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्बिजली से लोग रात दिन बिलविलाए
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हाईलाइटर: 38.8 डिग्री तापमान के साथ पड़ रही झुलसाती भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। बिजली गुल होने से नलकूपों का संचालन भी ठप हो गया। पंखे, कूलर नहीं चलने से लोग उमसभरी गर्मी से परेशान रहे वहीं पेयजल आपूर्ति बाधित होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक बिजली कटौती होने से बच्चे, बूढ़े, जवान सभी परेशान रहे। इन्वर्टर भी जवाब दे गए। कई लोगों के मोबाइल की बैटरी डिस्चार्ज होने से लोग जरूरी कामों के लिए भी एक दूसरे से संपर्क नहीं कर पाए। बिजली कटौती झेल रहे लोगों में ऊर्जा निगम के खिलाफ खासी नाराजगी देखी गई।
हल्द्वानी/हल्दूचौड़। मंगलवार रात के बाद बुधवार को भी जिले के अधिकांश इलाकों में बिजली गुल होने से आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। ऊर्जा निगम के बिना जानकारी के अघोषित बिजली कटौती किए जाने से लोग खासे परेशान रहे। बिजली गुल होने से शहर और आसपास के 72 नलकूपों का संचालन ठप हो गया। जिस वजह से तमाम इलाकों में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। बिजली गुल होने से व्यापारियों, कर्मचारियों, अस्पतालों में मरीजों, तीमारदारों, घरों में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को खासी परेशानी हुई। ऊर्जा निगम के अधिकारियों का कहना है कि बिजली लाइनों पर आ रहे पेड़ों की लॉपिंग के चलते शठ डाउन लिया गया। इसके अलावा ऋषिकेश कंट्रोल रूम के निर्देश कटौती हुई।
शहर से देहात तक मंगलवार रात कुछ इलाकों में 10 बजे से 12 बजे तो कहीं पूरी रात बिजली गुल रही। गर्मी से परेशान कई लोगों ने छत पर सोकर रात गुजारी। बुधवार सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक शहर और आसपास के अधिकांश इलाकों में बिजली गुल हो गई। शहर के काठगोदाम से लेकर भोटिया पड़ाव, कालाढूंगी रोड क्षेत्र तक सुबह 10 बजे से दो बजे और देहात के इलाकों टीपीनगर, कठघरिया, फूलचौड़ में दस से चार बजे तक पेड़ों की लॉपिंग के नाम पर शट डाउन लिया गया। शाम सवा पांच बजे फिर बिजली गुल होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। ऊर्जा निगम के ईई टाउन डीएस बिष्ट ने बताया कि पेड़ों की लॉपिंग के लिए शट डाउन लिया जबकि ईई ग्रामीण डीडी पांगती ने बताया कि देहात में भी लाइनों की मरम्मत के लिए शट डाउन लिया गया था।
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इन इलाकों में हुई कटौती: हल्द्वानी शहर से जुडे़ काठगोदाम, रानीबाग, कठघरिया, सुभाषनगर, ऊंचापुल, कुसुमखेड़ा, हिम्मतपुर मल्ला, तल्ला, हल्द्वानी शहर, बरेली रोड, रामपुर रोड, हल्द्वानी ग्रामीण से जुडे़ देवलचौड़, टीपीनगर, धौलाखेड़ा, पंचायतघर, लालकुआं, हल्दूचौड़, मोटा हल्दू, तीनपानी, गोरा पड़ाव, गौलापार, चोरगलिया क्षेत्र।
बिजली की आपूर्ति कम डिमांड ज्यादा बढ़ी
हल्द्वानी। प्रदेश में जल विद्युत परियोजनाओं में बिजली का उत्पादन कम हो रहा है। देश के बिजली घरों के लिए कोयला और गैस की आपूर्ति कम होने के कारण भी उत्पादन घट गया है। उत्तराखंड में वर्तमान समय में बिजली की आपूर्ति कम हो रही और उपभोक्ताओं की डिमांड बढ़ गई है। इसी कारण देहरादून मुख्यालय से कटौती की जा रही है। विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता एएस गर्ब्याल ने बताया कि नैनीताल जिले में डिमांड बढ़ गई है। प्रदेश को 44 मिलियन यूनिट (एमयू) बिजली की जरूरत है। 15 एमयू बिजली कम मिल रही है। विभाग को पांच एमयू बिजली उच्च दरों पर खरीदनी पड़ रही है। अभी 11 एमयू की कमी बरकरार है।
भाबर क्षेत्र को विद्युत कटौती से मुक्त रखा गया था। इस बार अघोषित बिजली कटौती हो रही है। मामले को सदन में उठाया जाएगा। ऊर्जा निगम के एमडी से वार्ता कर बताया गया है कि भाबर में सिंचाई और पेयजल के नलकूपों के लिए बिजली की जरूरत होती है। कटौती से पेयजल का संकट पैदा हो गया है। तत्काल कटौती बंद करें।
- डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, विधायक लालकुआं।
बिजली कटौती से शहरवासी हुए हलकान
रामनगर (नैनीताल)। शहर और गांव में अघोषित बिजली कटौती का सिलसिला जारी है। शहर और गांव में हो रही बिजली कटौती से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। भीषण गर्मी और ऊपर से बिजली गुल होने से लोग परेशान हैं। चार से पांच घंटे की बिजली कटौती ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। ऊर्जा निगम के ईई बेगराज सिंह ने बताया कि प्रदेश में बिजली की कमी चल रही है, जिस वजह से कटौती की जा रही है।
हल्द्वानी। बिजली कटौती से शहर के 72 नलकूपों का संचालन ठप होने से लोगों को पानी की बूंद नहीं मिली। भीषण गर्मी के बीच पेयजल के लिए लोग इधर-उधर भटकते रहे। जलसंस्थान टैंकरों से भी लोगों को पर्याप्त आपूर्ति नहीं करा पाया। कई लोगों को निजी टैंकरों से महंगे दामों पर पानी खरीदना पड़ा। पेयजल किल्लत से परेशान लोगों में जलसंस्थान के खिलाफ गुस्सा है। शहर के हजारों परिवारों को पानी के लिए भटकना पड़ा। वार्ड नंबर 59 के पार्षद रईस अहमद वारसी ने बताया कि आम का बगीचा, चौधरी कॉलोनी, हिमालय स्कूल के पास, जोशी विहार, गणपति विहार समेत कई कॉलोनी ऐसी हैं जहां के करीब 300 से भी ज्यादा परिवार पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। पार्षद मनोज जोशी ने बताया कि खन्ना फार्म, दुर्गा विहार, इंद्र पुरी, स्याल कॉलोनी समेत कई इलाकों में लोग पानी की परेशानी से जूझ रहे हैं। पानी लेने के लिए लोगों को घरों से कई किमी दूर जाना पड़ रहा है। बिजली कटौती की वजह से पानी को लेकर लोगों की परेशानी और भी बढ़ गई है।
हल्द्वानी। गर्मी के तेवर कम नहीं हो रहे। बुधवार को तापमान 38.8 डिग्री और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस रहा। मुक्तेश्वर में भी तापमान 27.5 पहुंच गया। यहां न्यूनतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने पर्वतीय जिलों में ओलावृष्टि और मैदानी क्षेत्रों में 70 से 80 किमी की रफ्तार से तेज झक्कड़ का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 22 अप्रैल को भी गर्जन के साथ ओलावृष्टि की संभावना जताई है। बुधवार का दिन भी तपिश भरा रहा। दोपहर में बार बार बिजली जाने और दोपहर बाद बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोगों को गर्मी ने बेचैन रखा। (संवाद)
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हल्द्वानी/हल्दूचौड़। मंगलवार रात के बाद बुधवार को भी जिले के अधिकांश इलाकों में बिजली गुल होने से आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। ऊर्जा निगम के बिना जानकारी के अघोषित बिजली कटौती किए जाने से लोग खासे परेशान रहे। बिजली गुल होने से शहर और आसपास के 72 नलकूपों का संचालन ठप हो गया। जिस वजह से तमाम इलाकों में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। बिजली गुल होने से व्यापारियों, कर्मचारियों, अस्पतालों में मरीजों, तीमारदारों, घरों में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को खासी परेशानी हुई। ऊर्जा निगम के अधिकारियों का कहना है कि बिजली लाइनों पर आ रहे पेड़ों की लॉपिंग के चलते शठ डाउन लिया गया। इसके अलावा ऋषिकेश कंट्रोल रूम के निर्देश कटौती हुई।
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शहर से देहात तक मंगलवार रात कुछ इलाकों में 10 बजे से 12 बजे तो कहीं पूरी रात बिजली गुल रही। गर्मी से परेशान कई लोगों ने छत पर सोकर रात गुजारी। बुधवार सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक शहर और आसपास के अधिकांश इलाकों में बिजली गुल हो गई। शहर के काठगोदाम से लेकर भोटिया पड़ाव, कालाढूंगी रोड क्षेत्र तक सुबह 10 बजे से दो बजे और देहात के इलाकों टीपीनगर, कठघरिया, फूलचौड़ में दस से चार बजे तक पेड़ों की लॉपिंग के नाम पर शट डाउन लिया गया। शाम सवा पांच बजे फिर बिजली गुल होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। ऊर्जा निगम के ईई टाउन डीएस बिष्ट ने बताया कि पेड़ों की लॉपिंग के लिए शट डाउन लिया जबकि ईई ग्रामीण डीडी पांगती ने बताया कि देहात में भी लाइनों की मरम्मत के लिए शट डाउन लिया गया था।
