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भगवान के लाए फूलों से मां ने बेटे को दी अंतिम विदाई
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भगवान के लाए फूलों से मां ने बेटे को दी अंतिम विदाई
- कागभुसंडी की ट्रेकिंग पर गया था रोहित पंत, मां के लिए ला रहा था ब्रह्मकमल और नीलकमल के फूल
- देर रात घर पहुंचे शव को देख बेसुध हुई रोहित की मां ने उन्हीं फूलों से दी बेटे को पुष्पांजलि
संवाद न्यूज एजेंसी
हल्द्वानी। मां से किए वादे को पूरा करने के लिए रोहित ट्रेकिंग से लौटते समय बमुश्किल मिलने वाले फूल लेकर आ रहा था। रोहित का शव घर पहुंचा तो उसके बैग में फूल भी मिले। शव को दाह संस्कार के लिए ले जाते समय उसकी मां ने वही फूल बेटे के शव पर रखकर उसे विदाई दी।
कालाढूंगी रोड निवासी रोहित पंत (24) एक अक्तूबर को बचपन के दोस्त प्रज्ज्वल के साथ कागभुसंडी ट्रेकिंग पर गए थे। बुधवार को ट्रेकिंग से लौटते समय उनकी हालत बिगड़ने लगी, रेस्क्यू टीम के पहुंचने तक रोहित की सांसें थम चुकी थीं। बृहस्पतिवार देर रात करीब 1:15 बजे रोहित का शव घर लाया गया तो बेसुध मां सुनीता पंत बेटे के शव से लिपटकर दुलार करने लगी। परिजनों के मुताबिक, जब रोहित का बैग खोला गया तो उसमें ब्रह्मकमल और नीलकमल के फूल मिले। ये वही फूल थे जिन्हें लाने का वादा रोहित ने ट्रेकिंग पर जाने से पहले मां से किया था। बेटे के बैग में रखे फूल देखते ही बुजुर्ग मां की आंखें भर आईं।
शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे चित्रशिलाघाट पर शव का अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों के मुताबिक घर से शव ले जाने से पहले सुनीता ने रोहित के लाए फूलों को सीने से लगाकर बेटे को अर्पित कर दिए।
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निजी वाहन से ट्रेकिंग पर जाने की थी प्लानिंग
जानकारी के मुताबिक रोहित और उसके दोस्त पहले बाइक या स्कूटी से कागभुसंडी जाने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि परिजनों से बातचीत के बाद उन्होंने यात्री वाहन से जाना तय किया और उसी से यात्रा पर निकले थे।
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भगवान के लाए फूलों से मां ने बेटे को दी अंतिम विदाई
- कागभुसंडी की ट्रेकिंग पर गया था रोहित पंत, मां के लिए ला रहा था ब्रह्मकमल और नीलकमल के फूल
- देर रात घर पहुंचे शव को देख बेसुध हुई रोहित की मां ने उन्हीं फूलों से दी बेटे को पुष्पांजलि
संवाद न्यूज एजेंसी
हल्द्वानी। मां से किए वादे को पूरा करने के लिए रोहित ट्रेकिंग से लौटते समय बमुश्किल मिलने वाले फूल लेकर आ रहा था। रोहित का शव घर पहुंचा तो उसके बैग में फूल भी मिले। शव को दाह संस्कार के लिए ले जाते समय उसकी मां ने वही फूल बेटे के शव पर रखकर उसे विदाई दी।
कालाढूंगी रोड निवासी रोहित पंत (24) एक अक्तूबर को बचपन के दोस्त प्रज्ज्वल के साथ कागभुसंडी ट्रेकिंग पर गए थे। बुधवार को ट्रेकिंग से लौटते समय उनकी हालत बिगड़ने लगी, रेस्क्यू टीम के पहुंचने तक रोहित की सांसें थम चुकी थीं। बृहस्पतिवार देर रात करीब 1:15 बजे रोहित का शव घर लाया गया तो बेसुध मां सुनीता पंत बेटे के शव से लिपटकर दुलार करने लगी। परिजनों के मुताबिक, जब रोहित का बैग खोला गया तो उसमें ब्रह्मकमल और नीलकमल के फूल मिले। ये वही फूल थे जिन्हें लाने का वादा रोहित ने ट्रेकिंग पर जाने से पहले मां से किया था। बेटे के बैग में रखे फूल देखते ही बुजुर्ग मां की आंखें भर आईं।
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शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे चित्रशिलाघाट पर शव का अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों के मुताबिक घर से शव ले जाने से पहले सुनीता ने रोहित के लाए फूलों को सीने से लगाकर बेटे को अर्पित कर दिए।
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निजी वाहन से ट्रेकिंग पर जाने की थी प्लानिंग
जानकारी के मुताबिक रोहित और उसके दोस्त पहले बाइक या स्कूटी से कागभुसंडी जाने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि परिजनों से बातचीत के बाद उन्होंने यात्री वाहन से जाना तय किया और उसी से यात्रा पर निकले थे।