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Nainital News: माननीयों को मिल रही पेंशन तो हमें क्यों दे रहे टेंशन
Mon, 17 Apr 2023 01:16 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Mon, 17 Apr 2023 01:16 AM IST
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हल्द्वानी। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर रविवार को कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। उन्होंने शहीद पार्क से एसडीएम कोर्ट तक सांविधानिक मार्च निकाला। उन्होंने सवाल उठाया कि जब माननीयों को पेंशन दी जा रही है तो उनके हक पर क्यों कटौती की गई।
एनएमओपीएस के बैनर तले रविवार को बड़ी तादाद में कर्मचारी नैनीताल रोड स्थित शहीद पार्क के पास एकत्र हो गए। यहां हुई सभा में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि सरकार लगातार कर्मचारियों के साथ धोखा कर रही है।
एनएमओपीएस की जिलाध्यक्ष मीनाक्षी कीर्ति ने कहा कि जहां गैर भाजपा सरकारें पुरानी पेंशन बहाल कर रही हैं, वहीं भाजपा शासित राज्य सरकारें पुरानी पेंशन बहाल क्यों नहीं कर रही हैं। पुरानी पेंशन बहाल नहीं हुई तो कर्मचारी 2024 के चुनाव में इसका बदला लेंगे।
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सचिव मदन बर्तवाल, मीना पलियाल ने कहा कि हर हाल में पुरानी पेंशन बहाल करवानी है। उन्होंने कर्मचारियों से अनुरोध किया कि वे अपनी पूरी ताकत झोंक दें और इस लड़ाई को मंजिल तक पहुंचाने में अपना सहयोग प्रदान करें। गोकुल सिंह, जानकी अधिकारी ने कहा कि सांसद और विधायक को जब पेंशन दी जाती है तो उन्हें पेंशन क्याें नहीं दी जा रही है। संयोजक पीसी जोशी ने कहा कि नई पेंशन में कर्मचारी 1000 से 2000 पेंशन प्राप्त कर रहे हैं जिससे उनके समक्ष आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है।
इसके बाद कर्मचारियों ने शहीद पार्क से लेकर एसडीएम कोर्ट तक मार्च निकाला। उन्होंने यहां मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
इस दौरान जानकी अधिकारी, अमित जोशी, महेश चंद्र, रंजना भट्ट, अमित जोशी, पीसी जोशी, महेश उपाध्याय, पीसी जोशी, कन्नू जोशी, गणेश रौतेला, उमेश जोशी, केके पाठक आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
कर्मचारी बोले-
- सरकार ने पुरानी पेंशन समाप्त कर न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारियों पर थोप दी है। शुरुआत में कर्मचारियों को न्यू पेंशन के बहुत सब्जबाग दिखाए लेकिन अब न्यू पेंशन की वास्तविकता सबके सामने आ गई। - दिनेश चंद्र भट्ट भीमताल प्रवक्ता अर्थशास्त्र।
- पुरानी पेंशन बहाली के लिए आज जिला स्तर पर हम एकत्र हुए हैं। उत्तराखंड सरकार से हमारी मांग है कि वे अन्य राज्यों की भांति यहांं भी पुरानी पेंशन लागू करे। पुरानी पेंशन बहाली तक आंदोलन जारी रहेगा। -आशुतोष सिंह बीआरसी ओखलकांडा।
- सरकार के पास विधायक, सांसद के लिए तो पेंशन है, लेकिन कर्मचारियों को देने के लिए बजट नहीं है। इस प्रकार का दोहरा व्यवहार समाप्त कर सरकार तुरंत कर्मचारी हित में पुरानी पेंशन लागू की जाए। -उमेश जोशी शिक्षक।
सरकार कर्मचारियों की एकमात्र मांग पुरानी पेंशन योजना को जल्द से जल्द बहाल करे। नहीं तो 2024 के चुनाव में इसके परिणाम के लिए सरकार तैयार रहे। -गीता बिष्ट शिक्षिका।
- अन्य राज्यों में पुरानी पेंशन मिल सकती है तो उत्तराखंड में भी पुरानी पेंशन क्यों नहीं मिल सकती है। सरकारी कर्मचारी का बुढ़ापे का सहारा एकमात्र पेंशन ही होती है। सरकार को इसे तुरंत बहाल करना चाहिए। -दिनेश भट्ट।
पुरानी पेंशन हमारा अधिकार है। सरकार विधायक और सांसद को पेंशन देती है। विधायक या सांसद पांच बार जीतें तो पांच बार की पेंशन दी जाती है, तो उन्हें पेंशन क्यों नहीं दी जा रही है। -ज्योति नेगी।
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एनएमओपीएस के बैनर तले रविवार को बड़ी तादाद में कर्मचारी नैनीताल रोड स्थित शहीद पार्क के पास एकत्र हो गए। यहां हुई सभा में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि सरकार लगातार कर्मचारियों के साथ धोखा कर रही है।
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एनएमओपीएस की जिलाध्यक्ष मीनाक्षी कीर्ति ने कहा कि जहां गैर भाजपा सरकारें पुरानी पेंशन बहाल कर रही हैं, वहीं भाजपा शासित राज्य सरकारें पुरानी पेंशन बहाल क्यों नहीं कर रही हैं। पुरानी पेंशन बहाल नहीं हुई तो कर्मचारी 2024 के चुनाव में इसका बदला लेंगे।
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सचिव मदन बर्तवाल, मीना पलियाल ने कहा कि हर हाल में पुरानी पेंशन बहाल करवानी है। उन्होंने कर्मचारियों से अनुरोध किया कि वे अपनी पूरी ताकत झोंक दें और इस लड़ाई को मंजिल तक पहुंचाने में अपना सहयोग प्रदान करें। गोकुल सिंह, जानकी अधिकारी ने कहा कि सांसद और विधायक को जब पेंशन दी जाती है तो उन्हें पेंशन क्याें नहीं दी जा रही है। संयोजक पीसी जोशी ने कहा कि नई पेंशन में कर्मचारी 1000 से 2000 पेंशन प्राप्त कर रहे हैं जिससे उनके समक्ष आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है।
इसके बाद कर्मचारियों ने शहीद पार्क से लेकर एसडीएम कोर्ट तक मार्च निकाला। उन्होंने यहां मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
इस दौरान जानकी अधिकारी, अमित जोशी, महेश चंद्र, रंजना भट्ट, अमित जोशी, पीसी जोशी, महेश उपाध्याय, पीसी जोशी, कन्नू जोशी, गणेश रौतेला, उमेश जोशी, केके पाठक आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
कर्मचारी बोले-
- सरकार ने पुरानी पेंशन समाप्त कर न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारियों पर थोप दी है। शुरुआत में कर्मचारियों को न्यू पेंशन के बहुत सब्जबाग दिखाए लेकिन अब न्यू पेंशन की वास्तविकता सबके सामने आ गई। - दिनेश चंद्र भट्ट भीमताल प्रवक्ता अर्थशास्त्र।
- पुरानी पेंशन बहाली के लिए आज जिला स्तर पर हम एकत्र हुए हैं। उत्तराखंड सरकार से हमारी मांग है कि वे अन्य राज्यों की भांति यहांं भी पुरानी पेंशन लागू करे। पुरानी पेंशन बहाली तक आंदोलन जारी रहेगा। -आशुतोष सिंह बीआरसी ओखलकांडा।
- सरकार के पास विधायक, सांसद के लिए तो पेंशन है, लेकिन कर्मचारियों को देने के लिए बजट नहीं है। इस प्रकार का दोहरा व्यवहार समाप्त कर सरकार तुरंत कर्मचारी हित में पुरानी पेंशन लागू की जाए। -उमेश जोशी शिक्षक।
सरकार कर्मचारियों की एकमात्र मांग पुरानी पेंशन योजना को जल्द से जल्द बहाल करे। नहीं तो 2024 के चुनाव में इसके परिणाम के लिए सरकार तैयार रहे। -गीता बिष्ट शिक्षिका।
- अन्य राज्यों में पुरानी पेंशन मिल सकती है तो उत्तराखंड में भी पुरानी पेंशन क्यों नहीं मिल सकती है। सरकारी कर्मचारी का बुढ़ापे का सहारा एकमात्र पेंशन ही होती है। सरकार को इसे तुरंत बहाल करना चाहिए। -दिनेश भट्ट।
पुरानी पेंशन हमारा अधिकार है। सरकार विधायक और सांसद को पेंशन देती है। विधायक या सांसद पांच बार जीतें तो पांच बार की पेंशन दी जाती है, तो उन्हें पेंशन क्यों नहीं दी जा रही है। -ज्योति नेगी।