Nainital News: अरे वाह!...भीमताल से भी होता है हिमालय पर्वत की शृंखला का दीदार, चोटी से नजर आता है गिरिराज
भीमताल के कर्कोटक के नजदीकी पहाड़ी से भी हिमालय की एक बड़ी रेंज का दीदार किया जा सकता है। यदि मौसम साफ हो और आप इस पहाड़ी पर पहुंच जाएं तो सामने हिमालय की विस्तृत रेंज देखकर आपका दिल झूम उठेगा।
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आमतौर पर हिमालय पर्वत का दीदार करने के लिए सैलानी नैनीताल स्थित ‘हिमालय दर्शन’ या फिर रामगढ़ स्थित गागर क्षेत्र की ओर ही जाते हैं। कम लोग ही जानते हैं कि भीमताल के कर्कोटक के नजदीकी पहाड़ी से भी हिमालय की एक बड़ी रेंज का दीदार किया जा सकता है। यदि मौसम साफ हो और आप इस पहाड़ी पर पहुंच जाएं तो सामने हिमालय की विस्तृत रेंज देखकर आपका दिल झूम उठेगा।
भीमताल में नौकुचियाताल की ओर जाने वाली सड़क से लगी पहाड़ी को कर्कोटक की पहाड़ी के रूप में जाना जाता है। इस पहाड़ी के टॉप पर कर्कोटक नाग देवता का मंदिर है, जहां हर साल शिवरात्रि के मौके पर बड़ी संख्या में भक्त पूजा अर्चना को पहुंचते हैं। भीमताल के तल्लीताल क्षेत्र निवासी मानवेंद्र सिंह नेगी नए साल के पहले दिन अपने दोस्तों जयंत और सुरेंद्र के साथ कर्कोटक की पहाड़ी पर पहुंचे थे। कुछ देर कर्कोटक मंदिर में विश्राम करने के बाद वह इस पहाड़ी के बराबर में स्थित एक दूसरी पहाड़ी के टॉप पर जा पहुंचे। यह दूसरी पहाड़ी कुछ अधिक ऊंची है।
मानवेंद्र ने बताया कि कर्कोटक से लगभग छह सौ मीटर चढ़ाई चढ़ने के बाद उन्हें हिमालय की विस्तृत रेंज दिखाई दी। मानवेंद्र व उनके साथियों ने यहां से हिमालय के नजारे को अपने मोबाइल फोन में कैद कर लिया। मानवेंद्र ने बताया कि कर्कोटक की पहाड़ी के समीप से हिमालय की रेंज दिखाई देने की जानकारी उन्होंने अपने परिजनों व दोस्तों को दी उन्हें यकीन नहीं हुआ। वीडियो देखने के बाद लोगों को यकीन हुआ। इसके बाद से यह वीडियो लोगों को खूब पसंद आ रहा है। साथ ही उसके बाद से कई अन्य लोगों ने भी यहां से हिमालय का दीदार किया।
ट्रैकिंग कर पहुंचा जा सकता है यहां
भीमताल से पांडेगांव तक वाहन से और उसके बाद लगभग दो किलोमीटर की पैदल यात्रा कर कर्कोटक की पहाड़ी पर पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा भीमताल से ट्रैकिंग कर भी यहां पहुंचा जा सकता है। ट्रैकिंग के लिए यहां वर्षों पुराना पैदल रास्ता मौजूद है, जहां रात में रोशनी के लिए सोलर लाइटें लगाई गई हैं। कर्कोटक की पहाड़ी से भीमताल झील का भी विहंगम नजारा देखने को मिलता है।
वर्षों से कर रहे हैं रोपवे की मांग, आज तक नहीं हुई पूरी
भीमताल क्षेत्र में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा दे रहे नितिन राणा और मनोज नेगी का कहना है कि क्षेत्र के लोग पिछले दो दशक से अधिक समय से भीमताल से कर्कोटक तक रोपवे बनाने की मांग कर रहे हैं। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। उनका कहना है कि रोपवे बनने के बाद कर्कोटक तक पहुंच आसान हो जाएगी और इससे भीमताल आने वाले सैलानी आसानी से कर्कोटक तक पहुंच सकेंगे। नेगी और राणा का कहना है कि रोपवे बनने के बाद भीमताल क्षेत्र में एक नया पर्यटक स्थल विकसित हो सकता है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
कर्कोटक के समीप स्थित एक अन्य पहाड़ी से हिमालय का विहंगम नजारा दिखाई देता है। मंदिर आने वाले लोगों को जब ग्रामीण यह बताते हैं तो वह इस पहाड़ी पर जाकर हिमालय के दर्शन करते हैं। वैसे जिसे पता है यहां से हिमालय दिखता है, वे अक्सर यहां पहुंचते हैं और रात्रि विश्राम भी करते हैं। -नितेश बिष्ट, अध्यक्ष, कर्कोटक नाग देवता मंदिर विकास समिति, भीमताल।
कर्कोटक में जहां से हिमालय नजर आता है, उस क्षेत्र का सर्वे कराया जाएगा। ताकि वहां जरूरत के मुताबिक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। -अतुल भंडारी, जिला पर्यटन अधिकारी, नैनीताल।