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नहीं मिली राहत, नोटों के लिए परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Mon, 14 Nov 2016 01:30 AM IST
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बैंक में पैसा जमा करने लिए लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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। पांच सौ और एक हजार रुपए के नोट बंद होने के बाद रविवार को चौथे दिन भी नोटों के लिए लोग परेशान होते रहे। जिले में रविवार को करीब 120 से 130 करोड़ विभिन्न बैंकों में जमा हुए जबकि चार से पांच करोड़ निकाले गए। कई बैंकों में अभी तक करेंसी नहीं पहुंची है। एटीएम में तीसरे दिन भी रुपए निकालने के लिए लंबी लाइन लगी रही।
बता दें कि बीती आठ नवंबर की रात करीब आठ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच सौ और एक हजार रुपए के नोट बंद करने का ऐलान किया था। नौ तारीख को बैंक बंद थे, जबकि एटीएम नौ और दस नवंबर को बंद रहे। 10 नवंबर से ही बैंकों में जमा करने और नोट बदलने वालों की लंबी-लंबी कतार लगी थी। रविवार को भी बैंकों का यही हाल रहा। सुबह नौ बजे से ही लोग बैंकों के बाहर कतार में खड़े थे। अधिकांश एटीएम में दोपहर में राशि नहीं थी और एटीएम बंद हो चुके थे। कुछ एटीएम तो तीन से चार घंटे के भीतर ही खाली हो गए। जिला लीड बैंक प्रबंधक डीके जायसवाल ने बताया कि रविवार को जिले में लगभग 120 से 130 करोड़ रुपए विभिन्न बैंकों में जमा हुए। जबकि, चार से पांच करोड़ रुपए लोगों ने निकाले। कई बैंकों में रविवार को भी करेंसी नहीं पहुंची। बैंकों में नगदी बदलने वाले कई लोगों को निराश ही लौटना पड़ा।
हल्द्वानी। रविवार को लोग दोपहर से ही एटीएम के बाहर कतार में खड़े थे। अधिकतर एटीएम से सौ-सौ के नोट ही निकले। कुछ एटीएम में कैश होने के बावजूद धनराशि नहीं निकली। शहर में रविवार को तीसरे दिन भी कई एटीएम बंद पड़े रहे। इन एटीएम में धनराशि नहीं थी।
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हल्द्वानी। पांच सौ और एक हजार रुपए के नोट बंद होने के बाद ग्राहकों को सुविधा देने के लिए सेवानिवृत्त कर्मियों का भी सहयोग लिया जाएगा। जिला लीड बैंक प्रबंधक डीके जायसवाल ने बताया कि बैंक के सेवानिवृत्त कर्मियों को सहयोग सात दिनों तक लिया जाएगा। कर्मियों को प्रतिदिन दो हजार रुपए दिए जाएंगे। आगे सहयोग लेने के मामले में सात दिन बाद विचार किया जाएगा।
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बता दें कि बीती आठ नवंबर की रात करीब आठ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच सौ और एक हजार रुपए के नोट बंद करने का ऐलान किया था। नौ तारीख को बैंक बंद थे, जबकि एटीएम नौ और दस नवंबर को बंद रहे। 10 नवंबर से ही बैंकों में जमा करने और नोट बदलने वालों की लंबी-लंबी कतार लगी थी। रविवार को भी बैंकों का यही हाल रहा। सुबह नौ बजे से ही लोग बैंकों के बाहर कतार में खड़े थे। अधिकांश एटीएम में दोपहर में राशि नहीं थी और एटीएम बंद हो चुके थे। कुछ एटीएम तो तीन से चार घंटे के भीतर ही खाली हो गए। जिला लीड बैंक प्रबंधक डीके जायसवाल ने बताया कि रविवार को जिले में लगभग 120 से 130 करोड़ रुपए विभिन्न बैंकों में जमा हुए। जबकि, चार से पांच करोड़ रुपए लोगों ने निकाले। कई बैंकों में रविवार को भी करेंसी नहीं पहुंची। बैंकों में नगदी बदलने वाले कई लोगों को निराश ही लौटना पड़ा।
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हल्द्वानी। रविवार को लोग दोपहर से ही एटीएम के बाहर कतार में खड़े थे। अधिकतर एटीएम से सौ-सौ के नोट ही निकले। कुछ एटीएम में कैश होने के बावजूद धनराशि नहीं निकली। शहर में रविवार को तीसरे दिन भी कई एटीएम बंद पड़े रहे। इन एटीएम में धनराशि नहीं थी।
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हल्द्वानी। पांच सौ और एक हजार रुपए के नोट बंद होने के बाद ग्राहकों को सुविधा देने के लिए सेवानिवृत्त कर्मियों का भी सहयोग लिया जाएगा। जिला लीड बैंक प्रबंधक डीके जायसवाल ने बताया कि बैंक के सेवानिवृत्त कर्मियों को सहयोग सात दिनों तक लिया जाएगा। कर्मियों को प्रतिदिन दो हजार रुपए दिए जाएंगे। आगे सहयोग लेने के मामले में सात दिन बाद विचार किया जाएगा।