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पिता एनडी नेे बेटे के लिए मांगी सुरक्षा 

Mon, 14 Nov 2016 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी। Updated Mon, 14 Nov 2016 01:22 AM IST
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ND relocation father to son sough security
पत्रकारों से बात करते रोहित शेखर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
 पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने केंद्र और राज्य सरकार को पत्र लिखकर बेटे रोहित शेखर के लिए पुुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। एनडी ने यह पत्र भी खुद को एक राजनेता की बजाय पिता की भूमिका में रखते हुए लिखा है। एनडी का कहना है कि वे एक पिता हैं। उन्हें अभी तक पौत्र और पौत्री का सुख नसाीब नहीं हुआ है। रोहित शेखर पर तीन हमले हो चुके हैं, लिहाजा उसे सुरक्षा दी जानी चाहिए।  
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पूर्व सीएम ने पत्र में कहा है कि उनका बेटा 36 साल का है और उसकी अभी शादी नहीं हुई है। उन्हें पौत्र और पौत्री को देखने का सुख भी प्राप्त नहीं हुआ है। कुछ लोगों ने पिछले एक साल में किच्छा (अक्तूबर 15), हरिद्वार (अप्रैल 16) और हल्द्वानी पनचक्की तिराहे पर (नवंबर 16) उनकी मौजूदगी में हर प्रकार से हमला किया। मैं एक पिता हूं। यह सब देखना उनके लिए अत्यंत दुखदायी और चिंताजनक है। तिवारी ने इस पत्र के जरिए आरोप लगाया कि देवभूमि में असामाजिक तत्व खुलेआम प्रजातंत्र की धज्जियां उड़ा रहे हैं। वे चुनाव से पहले आतंक का माहौल बनाने पर आमादा हैं। तिवारी के मुताबिक हमले के मामले में दमुवाढूंगा संघर्ष समिति ने भी मांग की है कि 12 नवंबर की घटना को प्रदेश सरकार संज्ञान में लेते हुए हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करे। 12 नवंबर को दमुआढुंगा संघर्ष समिति ने महापंचायत में एनडी तिवारी शामिल हुए थे। तिवारी के इस कदम का कुछ कांग्रेसी नेताओं ने विरोध जताया था। 
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-रविवार को  सर्किट हाउस में संयुक्त पत्रकार वार्ता में रोहित शेखर तिवारी ने कहा कि उनके पिता एनडी तिवारी ने जीवन भर देश और प्रदेश की सेवा की। आज कांग्रेस के नुमाइंदों ने उस सेवा का ईनाम उनके ऊपर हमला करके दिया है। 
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-युवा उक्रांद के अध्यक्ष संतोष कबडवाल ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश आंदोलनकारियों पर बाहरी होने का आरोप लगाकर आंदोलन को तोड़ने की कोशिश कर रही हैं। पनचक्की चौराहा कांड के मामले पर कांग्रेस को क्षेत्र की जनता से माफी मांगनी चाहिए। 


दमुआढुंगा संघर्ष समिति के संयोजक हरीश रावत ने कहा कि जनता के हक की लड़ाई अंतिम दम तक लड़ी जाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री के काफिले पर हमला करने वाले अराजक तत्वों को चिह्नित करना होगा। पनचक्की चौराहा कांड उत्तराखंड के इतिहास में काला दिन के रूप में जाना जाएगा। पनचक्की चौराहे पर 12 नवंबर को दमुआढुंगा महापंचायत में जाते हुए एनडी तिवारी के काफिले को कुछ कांग्रेसियों ने रोक लिया था। 
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