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टू लेन पुल बनकर तैयार जल्द शुरू होगी आवाजाही
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वीरभट्टी के टूलेन स्पान पुल में जल्द शुरू होगी आवाजाही। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BHIMTAL
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ज्योलीकोट (नैनीताल)। कुमाऊं की लाइफ लाइन कहे जाने वाला ज्योलीकोट-कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग पर वीरभट्टी में 4.62 करोड़ की लागत से बन रहा 48 मीटर लंबा टू लेन स्टील गार्डर पुल से जल्द वाहनों की आवाजाही शुरू होने लगेगी। इस मार्ग पर पिछले तीन वर्षों से यातायात वैकल्पिक अस्थायी बेली ब्रिज से चल रहा है।
सितंबर 2017 में गैस वाहन दुर्घटना में ब्रिटिशकालीन 103 वर्ष पुराना ऐतिहासिक पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। दुर्घटनाओं की आशंका के चलते इस पुल को यातायात के लिए स्थायी तौर पर बंद कर दिया गया था लेकिन मरम्मत की कोशिश में उक्त पुल धराशायी हो गया।
वैकल्पिक यातायात के लिए उक्त स्थल पर बेेली ब्रिज का निर्माण किया गया। पिछले तीन सालों से बेली ब्रिज से ही पूरे कुमाऊं और गढ़वाल को जाने वाले वाहनों का आवागमन हो रहा था।
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इसी क्रम में एनएच ने यहां डबल लेन स्टील गार्डर पुल का प्रस्ताव शासन को भेजा। वर्ष 2019 में स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया गया लेकिन कोविडकाल की वजह से पुल निर्माण में तेजी नहीं आ पाई।
अब वर्तमान में पुल का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। अगले दो-तीन दिन में पुल के चालू हो जाने से उक्त स्थल में बार बार लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी और आवागमन आसान होगा।
1- वीरभट्टी में निर्माणाधीन पुल को जुलाई 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य था लेकिन बीते वर्ष और इस वर्ष कोविडकाल में मजदूरों की कमी और अन्य कारणों से कार्य की गति धीमी रही। अब पुल का कार्य पूरा हो चुका है। एक-दो दिन में उच्चाधिकारियों के निरीक्षण के बाद इस पुल को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
- जीके पांडे, एई एनएच
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सितंबर 2017 में गैस वाहन दुर्घटना में ब्रिटिशकालीन 103 वर्ष पुराना ऐतिहासिक पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। दुर्घटनाओं की आशंका के चलते इस पुल को यातायात के लिए स्थायी तौर पर बंद कर दिया गया था लेकिन मरम्मत की कोशिश में उक्त पुल धराशायी हो गया।
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वैकल्पिक यातायात के लिए उक्त स्थल पर बेेली ब्रिज का निर्माण किया गया। पिछले तीन सालों से बेली ब्रिज से ही पूरे कुमाऊं और गढ़वाल को जाने वाले वाहनों का आवागमन हो रहा था।
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इसी क्रम में एनएच ने यहां डबल लेन स्टील गार्डर पुल का प्रस्ताव शासन को भेजा। वर्ष 2019 में स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया गया लेकिन कोविडकाल की वजह से पुल निर्माण में तेजी नहीं आ पाई।
अब वर्तमान में पुल का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। अगले दो-तीन दिन में पुल के चालू हो जाने से उक्त स्थल में बार बार लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी और आवागमन आसान होगा।
1- वीरभट्टी में निर्माणाधीन पुल को जुलाई 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य था लेकिन बीते वर्ष और इस वर्ष कोविडकाल में मजदूरों की कमी और अन्य कारणों से कार्य की गति धीमी रही। अब पुल का कार्य पूरा हो चुका है। एक-दो दिन में उच्चाधिकारियों के निरीक्षण के बाद इस पुल को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
- जीके पांडे, एई एनएच