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एनआईसी की साइट हैक कर डेयरी फेडरेशन का टेंडर गायब
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Sat, 23 Jul 2016 12:23 AM IST
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डेयरी फेडरेशन के प्रबंध निदेशक ने दुग्ध समितियों के लिए खरीदे जाने वाले डाटा प्रोसेसर एवं मिल्क कलेक्शन (डीपीएमसीयू) एवं मिल्क एनालाइजर का टेंडर तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। कुछ फर्मों ने टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायतें की थी। इसके अलावा कुछ अज्ञात लोगों ने एनआईसी की साइट हैक कर डेयरी फेडरेशन के टेंडर को ही गायब कर दिया है। इससे विभाग में खलबली मची है। प्रबंध निदेशक ने इस मामले को साइबर क्राइम मानते हुए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत राज्य के नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून में दुग्ध समितियों का आधुनिकीकरण करने के लिए डीपीएमसीयू एवं मिल्क एनालाइजर लगाए जाने हैं। इससे दुग्ध उत्पादकों को फैट की जानकारी तुरंत मिल जाएगी। अलग - अलग जिलों में इन उपकरणों की दो करोड़ से अधिक धनराशि से खरीद होनी है। इसके लिए उत्तराखंड सहकारी डेयरी फेडरेशन ने 28 मार्च को ई - निविदा के आधार पर टेंडर आमंत्रित किए थे।
इसमें छह फर्मों ने टेंडर डाले। जिसकी तकनीकी बिड 11 अप्रैल को खोली गई एवं तकनीकी बिड का द्वितीय पार्ट डेमोस्ट्रेशन 30 अप्रैल को कराया गया। फेडरेशन ने इस बार शर्त रखी थी कि डेमोस्ट्रेशन में जिन फर्मों की रिपोर्ट सेवाएं देने के मामले में अनुकूल हाेंगी उन्हीं फर्मों की फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी। बताते हैं कि डेमोस्ट्रेशन में चार फर्में डेयरी फेडरेशन के मानकों के अनुकूल पाई गयीं।
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रिपोर्ट के आधार पर करीब 15 दिन पूर्व फाइनेशियल बिड खोली गई। इसमें से दो फर्मों की बिड तकनीकी रूप से सही पाई गईं। टेंडर कमेटी में शामिल डेयरी विभाग के अपर निदेशक डा. कमल सिंह, उप निदेशक संजय उपाध्याय, फेडरेशन के जीएम डा. दीप बिष्ट, डा. एलएम जोशी, अजय क्वीरा ने एल-वन ट्रैक मैन्यूफेक्चरिंग लि. के रेट को सही मानते हुए आर्डर जारी करने की संस्तुति की थी।
इस बीच न्यू डेरी इंजी. एवं ट्रेडिंग कंपनी ने इस पर आपत्ति करते हुए विवाद खड़ा कर दिया। दूसरी फर्मों की ओर से भी टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायतें डेयरी फेडरेशन के प्रबंध निदेशक से की गईं। डेयरी फेडरेशन के जीएम (प्रशासन) दीप बिष्ट ने बताया कि शिकायतों के आधार पर प्रबंध निदेशक एलएम रयाल ने टेंडर को शुक्रवार को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। उन्होंने बताया कि ई- निविदा प्रक्रिया के तहत फेडरेशन ने एनआईसी की साइट टेंडर पोर्टल पर टेंडर डाला गया था।
इसी पर तकनीकी बिड और फाइनेंशियल बिड की कार्यवाही भी डाली गई थी। लेकिन अब एनआईसी के टेंडर पोर्टल से फेडरेशन का टेंडर ही गायब हो गया है जबकि 12 अप्रैल को डाले गए अन्य टेंडर शो हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि एनआईसी की साइट से टेंडर गायब होने का मामला काफी गंभीर है। इसे साइबर क्राइम मानते हुए इस मामले में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
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जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत राज्य के नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून में दुग्ध समितियों का आधुनिकीकरण करने के लिए डीपीएमसीयू एवं मिल्क एनालाइजर लगाए जाने हैं। इससे दुग्ध उत्पादकों को फैट की जानकारी तुरंत मिल जाएगी। अलग - अलग जिलों में इन उपकरणों की दो करोड़ से अधिक धनराशि से खरीद होनी है। इसके लिए उत्तराखंड सहकारी डेयरी फेडरेशन ने 28 मार्च को ई - निविदा के आधार पर टेंडर आमंत्रित किए थे।
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इसमें छह फर्मों ने टेंडर डाले। जिसकी तकनीकी बिड 11 अप्रैल को खोली गई एवं तकनीकी बिड का द्वितीय पार्ट डेमोस्ट्रेशन 30 अप्रैल को कराया गया। फेडरेशन ने इस बार शर्त रखी थी कि डेमोस्ट्रेशन में जिन फर्मों की रिपोर्ट सेवाएं देने के मामले में अनुकूल हाेंगी उन्हीं फर्मों की फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी। बताते हैं कि डेमोस्ट्रेशन में चार फर्में डेयरी फेडरेशन के मानकों के अनुकूल पाई गयीं।
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रिपोर्ट के आधार पर करीब 15 दिन पूर्व फाइनेशियल बिड खोली गई। इसमें से दो फर्मों की बिड तकनीकी रूप से सही पाई गईं। टेंडर कमेटी में शामिल डेयरी विभाग के अपर निदेशक डा. कमल सिंह, उप निदेशक संजय उपाध्याय, फेडरेशन के जीएम डा. दीप बिष्ट, डा. एलएम जोशी, अजय क्वीरा ने एल-वन ट्रैक मैन्यूफेक्चरिंग लि. के रेट को सही मानते हुए आर्डर जारी करने की संस्तुति की थी।
इस बीच न्यू डेरी इंजी. एवं ट्रेडिंग कंपनी ने इस पर आपत्ति करते हुए विवाद खड़ा कर दिया। दूसरी फर्मों की ओर से भी टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायतें डेयरी फेडरेशन के प्रबंध निदेशक से की गईं। डेयरी फेडरेशन के जीएम (प्रशासन) दीप बिष्ट ने बताया कि शिकायतों के आधार पर प्रबंध निदेशक एलएम रयाल ने टेंडर को शुक्रवार को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। उन्होंने बताया कि ई- निविदा प्रक्रिया के तहत फेडरेशन ने एनआईसी की साइट टेंडर पोर्टल पर टेंडर डाला गया था।
इसी पर तकनीकी बिड और फाइनेंशियल बिड की कार्यवाही भी डाली गई थी। लेकिन अब एनआईसी के टेंडर पोर्टल से फेडरेशन का टेंडर ही गायब हो गया है जबकि 12 अप्रैल को डाले गए अन्य टेंडर शो हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि एनआईसी की साइट से टेंडर गायब होने का मामला काफी गंभीर है। इसे साइबर क्राइम मानते हुए इस मामले में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।