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Nainital News: फुटपाथ लापता होने से राहगीर पैदल

Wed, 05 Aug 2026 02:08 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Wed, 05 Aug 2026 02:08 AM IST
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Pedestrians are stranded due to the disappearance of the footpath.
हल्द्वानी, एमबी इंटर कॉलेज के फूटपाथ तोड़कर बनी पार्किंग।          अमर उजाला
हल्द्वानी। सुप्रीम कोर्ट के देश की सभी सड़कों पर अतिक्रमण मुक्त फुटपाथ बनाने के निर्देश के बीच हल्द्वानी के प्रमुख मोटरमार्ग राहगीरों के लिए एक चुनौती बने हुए हैं। नैनीताल रोड, कालाढूंगी रोड, रामपुर रोड और बरेली रोड पर फुटपाथों की स्थिति चिंताजनक है। कहीं फुटपाथ गायब हैं तो कहीं उन पर ठेले-खोमचे और अवैध पार्किंग का कब्जा है। ऐसे में राहगीर तेज रफ्तार दौड़ते वाहनों से बचते हुए सड़क पर चलने के लिए मजबूर हैं। हल्द्वानी की अधिकतर सड़कें अतिक्रमण की जद में हैं। सुप्रीम कोर्ट के सोमवार को आए निर्देश ने इस समस्या को और भी उजागर कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पैदल यात्रियों के लिए जगह सुनिश्चित की जानी चाहिए। भले ही उसके लिए रस्सी का ही सहारा क्यों न लेना पड़े।
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शहर की प्रमुख सड़कों पर फुटपाथ के हाल
नैनीताल रोड: काठगोदाम से लेकर सिंधी चौराहे तक आठ किलोमीटर के दायरे में सड़क के दोनों ओर अलग-अलग स्थानों पर लगभग डेढ़ से दो किलोमीटर तक फुटपाथ तो बने हैं लेकिन उन पर अतिक्रमण है। यहां फड़, खोखे और अवैध पार्किंग ने फुटपाथ को पूरी तरह से घेर लिया है जिससे राहगीरों का पैदल चलना दूभर हो गया है।
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बरेली रोड: सड़क की स्थिति खराब है। यहां फुटपाथ का अस्तित्व ही नहीं है। जो हिस्सा फुटपाथ के लिए आरक्षित है वह उखड़ा हुआ है। सिंधी चौराहे से नवीन मंडी तक लगभग ढाई किलोमीटर के दायरे में फुटपाथ वाले हिस्से में मौजूद फड़, खोखे और बेतरतीब खड़े वाहन राहगीरों के लिए बाधा उत्पन्न करते हैं।
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रामपुर रोड: सड़क पर सिंधी चौराहे से एसटीएच तक के दो किलोमीटर हिस्से में बीच-बीच में पक्का फुटपाथ तो बना है लेकिन वह पूरी तरह से अतिक्रमण की चपेट में है। जूस के ठेले और चप्पल-जूतों के व्यापारियों ने फुटपाथ पर अपना कारोबार सजा लिया है।


कॉलटैक्स से क्रियाशाला तक:
काठगोदाम से कॉल टैक्स होते हुए क्रियाशाला तक लगभग आठ किलोमीटर की सड़क पर बीच-बीच में फुटपाथ बने हुए हैं लेकिन यहां भी कहीं सब्जी और फलों के ठेले लगे हुए हैं तो कहीं दुकानदारों ने अतिक्रमण किया हुआ है। क्रियाशाला के समीप सड़क के एक ओर सीवर टैंकर लाइन से खड़े होकर फुटपाथ को छुपा देते हैं।

कालाढूंगी रोड: इस सड़क पर वाहनों के साथ-साथ राहगीरों का सबसे अधिक दबाव रहता है। कालू सिद्ध मंदिर के समीप से कालाढूंगी की ओर सड़क के दोनों ओर लगभग चार सौ मीटर तक फुटपाथ बना हुआ है लेकिन यहां सड़क के एक ओर दुकानदारों का सामान जबकि दूसरी ओर फड़-खोखे लगे हैं। अवैध रूप से खड़े होने टेंपो और रिक्शों ने फुटपाथ का रास्ता बंद कर दिया है।

कड़े कदम उठे तो हो समस्या का समाधान
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का उद्देश्य देशभर में पैदल चलने वालों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना है। अब यह अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वह इस निर्देश का पालन किस तरह से सुनिश्चित करते हैं। अतिक्रमण हटाने और फुटपाथों को पुनर्जीवित करने के लिए प्रशासन को कड़े कदम उठाने होंगे। फुटपाथों पर से अतिक्रमण हटाना न केवल कानूनी अनिवार्यता है, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था और नागरिकों की सुविधा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।

बड़े-बड़े अभियान भी साबित हुए नाकाम
पिछले वर्ष दीपावली से पहले प्रशासन और नगर निगम ने बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया था। फड़, खोखे और कई पक्की दुकानों तक पर कार्रवाई की गई। कुछ दिन सड़कें साफ नजर आईं, लेकिन अभियान की रफ्तार धीमी पड़ते ही अतिक्रमणकारियों ने फिर से कब्जा जमा लिया। इससे साफ है कि कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।
फुटपाथ कब्जे में, लोग सड़क पर
मुख्य मार्गों के फुटपाथों पर केवल ठेले ही नहीं बल्कि कई शोरूम और दुकानदार भी सामान फैलाकर कब्जा किए हुए हैं। नतीजा यह है कि पैदल चलने वालों को हाईवे पर उतरना पड़ रहा है। इससे मुखानी नहर कवरिंग रोड, वर्कशॉप लाइन और नैनीताल रोड जैसे व्यस्त इलाकों में रोजाना दुर्घटना का खतरा बना रहता है और कई लोग चोटिल भी हो रहे हैं।
अराजकतत्वों का जमावड़ा
शाम के समय हालात और बदतर हो जाते हैं। नहर कवरिंग रोड पर अतिक्रमण और भीड़ के बीच असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है। इससे महिलाओं का निकलना मुश्किल हो जाता है। इसी भीड़ का फायदा उठाकर पहले भी बाइक सवार बदमाश एक महिला के गले से सोने की चेन लूट चुके हैं।
क्या कहते हैं लोग

फुटपाथों पर अतिक्रमण के कारण लोग सड़क पर चलने को मजबूर हैं। इससे जाम लगता है और स्कूली बच्चों व अभिभावकों को सबसे अधिक परेशानी होती है। शिकायत के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई। - विक्रम अधिकारी


संकरी गलियों में अवैध कब्जों ने हालात बदतर कर दिए हैं। ऊपर से ग्राहक सड़क पर वाहन खड़े कर देते हैं जिससे हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। - विनोद कुमार दानी

बाजार में खरीदारी के दौरान फुटपाथ पर चलने की जगह तक नहीं मिलती। तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़क पर चलना जोखिम भरा हो गया है। ठेला-फड़ संचालकों के लिए अलग स्थान निर्धारित किया जाना चाहिए। -रीमा




मुख्य सड़कों और बाजारों से अतिक्रमण हटाने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। जरूरत पड़ने पर अतिक्रमणकारियों का सामान जब्त किया जाता है और जुर्माना भी लगाया जाता है। अभियान लगातार जारी है और जल्द ही शहर को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा। - परितोष वर्मा, नगर आयुक्त

हल्द्वानी, एमबी इंटर कॉलेज के फूटपाथ तोड़कर बनी पार्किंग।          अमर उजाला

हल्द्वानी, एमबी इंटर कॉलेज के फूटपाथ तोड़कर बनी पार्किंग।          अमर उजाला

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