फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   No Mandi Samiti in Haldwani

कालाढूंगी में वर्षों से मंडी की मांग आज तक नहीं बन सकी मुद्दा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 02 Feb 2022 11:33 PM IST
विज्ञापन
No Mandi Samiti in Haldwani
No Mandi Samiti in Haldwani
कालाढूंगी (नैनीताल)। कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र का कोटाबाग और कालाढूंगी का इलाका फल, सब्जी और फसलों का प्रमुख उत्पादक क्षेत्र है। क्षेत्रवासियों की आजीविका का प्रमुख साधन कृषि और बागवानी है। मांग के बाद भी मंडी नहीं होने से किसानों को उत्पादों का वाजिब मूल्य नहीं मिल पाता है।
विज्ञापन

कालाढूंगी के मूसाबंगर, पतलिया, राकड़, बजूनियाहल्दू, पवलगढ़, कमोला, धमोला, छोटी हल्द्वानी के अलावा कोटाबाग का पर्वतीय इलाकों के नैनीताल विधानसभा से सटे गांव बाघनी, बांसी, सोनझाला, पंगूट, पांडे गांव के किसानों का मुख्य व्यवसाय कृषि है।
विज्ञापन

इन इलाकों में सोयाबीन, धान, गेहूं, मटर, चना, अदरक, मक्का, प्याज, टमाटर, लाही, सरसों, गोभी, आलू, मूली, केला, सेब, संतरा, लीची आदि फसलों की अच्छी पैदावार होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

यहां अच्छी किस्म की बासमती का भी उत्पादन होने लगा है। किसान गरीब का गरीब ही रह गया है जबकि बिचौलिये मालामाल हो रहे हैं। किसानों को मलाल है कि उनकी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
लंबे समय से मंडी की मांग की जाती रही है लेकिन किसी भी सरकार ने उनकी समस्या का समाधान नहीं किया है। मंडी नहीं होने से उन्हें मुकासन उठाना पड़ता है। - विपिन बुधलाकोटी कमोला
क्षेत्र में मंडी नहीं होने के कारण किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए हल्द्वानी या अन्य बड़े शहरों में जाना पड़ता है। जिसमें समय के साथ-साथ धन की भी बर्बादी होती है। - संजय बुधलाकोटी नयागांव
कालाढूंगी क्षेत्र में मंडी की प्रमुख मांग है। इस ओर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया है। मंडी नहीं होने कारण बिचौलिए किसानों की फसल को औने पौने दामों में घर से ही खरीद ले जाते हैं। - खुशहाल गंगोला कमोला
फसल के साथ-साथ इन क्षेत्रों में किसान फूलों का भी अच्छा उत्पादन करते हैं। बाजार नहीं मिलने के कारण फूलों का भी उचित मूल्य नहीं मिल पाता है। - नवीन पंत बजुनिया हल्दू
विकासखंड कोटाबाग में टमाटर का प्रचुर उत्पादन होता है। यह यहां की प्रमुख फसल है। मंडी नहीं होने से आधा टमाटर सड़ गल जाता है। सरकार को जल्द से जल्द यहां मंडी की स्थापना करनी चाहिए। - आनंद बल्लभ भगत मूसाबंगर

ग्रामसभा नोदा में आंवले की खेती प्रचुर मात्रा में की जाती है। मंडी के अभाव में आंवला खेतों में ही सड़ जाता है। किसान को उचित मूल्य नहीं मिल पाता है। - हरीश ढौडियाल नोदा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed