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हमारी पहली स्वदेशी तकनीक जिसमें बिना पानी रोके बनेगी बिजली: सीएम

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 30 Dec 2021 02:42 AM IST
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Our first indigenous technology in which electricity will be made without stopping water: CM
हल्द्वानी/रामनगर। रामनगर वन प्रभाग के पवलगढ़ रेस्ट हाउस में बने हाइड्रो काइनेटिक टरबाइन का सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह देश की पहली स्वदेशी तकनीक है जिसमें बिना पानी रोके बिजली बनेगी। इससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होगा।
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बुधवार शाम पांच बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हेलीकॉप्टर से जीआईसी कोटाबाग पहुंचे। वहां से उनका काफिला पवलगढ़ रेस्ट हाउस पहुंचा। उन्होंने कहा कि विश्व में पूर्ण स्वदेशी सरफेस हाइड्रो काइनेटिक टरबाइन तकनीक का प्रथम उपयोगकर्ता के रूप में राज्य को जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि रामनगर वन प्रभाग में ऊर्जा उत्पादन की जो तकनीक संचालित हो रही है, वह 100 प्रतिशत पर्यावरण प्रदूषण मुक्त है। साथ ही छोटी से छोटी पहाड़ी गूल से लेकर उत्तराखंड से निकलने वाली बड़ी से बड़ी नदियों से बिना कोई बांध बनाए या पानी को रोके 24 घंटे बिजली उत्पादन न्यूनतम लागत में करने में सक्षम है।
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उन्होंने कहा कि अगर ऐसी छोटी-छोटी टरबाइन उस हर किसान को दे दी जाए जिसका खेत ऐसी नहर या नदी के आसपास है तो उम्मीद है कि हर किसान ऊर्जा के लिए आत्मनिर्भर हो जाएगा। इस मौके पर सीडीओ डॉ. संदीप तिवारी, मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक डॉ. पराग मधुकर धकाते, मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं तेजस्विनी पाटिल, वन संरक्षक (हल्द्वानी सर्कल) दीपचंद आर्या, डीएफओ चंद्र शेखर जोशी, रेंजर ललित जोशी आदि मौजूद रहे।
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ऐसे बनेगी बिजली
रामनगर। डीएफओ चंद्रशेखर जोशी ने बताया कि कम से कम 0.5 मीटर/सेकंड वेग और 0.2 मीटर चलने वाली जलधारा से निर्बाध बिजली उत्पादन कर सकती है। यह टरबाइन प्रौद्योगिकी 500 वाट से 500 किलोवाट तक के मॉड्यूलर साइज में बन सकती है। उत्तराखंड के वन जल संसाधन में अत्यधिक समृद्ध है, जो जल विद्युत उत्पादन का अक्षय स्रोत है। अगर यह प्रयोग सफल हो जाता है तो ग्रामीण भी अपनी टरबाइन रखकर सिंचाई नहरों से बिजली उत्पादन कर सकेंगे, इससे पानी की कमी भी नहीं होती है।
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