पर आधारित नाटकों व नृत्य की प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया।
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परिसर प्रांगण में तीसरे दिन मुख्य सांस्कृतिक प्रतियोगिता का शुभारंभ भाजपा नेता हरीश पंत ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान समिति अध्यक्ष दिनेश चंद्र हर्बोला, सचिव दीप चंद्र जोशी, मनोज सती, मनोज तिवारी, बाला दत्त मठवाल, कैलाश चंद्र जोशी, नवीन करगेती, गिरीश मठपाल, अमित लोहनी, दिनेश सत्यवली, भावना भट्ट, रेवती सुंदरियाल, सोनी जोशी, मानवेंद्र कालाकोटी, शमशेर बिष्ट, अमित बेलवाल, भारत नेगी, दीपक डंगवाल, देवेेंद्र सिंह देबू, संजय डंगवाल, कमल सती आदि थे।
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इन नाटकों का मंचन किया गया
भोर सोसायटी रामनगर द्वारा प्रतिध्वनि नाटक का मंचन निर्देशक संजय रिखाड़ी के निर्देशन में किया गया। इसमें दिखाया गया कि ग्राम मल्ला बाखली में एक शानदार जश्न की तैयारी जोरशोर से चल रही है, क्योंकि अगले साल गांव में प्रधान के चुनाव होने वाले हैं।
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इसके चलते मुंबई से एक डायरेक्टर को नाटक तैयार करने के लिए बुलाया जाता है। निर्देशक गांव के लोगों के साथ गौरा देवी पर एक नाटक तैयार कराती है, जिसे लोग पसंद करते है।
गौरा के जीवन से प्रभावित होकर गांव की एक महिला गांव में प्रधान के चुनाव के लिए आगे आती है, जहां से कहानी अपना स्वरूप बदल लेती हैं। नाटक में गांव के जीवन से लेकर पुरुष मानसिकता और महिलाओं की स्थिति का चित्रण किया गया था।
हिम मयूर सामाजिक वानिकी लोक कला मंच उत्तरकाशी द्वारा नाटक जीतू बगडवाल का मंचन त्रेपन सिंह पंवार के निर्देशन में किया गया। इसमें दिखाया गया कि जीतू बगडवाल एक वीर भद्र एवं देवी शक्ति वाला वीर था।
वह उत्तरकाशी जिला बगोड़ी गांव का था। उसने अपनी बांसुरी की धुन से से इंद्र की परी को भी मोहित कर लिया और उसे अपने साथ ले जाने का वादा किया। लेकिन, वह घमंडी व्यक्ति भी था, उसने उन परियों को धिक्कारा।
उसने अपनी साली का जिक्र किया साथ ही वहां खेत में रोपाई की बात कही। उसकी साली रैथ की रहने वाली थी और यह गांव गंगोत्री मार्ग पर पड़ता है।
जय गोवीनाथ कला संगम गोपेश्वर द्वारा रेबार नाटक का मंचन किया गया। इसमें पर्यावरण और वसंत ऋतु से संबंधित मंचन किया गया। जय गंगा सांस्कृतिक समिति नैनीताल के कलाकारों ने सतीश पांडे के निर्देशन में पुराने समय का बाल विवाह नाटक का मंचन किया।
इसके अलावा विधाओं के तहत कर्ण भूमि कला मंच कर्ण प्रयाग, युवा ग्रुप अंगवाल देहरादून, नवयुवक सांस्कृतिक समिति अल्मोड़ा, रामनगर सांस्कृतिक समिति, पिंडर घाटी सांस्कृतिक कला मंच थराली द्वारा लोक नृत्यों का मंचन किया गया।