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सिस्टम की लापरवाही: 125 किलोमीटर खोद दी सड़क, खाता नहीं खुलने से लोनिवि का पैसा अटका, अब कैसे बनाएं बदहाल रोड
Fri, 27 Oct 2023 10:17 AM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: हीरा मेहरा
Updated Fri, 27 Oct 2023 10:17 AM IST
सार
शहर की कई सड़कें अब भी बदहाली के दौर से गुजर रही हैं। जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, इनसे गुजरना दुश्वार हो रहा है। ये सड़कें हादसों का सबब बनी हुई हैं।
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सड़क पर उड़ती धूल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लोनिवि मुख्यालय में बैठे अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा करीब 8 लाख की आबादी भुगत रही है। खोदी गई सड़कों से उड़ती धूल शहरवासियों के लिए दमघोंटू साबित हो रही है। परेशान बच्चे और बुजुर्ग मास्क तक पहनने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
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लोनिवि का खाता नहीं खुलने के कारण जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कों की रोड कटिंग का पैसा जल संस्थान लोनिवि को हस्तांतरित नहीं कर पा रहा है। बजट नहीं होने के कारण लोनिवि खोदी गई सड़कों के गड्ढें नहीं भर पा रहा है जबकि लोनिवि के अधिकारी शासन को कई पत्र भेज चुके हैं।
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जल जीवन मिशन के तहत लालकुआं और कालाढूंगी विधानसभा में पेयजल लाइन बिछाई जा रही हैं। पेयजल लाइन बिछाने के लिए छह महीने से सड़कों को खोदा जा रहा है। अब तक करीब 125 किलोमीटर सड़क खोदी गई हैं। इसके एवज में जल संस्थान को लोनिवि को 26 करोड़ रुपया देना है। नियमों के अनुसार ये पैसा लोनिवि के बैंक खाते में जाना है।
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लोक निर्माण विभाग का बैंक खाता नहीं है। लोक निर्माण विभाग शासन को बैंक अकाउंट खोलने के लिए कई बार पत्र भेज चुका है लेकिन नतीजा सिफर है। इस कारण जल संस्थान रोड कटिंग के 26 करोड़ रुपये लोनिवि को नहीं दे पा रहा है। बजट नहीं होने के कारण लोनिवि सड़कों के गड्ढे भी भर नहीं पा रहा है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि शासन को पत्र भेजकर अकाउंट खोलने का अनुरोध किया गया है।
करीब चार किमी की बदहाल सड़क पर लोगों का चलना दुश्वार
शहर की कई सड़कें अब भी बदहाली के दौर से गुजर रही हैं। जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, इनसे गुजरना दुश्वार हो रहा है। ये सड़कें हादसों का सबब बनी हुई हैं। कुछ ऐसा ही हाल है रामपुर रोड धानमिल से निलियम कॉलोनी को जोड़ने वाली सड़क का। करीब पौने चार किलोमीटर सड़क बदहाल हो गई है। सीएम पोर्टल में शिकायत करने के बाद लोगों ने अब लोनिवि के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपा है। इस सड़क का निर्माण कार्य तीन करोड़ 80 लाख से होना है। बीते अगस्त में लोक निर्माण विभाग ने निर्माण कार्य शुरू किया। जेसीबी से सड़क खोदी गई। फिर उस पर पत्थर की गिट्टी और मिट्टी डाल दी गई।
दो माह से अधिक समय बीतने के बावजूद डामरीकरण नहीं किया गया। इससे सड़क पर चलना दुश्वार हो रहा है। वाहनों के गुजरने से पत्थर उछलकर दुकानों में जा रहे हैं तो वहीं धूल का गुबार घरों में घुस रहा है। क्षेत्र के लोगों ने सीएम पोर्टल पर इसकी शिकायत की, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। इस समस्या से क्षेत्र की लगभग सात हजार की आबादी प्रभावित है। लोग सड़क बनने का इंतजार कर रहे हैं।
लोगों की पीड़ा
लोगों का कहना है कि सड़क जल्द ठीक नहीं हुई तो क्षेत्र की आधी आबादी धूल से ही बीमार हो जाएगी। लोगों का आरोप है कि कुछ लोगों ने सड़क पर अतिक्रमण कर लिया है और अवैध निर्माण के बचाव में पेड़ लगा दिए हैं। उन्होंने अतिक्रमण हटाकर शीघ्र सड़क निर्माण की मांग की है। मांग करने वालों में धरम सिंह बिष्ट, दिनेश सिंह, मोहन सिंह, सुनील कश्यप, श्याम सुंदर पांडे, गुड़िया शर्मा, जयराम भट्ट, हरगोविंद पंत आदि शामिल हैं।
