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Nainital News: डिलीवरी के बाद अस्पताल में नवजात की मौत
Mon, 20 May 2024 05:58 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Mon, 20 May 2024 05:58 AM IST
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रामनगर (नैनीताल)। नगर के सरकारी अस्पताल में रविवार सुबह डिलीवरी होने के बाद नवजात की मौत हो गई। नवजात की मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। पूर्व ब्लॉक प्रमुख के नेतृत्व में सीएमएस से शिकायत कर मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।
हिम्मतपुर डोटियाल निवासी दलीप सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी काजोल नेगी सात माह 14 दिन की गर्भवती थी। रविवार सुबह डिलीवरी कराने के लिए वह सरकारी अस्पताल पहुंची, उस समय महिला डॉक्टर नहीं थीं। नर्साें ने बताया कि सामान्य डिलीवरी करा दी जाएगी। कुछ देर बाद बताया कि 6:16 बजे स्वस्थ बच्चे का जन्म हुआ है। 7:15 बजे देखा तो बच्चे का शरीर नीला पड़ने लगा था। डॉक्टर पहुंची तो बताया कि तीन से चार घंटे में बच्चा ठीक हो जाएगा। सुबह करीब 8:10 नर्सों ने बताया कि बच्चे की हालत नाजुक है, उसे हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। बच्चे को लेकर जब वह काशीपुर के निकले तो वहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इस मामले को लेकर पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी के साथ परिजनों ने अस्पताल की सीएमएस डॉ. चंद्रा पंत से मिले। डॉ. चंद्रा पंत ने मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही का आश्वासन दिया है। दूसरी ओर पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी ने बताया कि जब से अस्पताल पीपीपी मोड पर संचालित हो रहा है, तब से यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल हो चुकी है।
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हिम्मतपुर डोटियाल निवासी दलीप सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी काजोल नेगी सात माह 14 दिन की गर्भवती थी। रविवार सुबह डिलीवरी कराने के लिए वह सरकारी अस्पताल पहुंची, उस समय महिला डॉक्टर नहीं थीं। नर्साें ने बताया कि सामान्य डिलीवरी करा दी जाएगी। कुछ देर बाद बताया कि 6:16 बजे स्वस्थ बच्चे का जन्म हुआ है। 7:15 बजे देखा तो बच्चे का शरीर नीला पड़ने लगा था। डॉक्टर पहुंची तो बताया कि तीन से चार घंटे में बच्चा ठीक हो जाएगा। सुबह करीब 8:10 नर्सों ने बताया कि बच्चे की हालत नाजुक है, उसे हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। बच्चे को लेकर जब वह काशीपुर के निकले तो वहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इस मामले को लेकर पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी के साथ परिजनों ने अस्पताल की सीएमएस डॉ. चंद्रा पंत से मिले। डॉ. चंद्रा पंत ने मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही का आश्वासन दिया है। दूसरी ओर पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी ने बताया कि जब से अस्पताल पीपीपी मोड पर संचालित हो रहा है, तब से यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल हो चुकी है।
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