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मॉक ड्रिल: रोपवे में फंसे यात्रियों को बचाया
Sat, 18 Apr 2026 02:04 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sat, 18 Apr 2026 02:04 AM IST
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नैनीताल। मल्लीताल स्थित रोपवे में शुक्रवार को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अग्निशमन विभाग की ओर से संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। ड्रिल का उद्देश्य तकनीकी खराबी की स्थिति में रोपवे में फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालने की तैयारियों को परखना था।
मॉक ड्रिल के दौरान चार यात्रियों को ले जा रहा रोपवे अचानक सात नंबर स्टाफ हाउस के पास रुक जाता है। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और फायर विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करती हैं। टीमों ने रस्सियों के सहारे यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतारकर प्राथमिक इलाज दिया और उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया। एनडीआरएफ द्वितीय कमांडर राजेश जोशी ने बताया कि इस तरह के अभ्यास से आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है। इससे पहले वर्ष 2025 में भी रोपवे पर रियल-टाइम रेस्क्यू अभ्यास किया गया था जिसमें टीम ने रस्सियों के माध्यम से यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया था। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य तकनीकी खराबी के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की दक्षता को परखना था।
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मॉक ड्रिल के दौरान चार यात्रियों को ले जा रहा रोपवे अचानक सात नंबर स्टाफ हाउस के पास रुक जाता है। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और फायर विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करती हैं। टीमों ने रस्सियों के सहारे यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतारकर प्राथमिक इलाज दिया और उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया। एनडीआरएफ द्वितीय कमांडर राजेश जोशी ने बताया कि इस तरह के अभ्यास से आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है। इससे पहले वर्ष 2025 में भी रोपवे पर रियल-टाइम रेस्क्यू अभ्यास किया गया था जिसमें टीम ने रस्सियों के माध्यम से यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया था। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य तकनीकी खराबी के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की दक्षता को परखना था।
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