फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Nainital High Court issues notice to State Government and Director General of Health

नैनीताल: हाईकोर्ट का राज्य सरकार और स्वास्थ्य महानिदेशक को नोटिस, जवाब दाखिल करने के निर्देश

Wed, 07 Oct 2026 10:56 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: Heera Updated Wed, 07 Oct 2026 10:56 PM IST
सार

नैनीताल हाईकोर्ट ने स्वर्गीय गिरधर सिंह बिष्ट के भाई कुलदीप सिंह बिष्ट की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और महानिदेशक (चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन
Nainital High Court issues notice to State Government and Director General of Health
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट ने स्वर्गीय गिरधर सिंह बिष्ट के भाई कुलदीप सिंह बिष्ट की ओर से दायर याचिका पर राज्य सरकार और महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन

मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार कुलदीप सिंह बिष्ट ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि गिरधर सिंह बिष्ट चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर थे। उन्होंने उत्तराखंड सरकारी सेवक स्थानांतरण अधिनियम, 2017 की धारा 3(डी) के तहत गंभीर बीमारी के आधार पर स्थानांतरण से राहत के लिए हाईकोर्ट में चिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने 19 फरवरी 2026 को राज्य सरकार और डीजी मेडिकल हेल्थ को निर्देश दिया था कि गिरधर सिंह के उपस्थित होने के दो दिन के भीतर उनकी दोबारा मेडिकल जांच कर रिपोर्ट/प्रमाणपत्र जारी किया जाए।

विज्ञापन


याचिका में आरोप था कि गिरधर सिंह 28 फरवरी 2026 को मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित हुए, लेकिन उन्हें कोई प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बावजूद 5 मई 2026 को उनका दोबारा स्थानांतरण कर दिया गया। याचिकाकर्ता का कहना था कि इस प्रकार हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किया गया। याचिका में कहा कि बाद में गिरधर सिंह कोमा में चले गए और उनकी मृत्यु हो गई। उनके भाई कुलदीप सिंह बिष्ट ने याचिका में कहा कि यदि संबंधित अधिकारियों, विशेषकर डीजी मेडिकल हेल्थ ने मामले को संवेदनशीलता से लेते हुए हाईकोर्ट के आदेश का पालन किया होता तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।

विज्ञापन
विज्ञापन

याचिका में यह भी कहा गया कि राज्य मेडिकल बोर्ड ने 16 अप्रैल 2026 को एक बार फिर अस्पष्ट मेडिकल प्रमाणपत्र जारी किया, लेकिन हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद इसकी प्रति गिरधर सिंह को उपलब्ध नहीं कराई गई। उनकी मृत्यु के बाद कुलदीप सिंह ने सूचना के अधिकार अधिनियम के माध्यम से उक्त प्रमाणपत्र प्राप्त किया। कुलदीप सिंह ने हाईकोर्ट से मामले की जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों, डीजी मेडिकल हेल्थ सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की है। हाईकोर्ट ने मामले में राज्य सरकार और डीजी मेडिकल हेल्थ से जवाब तलब किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed