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सीएम की गाड़ी में मंत्री, पब्लिक की गाड़ी में सीएम

Sun, 16 Oct 2016 12:36 AM IST
नवीन सक्सेना
नवीन सक्सेना Updated Sun, 16 Oct 2016 12:36 AM IST
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Minister in the Chief Minister's car, CM in the car of public
सीएम हरीश रावत की सुरक्षा को लेकर शासन-प्रशासन खास संजीदा नहीं है। - फोटो : अमर उजाला

सीएम हरीश रावत की सुरक्षा को लेकर शासन-प्रशासन खास संजीदा नहीं है। जिला प्रशासन ने सीएम को इनोवा (टैक्सी) से सर्किट हाउस से आर्मी हैलीपैड तक पहुंचाया। इसमें अकेले मुख्यमंत्री नहीं बैठे बल्कि वित्तमंत्री, दुग्ध मंत्री और दर्जा राज्यमंत्री भी सवार होकर हैलीपैड तक गए।

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बता दें कि लाडली हत्याकांड के दौरान जब सीएम की फ्लीट शीशमहल के पास से गुजर रही थी, तब कुछ लोगों ने उनकी कार पर पत्थर फेंक दिया था। उसके बाद सीएम की सुरक्षा और बढ़ाने का दावा किया गया था, लेकिन शनिवार की घटना से लगता है कि यह दावा हवा हवाई ही है।
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सीएम हरीश रावत शुक्रवार को यहां गौलापार स्थित आईएसबीटी का शिलान्यास करने के लिए आए थे। रात्रि विश्राम सीएम ने सर्किट हाउस में किया था। शनिवार पूर्वाह्न 11 बजे उन्हें हल्द्वानी आर्मी हैलीपैड से हैलीकॉप्टर से देहरादून रवाना होना था।
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फ्लीट में सीएम के लिए सरकारी वाहन के स्थान इनोवा (टैक्सी यूके 04 टीए/ 8364) लगाई गई थी। सीएम निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 11:10 बजे जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई टैक्सी में बैठे और उनका काफिला आर्मी हैलीपैड के लिए रवाना हो गया।

टैक्सी की इनोवा में चालक के बराबर वाली आगे की सीट पर सीएम तो उनके पीछे की सीट पर वित्तमंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश, दुग्धमंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल और सबसे पीछे की सीट पर दर्जा राज्यमंत्री प्रयाग भट्ट और एक अन्य व्यक्ति बैठे थे।

इधर, सर्किट हाउस में मौजूद लोगों में इस बात की चर्चा रही कि सीएम के दौरे के लिए जिला प्रशासन सरकारी वाहन उपलब्ध नहीं करा सका। इस बारे में डीएम और एडीएम से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन नहीं उठ सका।


सिटी मजिस्ट्रेट केके मिश्रा से सीएम के काफिले में टैक्सी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने यह कह कर मामले को टाल दिया कि उनकी ड्यूटी तो रोड क्लीयर कराने में लगी थी, वह वाहन के बारे में नहीं बता सकते।

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