Nainital: हर घर जल के लिए अभी इंतजार, ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत लोगों को नहीं मिल पाया योजना का लाभ
हर घर जल के लिए नैनीताल जिले के लोगों को इंतजार करना पड़ सकता है। इसकी वजह जल जीवन मिशन (जेजेएम) योजना के कार्यों की धीमी गति होना है। शहर में 58 योजनाएं प्रगति पर हैं। इसी कारण हमारा जिला प्रदेश में सबसे पीछे चल रहा है।
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हर घर जल के लिए नैनीताल जिले के लोगों को इंतजार करना पड़ सकता है। इसकी वजह जल जीवन मिशन (जेजेएम) योजना के कार्यों की धीमी गति होना है। शहर में 58 योजनाएं प्रगति पर हैं। इसी कारण हमारा जिला प्रदेश में सबसे पीछे चल रहा है। शहर से सटे गौलापार के पूर्वी खेड़ा, देवलचौड़ बंदोबस्ती, खाम, चांदनी चौक, हिम्मतपुर बैजनाथ, हल्दूपोखरा दरम्वाल समेत लामाचौड़ के गांवों में जेजेएम के तहत काम किए गए हैं। इन गांवों में ट्यूबवेल लगाने के साथ ही ओवरहेड टैंक बना दिए गए हैं। पाइप लाइनें भी बिछाई गई हैं लेकिन शत-प्रतिशत लोगों को योजना से नहीं जोड़ा जा सका है। इस कारण ग्रामीणों को गर्मी में पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। कुछ इलाकों में लाइन में प्रेशर नहीं होने से पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है।
जल जीवन मिशन के तहत पानी मिल रहा है लेकिन प्रेशर नहीं है। ओवरहेड टैंक से मात्र तीन मीटर की दूरी पर ही 10 फीट की ऊचाई पर पानी नहीं चढ़ रहा है। गांव में कई जगह लाइनें नहीं डाली गई हैं। करीब 15 परिवारों के घरों में संयोजन जोड़ना शेष है। -रमेश जोशी, (प्रधान) प्रशासक पदमपुर देवलिया मोटाहल्दू
जेजेएम के तहत काम धीमी गति से चल रहा है। गांव में अभी कई जगह लाइनें नहीं बिछी हैं, कई लोगों के कनेक्शन जोड़े जाने हैं। इस संबंध में शिकायत भी की गई लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। लोग टैंकरों से पानी खरीदने को विवश हैं। -हेमा देवी (प्रधान) प्रशासक हल्दूपोखरा नायक, हल्द्वानी
जेजेएम के तहत काम तेजी से किया जा रहा है। डेढ़ माह के भीतर जो काम रह गया है, उसे पूरा कर दिया जाएगा। पूर्व में जब योजना के तहत सर्वे किया गया था तब लोगों की संख्या कम थी। हल्दूपोखरा नायक ग्राम सभा में शुरुआत में 314 कनेक्शन किए जाने थे जिनकी संख्या वर्तमान में 700 हो गई है। मकान लगातार बन रहे हैं। इस वजह से भी कनेक्शन नहीं हो पाए हैं। निर्माणाधीन मकान में योजना का लाभ नहीं दिया जा सकता हैं। -प्रमोद पांडे, सहायक अभियंता जल संस्थान, टीपीनगर डिविजन, हल्द्वानी
सबसे फिसड्डी नैनीताल ने 92 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया
जल जीवन मिशन के तहत सबसे पहले शत-प्रतिशत घरों तक नल से जल पहुंचाने में बागेश्वर ने बाजी मार ली है। वहीं, उत्तरकाशी, देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, चंपावत, टिहरी, पिथौरागढ़, पौड़ी में भी 99 प्रतिशत काम पूरे हो चुके हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जल जीवन मिशन की प्रगति को शानदार बताया।
जल जीवन मिशन योजना के तहत दिसंबर 2026 तक शत-प्रतिशत घरों तक नल से पेयजल आपूर्ति की जानी है। योजना के तहत उत्तराखंड में कुल 14,49,218 घरों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत मई प्रथम सप्ताह तक 14,13,598 घरों तक नल से जल पहुंच चुका है। योजना के तहत 97 प्रतिशत से अधिक का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। बागेश्वर सबसे पहले शत-प्रतिशत घरों तक नल से जल आपूर्ति करने वाला जिला बन गया है। यहां सभी 54,659 घरों तक नल से जलापूर्ति शुरू की जा चुकी है। उत्तरकाशी, देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, चंपावत, टिहरी, पिथौरागढ़ और पौड़ी में भी 99 प्रतिशत से अधिक घरों तक नल से जलापूर्ति सुनिश्चित की जा चुकी है। ऊधमसिंह नगर में 97 प्रतिशत, हरिद्वार में 95 प्रतिशत, नैनीताल और अल्मोड़ा में 92 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। जल जीवन मिशन के निदेशक विशाल मिश्रा ने बताया कि अब मात्र 35,000 घरों को ही लाभान्वित करना बाकी है। सीएम पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि राज्य में जल जीवन मिशन की प्रगति शानदार रही है। सभी जिले अब लक्ष्य को हासिल करने के करीब हैं।