सड़क की धूल दुकान और घरों में आ रही है। रोज सुबह-शाम पानी डालना पड़ता है। सुबह ताजी हवा के लिए भी दूसरे क्षेत्रों में जाना पड़ता है। - गिरीश रावत, स्थानीय व्यापारी।
बरसात के बाद से सड़क खराब हो चुकी है। ठेकेदार बीच-बीच में आते रहे लेकिन डामरीकरण का काम शुरु नहीं हुआ। कई दुपहिया वाहन चालक चोटिल भी हो चुके हैं। -नितिन रौतेला, धानमिल रोड, डहरिया।
धूल के कारण बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है। घर में बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। इंतजार में हैं कि जल्द से जल्द सड़क दुरुस्त हो। -गीता जोशी, शिव विहार कॉलोनी।
घर के अंदर तक धूल पहुंच रही है जिससे बच्चे बीमार हो रहे हैं। बेवजह सड़क खोद दी गई। इससे अच्छी तो सड़क पहले थी, कम से कम लोगों को परेशानी तो नहीं झेलनी पड़ रही थी। -गीता बुधानी, धानमिल रोड निवासी।
शहर की कई सड़कें अब भी बदहाली के दौर से गुजर रही हैं। जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, इनसे गुजरना दुश्वार हो रहा है। ये सड़कें हादसों का सबब बनी हुई हैं। कुछ ऐसा ही हाल है रामपुर रोड धानमिल से निलियम कॉलोनी को जोड़ने वाली सड़क का। करीब पौने चार किलोमीटर सड़क बदहाल हो गई है। सीएम पोर्टल में शिकायत करने के बाद लोगों ने अब लोनिवि के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपा है। इस सड़क का निर्माण कार्य तीन करोड़ 80 लाख से होना है। बीते अगस्त में लोक निर्माण विभाग ने निर्माण कार्य शुरू किया। जेसीबी से सड़क खोदी गई। फिर उस पर पत्थर की गिट्टी और मिट्टी डाल दी गई।
दो माह से अधिक समय बीतने के बावजूद डामरीकरण नहीं किया गया। इससे सड़क पर चलना दुश्वार हो रहा है। वाहनों के गुजरने से पत्थर उछलकर दुकानों में जा रहे हैं तो वहीं धूल का गुबार घरों में घुस रहा है। क्षेत्र के लोगों ने सीएम पोर्टल पर इसकी शिकायत की, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। इस समस्या से क्षेत्र की लगभग सात हजार की आबादी प्रभावित है। लोग सड़क बनने का इंतजार कर रहे हैं।
लोगों की पीड़ा
लोगों का कहना है कि सड़क जल्द ठीक नहीं हुई तो क्षेत्र की आधी आबादी धूल से ही बीमार हो जाएगी। लोगों का आरोप है कि कुछ लोगों ने सड़क पर अतिक्रमण कर लिया है और अवैध निर्माण के बचाव में पेड़ लगा दिए हैं। उन्होंने अतिक्रमण हटाकर शीघ्र सड़क निर्माण की मांग की है। मांग करने वालों में धरम सिंह बिष्ट, दिनेश सिंह, मोहन सिंह, सुनील कश्यप, श्याम सुंदर पांडे, गुड़िया शर्मा, जयराम भट्ट, हरगोविंद पंत आदि शामिल हैं।
सड़क की धूल दुकान और घरों में आ रही है। रोज सुबह-शाम पानी डालना पड़ता है। सुबह ताजी हवा के लिए भी दूसरे क्षेत्रों में जाना पड़ता है। - गिरीश रावत, स्थानीय व्यापारी।
बरसात के बाद से सड़क खराब हो चुकी है। ठेकेदार बीच-बीच में आते रहे लेकिन डामरीकरण का काम शुरु नहीं हुआ। कई दुपहिया वाहन चालक चोटिल भी हो चुके हैं। -नितिन रौतेला, धानमिल रोड, डहरिया।
धूल के कारण बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है। घर में बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। इंतजार में हैं कि जल्द से जल्द सड़क दुरुस्त हो। -गीता जोशी, शिव विहार कॉलोनी।
घर के अंदर तक धूल पहुंच रही है जिससे बच्चे बीमार हो रहे हैं। बेवजह सड़क खोद दी गई। इससे अच्छी तो सड़क पहले थी, कम से कम लोगों को परेशानी तो नहीं झेलनी पड़ रही थी। -गीता बुधानी, धानमिल रोड निवासी।
इधर, सड़क के प्रस्ताव पर शासन की आपत्ति
शासन ने लोनिवि के वर्कशॉप लाइन से हल्द्वानी रेलवे स्टेशन तक सड़क के सात करोड़ के प्रस्ताव पर आपत्ति लगा दी है। अब लोनिवि वर्कशॉप लाइन की सड़क का भार टेस्ट कराएगा। इसके बाद ही सड़क का डिजाइन बनाया जाएगा। सड़क की जांच में सात दिन का समय लग सकता है। लोक निर्माण विभाग ने वर्कशॉप लाइन से हल्द्वानी रेलवे स्टेशन, चोरगलिया रोड सहित बाजार क्षेत्र की सड़कों के सात करोड़ के प्रस्ताव बनाकर भेजे थे। लोनिवि ने बजट की प्रत्याशा में इसके टेंडर भी करा दिए थे। अब शासन ने लोनिवि की डीपीआर पर आपत्ति लगा दी है। लोनिवि ने वर्कशॉप लाइन से हल्द्वानी रोडवेज स्टेशन की सड़क को कम भार क्षमता का बताया था। सड़क की भार क्षमता बढ़ाने के लिए इसमें एक लेयर डब्लूएमएम डालकर उसके उपर डामरीकरण की बात कही थी।
उधर शासन ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति लगा दी है। कहा कि जब वहां पूर्व में सड़क बनी है तो उसकी भार क्षमता का आकलन कैसे किया गया। अब दोबारा भार क्षमता का आकलन कर डीपीआर भेजने को कहा है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार ने कहा कि शासन ने डिजाइन पर आपत्ति लगाई है। अब सड़क की भार क्षमता की जांच कराई जाएगी। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
आपदा के एक माह बाद भी नहीं बन पाई सड़क
आपदा से क्षतिग्रस्त छोटी हल्द्वानी संपर्क मार्ग लोनिवि एक माह बाद भी ठीक नहीं कर पाया जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कालाढूंगी-रामनगर मुख्य मार्ग से वार्ड नंबर एक से छोटी हल्द्वानी गांव को जाने वाली मुख्य सड़क एक माह पहले मेथीशाह नाले में आई बाढ़ में बह गई थी। छोटी हल्द्वानी के ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शादियों का समय शुरू हो गया है। गांव की सड़क के क्षतिग्रस्त होने से लोगों को सामान लाने व ले जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
कालाढूंगी बंदोबस्ती के पूर्व प्रधान विक्रम सामंत, उपप्रधान बंदोबस्ती बीएस अधिकारी और पूर्व सैनिक प्रताप सिंह बिष्ट का कहना है कि बार-बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है जिस कारण ग्रामीण बहुत परेशान हो गए हैं। लोनिवि के सहायक अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि सड़क का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है। पैसा मंजूर होते ही सड़क ठीक कर दी जाएगी।
शासन ने लोनिवि के वर्कशॉप लाइन से हल्द्वानी रेलवे स्टेशन तक सड़क के सात करोड़ के प्रस्ताव पर आपत्ति लगा दी है। अब लोनिवि वर्कशॉप लाइन की सड़क का भार टेस्ट कराएगा। इसके बाद ही सड़क का डिजाइन बनाया जाएगा। सड़क की जांच में सात दिन का समय लग सकता है। लोक निर्माण विभाग ने वर्कशॉप लाइन से हल्द्वानी रेलवे स्टेशन, चोरगलिया रोड सहित बाजार क्षेत्र की सड़कों के सात करोड़ के प्रस्ताव बनाकर भेजे थे। लोनिवि ने बजट की प्रत्याशा में इसके टेंडर भी करा दिए थे। अब शासन ने लोनिवि की डीपीआर पर आपत्ति लगा दी है। लोनिवि ने वर्कशॉप लाइन से हल्द्वानी रोडवेज स्टेशन की सड़क को कम भार क्षमता का बताया था। सड़क की भार क्षमता बढ़ाने के लिए इसमें एक लेयर डब्लूएमएम डालकर उसके उपर डामरीकरण की बात कही थी।
उधर शासन ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति लगा दी है। कहा कि जब वहां पूर्व में सड़क बनी है तो उसकी भार क्षमता का आकलन कैसे किया गया। अब दोबारा भार क्षमता का आकलन कर डीपीआर भेजने को कहा है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार ने कहा कि शासन ने डिजाइन पर आपत्ति लगाई है। अब सड़क की भार क्षमता की जांच कराई जाएगी। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
आपदा के एक माह बाद भी नहीं बन पाई सड़क
आपदा से क्षतिग्रस्त छोटी हल्द्वानी संपर्क मार्ग लोनिवि एक माह बाद भी ठीक नहीं कर पाया जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कालाढूंगी-रामनगर मुख्य मार्ग से वार्ड नंबर एक से छोटी हल्द्वानी गांव को जाने वाली मुख्य सड़क एक माह पहले मेथीशाह नाले में आई बाढ़ में बह गई थी। छोटी हल्द्वानी के ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शादियों का समय शुरू हो गया है। गांव की सड़क के क्षतिग्रस्त होने से लोगों को सामान लाने व ले जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
कालाढूंगी बंदोबस्ती के पूर्व प्रधान विक्रम सामंत, उपप्रधान बंदोबस्ती बीएस अधिकारी और पूर्व सैनिक प्रताप सिंह बिष्ट का कहना है कि बार-बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है जिस कारण ग्रामीण बहुत परेशान हो गए हैं। लोनिवि के सहायक अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि सड़क का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है। पैसा मंजूर होते ही सड़क ठीक कर दी जाएगी।