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इन इलाकों में हुई कटौती: हल्द्वानी शहर से जुडे़ काठगोदाम, रानीबाग, कठघरिया, सुभाषनगर, ऊंचापुल, कुसुमखेड़ा, हिम्मतपुर मल्ला, तल्ला, हल्द्वानी शहर, बरेली रोड, रामपुर रोड, हल्द्वानी ग्रामीण से जुडे़ देवलचौड़, टीपीनगर, धौलाखेड़ा, पंचायतघर, लालकुआं, हल्दूचौड़, मोटा हल्दू, तीनपानी, गोरा पड़ाव, गौलापार, चोरगलिया क्षेत्र।
बिजली की आपूर्ति कम डिमांड ज्यादा बढ़ी
हल्द्वानी। प्रदेश में जल विद्युत परियोजनाओं में बिजली का उत्पादन कम हो रहा है। देश के बिजली घरों के लिए कोयला और गैस की आपूर्ति कम होने के कारण भी उत्पादन घट गया है। उत्तराखंड में वर्तमान समय में बिजली की आपूर्ति कम हो रही और उपभोक्ताओं की डिमांड बढ़ गई है। इसी कारण देहरादून मुख्यालय से कटौती की जा रही है। विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता एएस गर्ब्याल ने बताया कि नैनीताल जिले में डिमांड बढ़ गई है। प्रदेश को 44 मिलियन यूनिट (एमयू) बिजली की जरूरत है। 15 एमयू बिजली कम मिल रही है। विभाग को पांच एमयू बिजली उच्च दरों पर खरीदनी पड़ रही है। अभी 11 एमयू की कमी बरकरार है।
भाबर क्षेत्र को विद्युत कटौती से मुक्त रखा गया था। इस बार अघोषित बिजली कटौती हो रही है। मामले को सदन में उठाया जाएगा। ऊर्जा निगम के एमडी से वार्ता कर बताया गया है कि भाबर में सिंचाई और पेयजल के नलकूपों के लिए बिजली की जरूरत होती है। कटौती से पेयजल का संकट पैदा हो गया है। तत्काल कटौती बंद करें।
- डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, विधायक लालकुआं।
बिजली कटौती से शहरवासी हुए हलकान
रामनगर (नैनीताल)। शहर और गांव में अघोषित बिजली कटौती का सिलसिला जारी है। शहर और गांव में हो रही बिजली कटौती से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। भीषण गर्मी और ऊपर से बिजली गुल होने से लोग परेशान हैं। चार से पांच घंटे की बिजली कटौती ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। ऊर्जा निगम के ईई बेगराज सिंह ने बताया कि प्रदेश में बिजली की कमी चल रही है, जिस वजह से कटौती की जा रही है।
हल्द्वानी। बिजली कटौती से शहर के 72 नलकूपों का संचालन ठप होने से लोगों को पानी की बूंद नहीं मिली। भीषण गर्मी के बीच पेयजल के लिए लोग इधर-उधर भटकते रहे। जलसंस्थान टैंकरों से भी लोगों को पर्याप्त आपूर्ति नहीं करा पाया। कई लोगों को निजी टैंकरों से महंगे दामों पर पानी खरीदना पड़ा। पेयजल किल्लत से परेशान लोगों में जलसंस्थान के खिलाफ गुस्सा है। शहर के हजारों परिवारों को पानी के लिए भटकना पड़ा। वार्ड नंबर 59 के पार्षद रईस अहमद वारसी ने बताया कि आम का बगीचा, चौधरी कॉलोनी, हिमालय स्कूल के पास, जोशी विहार, गणपति विहार समेत कई कॉलोनी ऐसी हैं जहां के करीब 300 से भी ज्यादा परिवार पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। पार्षद मनोज जोशी ने बताया कि खन्ना फार्म, दुर्गा विहार, इंद्र पुरी, स्याल कॉलोनी समेत कई इलाकों में लोग पानी की परेशानी से जूझ रहे हैं। पानी लेने के लिए लोगों को घरों से कई किमी दूर जाना पड़ रहा है। बिजली कटौती की वजह से पानी को लेकर लोगों की परेशानी और भी बढ़ गई है।
हल्द्वानी। गर्मी के तेवर कम नहीं हो रहे। बुधवार को तापमान 38.8 डिग्री और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस रहा। मुक्तेश्वर में भी तापमान 27.5 पहुंच गया। यहां न्यूनतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने पर्वतीय जिलों में ओलावृष्टि और मैदानी क्षेत्रों में 70 से 80 किमी की रफ्तार से तेज झक्कड़ का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 22 अप्रैल को भी गर्जन के साथ ओलावृष्टि की संभावना जताई है। बुधवार का दिन भी तपिश भरा रहा। दोपहर में बार बार बिजली जाने और दोपहर बाद बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोगों को गर्मी ने बेचैन रखा। (संवाद)