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Nainital News: नगर पालिका अध्यक्ष, ईओ को फिलहाल राहत नहीं
Sat, 04 Nov 2023 02:21 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sat, 04 Nov 2023 02:21 AM IST
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने अनियमितता मामले में नैनीताल नगर पालिका के अध्यक्ष और कार्यकारी अधिकारी (ईओ) को फिलहाल राहत नहीं दी है। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए बुधवार की तिथि नियत की है। हाईकोर्ट ने वित्तीय गड़बड़ी के आरोप में 17 अक्तूबर को नैनीताल नगरपालिका के अध्यक्ष सचिन नेगी के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए थे। ईओ आलोक उनियाल को निलंबित कर दिया था। साथ ही दोनों मामलों की जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश इरशाद हुसैन और मुख्य सचिव को सौंप दी थी। मुख्य सचिव को 31 अक्तूबर तक रिपोर्ट सौंपने को कहा था।
न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल एवं न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। अध्यक्ष और ईओ की ओर से दोनों मामलों में अलग-अलग पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गईं थीं। याचिकाकर्ताओं की ओर से आदेश की समीक्षा की मांग की गई। याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि सरकार की ओर से की जा रही जांच में तेजी नहीं लाई जा रही है। उन्होंने जांच में तेजी लाने की मांग की। सरकार की ओर से कहा गया कि तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। कमेटी की ओर से जांच पूरी करने के लिये 15 दिन के समय की मांग की गई। कोर्ट के सख्त रूख को देखते हुए याचिकाकर्ताओं ने याचिकाओं को वापस ले लिया।
दूसरे मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि उन्हें सुनवाई का मौका नहीं दिया गया है। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के लिये बुधवार की तिथि तय कर दी। दोनों याचिकाकर्ताओं को भी कोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
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न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल एवं न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। अध्यक्ष और ईओ की ओर से दोनों मामलों में अलग-अलग पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गईं थीं। याचिकाकर्ताओं की ओर से आदेश की समीक्षा की मांग की गई। याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि सरकार की ओर से की जा रही जांच में तेजी नहीं लाई जा रही है। उन्होंने जांच में तेजी लाने की मांग की। सरकार की ओर से कहा गया कि तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। कमेटी की ओर से जांच पूरी करने के लिये 15 दिन के समय की मांग की गई। कोर्ट के सख्त रूख को देखते हुए याचिकाकर्ताओं ने याचिकाओं को वापस ले लिया।
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दूसरे मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि उन्हें सुनवाई का मौका नहीं दिया गया है। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के लिये बुधवार की तिथि तय कर दी। दोनों याचिकाकर्ताओं को भी कोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
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