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नैनीताल को बचाने के लिए हो काम

Mon, 03 Aug 2015 12:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/नैनीताल।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/नैनीताल। Updated Mon, 03 Aug 2015 12:44 AM IST
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सांसद भगत सिंह कोश्यारी का कहना है कि नैनीताल पूरी तरह असुरक्षित है। नैनीताल की जनता के हितों की चिंता कर रहे न्यायिक कार्य में लगे और नैनीताल के पर्यावरण की चिंता कर रहे बुद्धिजीवियों की सुरक्षा को लेकर सरकार को गंभीर होना चाहिए।

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 यहां 1880 जैसा भूस्खलन हुआ तो सब कुछ बर्बाद हो जाएगा। नैनीताल के क्रीम को बचाना जरूरी है। इन बुद्धिजीवियों को हल्द्वानी या किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर बसाया जाना चाहिए। यह हमारे लिए बेशकीमती हैं।
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यहां बेदखली के नोटिस से प्रभावितों से मुलाकात करने आए सांसद कोश्यारी ने नैनीताल क्लब में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि संसद चलने के कारण वह विलंब से लोगों के बीच पहुंचे हैं।
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उन्होंने कहा कि नैनीताल में बंद नाले खुलवाए गए यह अच्छी बात है। जो लोग सड़क घेरे हैं उनका अतिक्रमण तोड़ा जाना उचित है।

लेकिन जो लोग नादानी या नासमझी से अतिक्रमण कर बस गए उन्हें उजाड़ने से पहले उन अधिकारियों का चिह्नीकरण कर उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, जो अतिक्रमण होते देखने के बावजूद चुप बैठे रहे।

कई स्थानों पर लोगों ने खासी जमीन देखी और बस गए। वह भी तो हमारे ही लोग हैं। अब उन्हें उजाड़ा जाना क्या उचित होगा। जब लोग बस गए हैं तो मानवता के नाते नियमों में बदलाव किया जाए ताकि मानवता खत्म नहीं होने पाए।

उन्होंने कहा कि न्यायिक और पर्यावरण जैसे महत्व कार्यों में लगे लोगों को सुरक्षित जगहों पर बसाया जाना चाहिए। सूखाताल को लबालब करने की बातें हो रही हैं।

जबकि नैनीताल को बचाने के लिए प्लानिंग से काम किया जाना चाहिए। प्रशासन सही तथ्य प्रस्तुत करे। अपनी कमजोरी छिपाने के लिए न्यायपालिका को गुमराह नहीं करे।

  नैनीताल को बचाने की कोशिश होनी चाहिए। उधर जमरानी बांध परियोजना को वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद जल बंटवारे को लेकर पेंच आड़े आने की बात पर कोश्यारी ने कहा कि इस मुद्दे पर प्रदेश सरकार को उत्तर प्रदेश सरकार से बात करनी चाहिए।


इस मसले को दोनों राज्य आपस में मिल बैठकर हल कर सकते हैं। पत्रकार वार्ता में भाजपा जिला महामंत्री गोपाल रावत, खीमा शर्मा, नगर अध्यक्ष विवेक साह, सांसद प्रतिनिधि मनोज जोशी, हेम तिवारी, हेम आर्य, हरगोविंद रावत, दयाकिशन पोखरिया, नितिन कार्की, संजय कुमार संजू, अंबा आर्या, तुलसी कठायत आदि थे।

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