फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Now splints money for annual exams

 अब रंगरोगन के पैसों से वार्षिक परीक्षाएं

Wed, 16 Mar 2016 01:59 AM IST
ब्यूरो/ हल्द्वानी
ब्यूरो/ हल्द्वानी Updated Wed, 16 Mar 2016 01:59 AM IST
विज्ञापन
 Now splints money for annual exams
परीक्षी - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन
शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के पांच साल के भीतर ही बेसिक शिक्षा की व्यवस्था लड़खड़ा गई है। बजट जीरो होने की वजह से प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों को बाल मैत्रीपूर्ण वार्षिक परीक्षाओं के लिए पैसा नहीं मिला है। विभाग ने स्कूलों के रंगरोगन आदि कार्यों के लिए रिलीज की धनराशि से परीक्षाएं कराने की सहमति दे दी है। इधर, ऐन वक्त पर यह धनराशि मिलने से 17 मार्च से परीक्षाएं कराने की अध्यापकों की टेंशन अब दूर हो गई है।  

प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल तक के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा मुहैया कराने के मकसद से शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू किया गया था। इसके तहत कक्षा एक से लेकर आठ तक के बच्चों से किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता। इस वजह से विभाग ने प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों में बाल मैत्रीपूर्ण परीक्षा जिला स्तर से ही करवाई, बाद में स्कूलों को परीक्षा के लिए अलग से राशि आवंटित की गई थी। प्राइमरी स्कूल को प्रति बालक 30 रुपए के हिसाब से परीक्षा शुल्क दिया गया, लेकिन पिछले वर्ष से शिक्षा विभाग के पास परीक्षा मद में बजट ही नहीं है।
विज्ञापन


इस बार भी स्कूलों को परीक्षा मद में एक धेला तक नहीं दिया गया। सर्वशिक्षा अभियान के तहत जो बजट मिलता है, उसी में परीक्षा की मद शामिल होती थी, लेकिन इसमें कटौती कर दी गई है। डीईओ (बेसिक) कार्यालय से विद्यालय स्तर पर ही एक से आठ तक की परीक्षाएं कराने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन बाल मैत्रीपूर्ण परीक्षाएं कैसे कराई जाएंगी, इसके बारे में कोई दिशा निर्देश नहीं दिए गए। इन परीक्षाओं को लेकर प्राइमरी एवं जूनियर हाईस्कूलों के अध्यापक काफी टेंशन में थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्राइमरी स्कूलों में 17 मार्च से वार्षिक परीक्षाएं शुरू होंगी। इससे पहले ही विभाग ने वार्षिक अनुदान राशि अवमुक्त कर दी है। इस राशि से स्कूल में रंगरोगन के अलावा दूसरे कार्य कराए जाने थे। लेकिन अधिकारियों ने इसी राशि से परीक्षाओं का खर्च करने की सहमति दे दी है। नगरीय क्षेत्र के साथ ही दुर्गम  क्षेत्रों के स्कूलों में भी इसी अनुदान से परीक्षाएं कराने के निर्देश दिए गए हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed