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Uttarakhand News: न्यायमित्र के रूप में नियुक्त अधिवक्ता जेल का करें दौरा : हाईकोर्ट

Thu, 08 May 2025 03:21 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Thu, 08 May 2025 03:21 PM IST
सार

नैनीताल हाईकोर्ट ने ऊधमसिंह नगर की जेल में बंद अनिल दिवाकर की जेल अपील पर अगली सुनवाई के लिए 25 जून की तिथि नियत की।

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Nainital High Court fixed the next hearing on the jail appeal of Anil Diwakar lodged in Udham Singh Nagar jail
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट ने ऊधमसिंह नगर की जेल में बंद अनिल दिवाकर की जेल अपील पर अगली सुनवाई के लिए 25 जून की तिथि नियत करते हुए रजिस्ट्री को तीन सप्ताह के भीतर अनुवाद सहित पेपर-बुक तैयार करने व हाईकोर्ट की ओर से नियुक्त न्यायमित्को इसकी निःशुल्क प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने हाईकोर्ट में जेल अपील में नियुक्त ऐसे सभी न्यायमित्रों से कहा है कि वे जेल का दौरा करें।

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मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। अनिल दिवाकर ने हाईकोर्ट में जेल अपील दायर कर पैरवी के लिए अधिवक्ता नियुक्त करने की मांग की थी। कोर्ट ने इस मामले की पैरवी के लिए अधिवक्ता नियुक्त किया।

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साथ ही कोर्ट ने हाईकोर्ट की उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि विधिक सहायता परामर्शदाता और न्यायमित्र के रूप में नियुक्त अधिवक्ता जेल का दौरा कर वहां से निर्देश प्राप्त करें। कोर्ट ने कहा कि अपीलकर्ता से इस तथ्य की पुष्टि करवाएंगे जो कारावास में है। यदि यह पाया जाता है कि अधिवक्ता जेल में अपीलकर्ता से बातचीत नहीं कर रहे हैं तो वे ऐसे वकीलों की नियुक्ति करें, जो जेल का दौरा करने और निर्देश प्राप्त करने के इच्छुक हों।

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रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल ने जारी किया आदेश
हाईकोर्ट के इस आदेश के क्रम में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल की ओर से सभी न्यायमित्रों के लिए सरक्यूलेशन जारी किया गया। इसमें कहा गया कि रजिस्ट्री उच्च न्यायालय विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण यह सुनिश्चित करेंगे कि विधिक सहायता परामर्शदाता और न्यायमित्र के रूप में नियुक्त अधिवक्ता जेल का दौरा करें और निर्देश लें। यदि यह पाया जाता है कि काउंसिल जेल में अपीलकर्ता से बातचीत नहीं कर रहे हैं तो वे ऐसे काउंसिल को मुलाकात करने की सलाह देंगे जो जेल में जाकर निर्देश लेने के लिए तैयार हों। हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में सभी न्यायमित्रों के संज्ञान में लाया गया और अनुरोध किया गया कि उचित मामलों में संबंधित अपीलकर्ताओं से मुलाकात के लिए रजिस्ट्री उच्च न्यायालय विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क किया जा सकता है।

 

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