फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Notice now sent to rice mills

चावल मिलों को अब भेजे गए नोटिस

Tue, 22 Aug 2017 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी। 
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी।  Updated Tue, 22 Aug 2017 02:12 AM IST
विज्ञापन
Notice now sent to rice mills
चावल - फोटो : demo pic

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मामले विभाग के मंडी और कमलुवागांजा स्टेट पूल गोदामों में खराब चावल की आपूर्ति करने वाली मिलों को अब विभाग की ओर से नोटिस मिलना शुरू हो गए हैं। संभागीय खाद्य नियंत्रक की ओर से भेजे गए नोटिस में खराब चावल न बदलने पर मिलों को काली सूची में डालने की चेतावनी दी गई है। हालांकि तीन दिन बीतने के बाद भी चावल की छंटाई शुरू नहीं हो पाई है। अधिकारी अब मंगलवार से चावल की छंटाई करने की बात कर रहे हैं। 

विज्ञापन


अमर उजाला ने बिना नियम जाने चावल की छंटाई करने पहुंची टीम शीर्षक के खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने के बाद टीम तीन दिन बीतने के बाद भी छंटाई करने नहीं पहुंची। सोमवार को संभागीय खाद्य नियंत्रक वीएस धानिक ने जांच टीम के साथ बैठक की। बैठक में निर्णय लिया गया कि सैंपल फेल हुए चट्टों को वापस किया जाएगा।
विज्ञापन


चावल मिलें पहले सही चावल लेकर गोदाम में आएंगी और अपना सैंपल फेल हुआ चावल वापस लेकर जाएंगी। मिलों की ओर से ऐसा नहीं करने पर खराब चावल को अलग कर इसकी नीलामी कराई जाएगी और संबंधित मिल से वसूली की जाएगी। जांच टीम को ओर से खराब चावल आपूर्ति किए गए मिलों को नोटिस भेजना शुरू हो गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


एसडब्लूसी के अधिकारियों के खिलाफ क्यों नहीं हो रही है कार्रवाई

उत्तराखंड की खरीफ नीति 2016-17 में साफ लिखा है कि जिस गोदाम में स्टॉक रखा जाएगा। उस विभाग की भी गुणवत्ता की बराबर की जिम्मेदारी होगी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि मंडी और कमलुवागांजा के राज्य भंडार निगम के अधिकारी-कर्मचारियों पर क्यों कार्रवाई नहीं हो रही है, जबकि इनकी भी उतनी ही जिम्मेदारी बनती है।  

मजदूरी का भुगतान कौन करेगा

एक चट्टे में 3388 चावल के कट्टे होते हैं और दो गोदाम में 39 चट्टे चावल फेल हुआ है। इस हिसाब से 132132 चावल के कट्टे फेल हुए हैं। इनकी मिलों के हिसाब से छंटाई होनी हैं। जिस मिल के जितने कट्टे होंगे उस मिल को वापस किए जाएंगे। इसमें मजदूरी के ही हजारों रुपये खर्च होंगे। सावल उठता है कि इसकी मजदूरी किससे वसूली जाएगी। 

नहीं खोला जा रहा है मिलों का नाम

नमूने फेल होने के बाद विभाग ने खराब चावल आपूर्ति करने वाली मिलों की सूची जारी करनी चाहिए थी, जिससे खराब चावल भेजने वालों के बारे में लोगों को भी पता चल सके। लेकिन विभाग के आला अधिकारी पूछने के बाद भी खराब चावल भेजने वाली मिलों का नाम नहीं बता रहे हैं।


जबकि आरएफसी कह रहे हैं कि उनके पास मिलों की सूची नहीं हैं, उधर प्रभारी डिप्टी आरएमओ कह रहे हैं कि उन्होंने मिलों की सूचना आरएफसी को दे दी है। 

चावल मिलें अच्छा चावल लेकर आएंगी। इसके बाद मिलों को चावल वापस किया जाएगा। जो मिल चावल वापस नहीं लेगी, उस मिल के चावल की नीलामी कराकर, बकाए की वसूली मिल से कराई जाएगी। मंगलवार से चावल की छंटाई शुरू होगी।
- वीएस धानिक आरएफसी कुमाऊं 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed