फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Miracles In Hanuman Garhi Temple: Neem karoli Baba had laid the foundation of Hanuman Garhi

New Year 2024: बाबा नीब करोरी ने रखी थी उत्तराखंड के इस मंदिर की नींव, जानें मान्यता

Mon, 01 Jan 2024 09:04 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Mon, 01 Jan 2024 09:04 PM IST
सार

भवाली में अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित कैंची धाम की स्थापना बाबा नीब करोरी ने की थी, लेकिन यह बहुत कम लोगों को पता है कि बाबा ने नैनीताल में एक और मंदिर का निर्माण कराया था। इस मंदिर को हनुमानगढ़ी के नाम से जाना जाता है।

विज्ञापन
Miracles In Hanuman Garhi Temple: Neem karoli Baba had laid the foundation of Hanuman Garhi
बजरंग बली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड में हनुमान का एक ऐसा मंदिर है जहां पेड़ की पत्तियां भी राम नाम जपती है। मान्यता है कि यहां मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। भवाली में अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित कैंची धाम की स्थापना बाबा नीब करोरी ने की थी, लेकिन यह बहुत कम लोगों को पता है कि बाबा ने नैनीताल में एक और मंदिर का निर्माण कराया था। इस मंदिर को हनुमानगढ़ी के नाम से जाना जाता है। नए साल के मौके पर नैनीताल आने वाले पर्यटक इस मंदिर के दर्शन करने जरूर आते हैं। यहां आने वाले सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

विज्ञापन


यह मंदिर नैनीताल-हल्द्वानी नेशनल हाईवे पर नैनीताल शहर से साढ़े तीन किमी. की दूर पर स्थित है। मंदिर में साल भर भक्तों का मेला लगा रहता है। यहां लोग मन्नतें मांगते हैं। 1953 में बाबा ने इस मंदिर को बनवाया था। मंदिर बनने से पहले यहां पर मिट्टी का एक टीला था, जहां पर बाबा नीब करोरी ने लगातार एक साल तक रामनाम का भजन कीर्तन किया था। 
विज्ञापन


ये पढ़ें- मातम में बदली नए साल की खुशियां: लखनऊ से मुनस्यारी घुमने आए युवक की मौत, कारण जानकर डॉक्टर भी हैरान

विज्ञापन
विज्ञापन

Miracles In Hanuman Garhi Temple: Neem karoli Baba had laid the foundation of Hanuman Garhi
बाबा - फोटो : अमर उजाला
स्थानीय लोग बताते हैं कि तब यहां घनघोर जंगल था और बाबा की तपस्या के बाद जंगल के पेड़ भी राम का नाम जपने लगे। राम नाम के कीर्तन के बाद बाबा ने यहां विशाल भंडारा कराया था। प्रसाद बनाते वक्त घी कम पड़ गया तो बाबा ने पास रखा पानी से भरा कनस्तर कढ़ाई में पलट दिया। देखते ही देखते वह पानी घी में बदल गया। मंदिर में हनुमान मंदिर के अलावा देवी मंदिर, शिव मंदिर और माता अंजना का मंदिर है। राम नवमी को यहां विशेष पूजा और भंडारा होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed