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हाईकोर्ट ने दिए अवैध निर्माण रोकने के आदेश
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नैनीताल हाईकोर्ट
- फोटो : PTI
नैनीताल। हाईकोर्ट ने रामनगर-काशीपुर राजमार्ग में सरकारी संपत्ति पर हो रहे अवैध निर्माण के मामले में जिला प्रशासन व नगर पालिका को अवैध निर्माण रोकने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने अवैध निर्माण होने की दिशा में जिलाधिकारी और पालिका प्रशासन की जिम्मेदारी तय की है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। रामनगर निवासी कुलदीप माहेश्वरी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि रामनगर-काशीपुर राजमार्ग पर सरकारी भूमि पर कब्जा कर अवैध रूप से निर्माण किया जा रहा है। याचिका में कहा कि जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) की ओर से अवैध रूप से हो रहे निर्माण को सील कर दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी अवैध रूप से निर्माण रुका नहीं।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दुष्यंत ने बताया कि मामले को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने इस प्रकरण में डीडीए से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही अवैध निर्माण रोकने की जिम्मेदारी डीएम नैनीताल को सौंप दी है। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि यदि मौके पर निर्माण कार्य होता है तो इसकी जिम्मेदारी डीएम और पालिका के कार्यकारी अधिकारी की होगी। साथ ही कोर्ट ने नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को भी निर्देश दिए हैं कि अवैध निर्माण को रोकने के लिए प्रशासन को हरसंभव पुलिस बल उपलब्ध कराए।
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मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। रामनगर निवासी कुलदीप माहेश्वरी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि रामनगर-काशीपुर राजमार्ग पर सरकारी भूमि पर कब्जा कर अवैध रूप से निर्माण किया जा रहा है। याचिका में कहा कि जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) की ओर से अवैध रूप से हो रहे निर्माण को सील कर दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी अवैध रूप से निर्माण रुका नहीं।
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याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दुष्यंत ने बताया कि मामले को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने इस प्रकरण में डीडीए से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही अवैध निर्माण रोकने की जिम्मेदारी डीएम नैनीताल को सौंप दी है। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि यदि मौके पर निर्माण कार्य होता है तो इसकी जिम्मेदारी डीएम और पालिका के कार्यकारी अधिकारी की होगी। साथ ही कोर्ट ने नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को भी निर्देश दिए हैं कि अवैध निर्माण को रोकने के लिए प्रशासन को हरसंभव पुलिस बल उपलब्ध कराए।
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