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एमबीपीजी परीक्षाफल: बीए में 47 प्रतिशत और बीएससी में 64 प्रतिशत विद्यार्थी फेल
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हल्द्वानी। कुमाऊं के सबसे बड़े एमबीपीजी कॉलेज के परीक्षाफल में इस बार गिरावट आई है। हर कक्षा में बच्चे बहुतायत संख्या में फेल हुए हैं। यहां बीए में 47 प्रतिशत और बीएससी में 64 प्रतिशत छात्र-छात्राएं फेल हो गए हैं।
एमबी महाविद्यालय में न तो प्राध्यापकों की कमी और न ही सुविधाओं का अभाव है। फिर भी परीक्षा परिणाम बेहतर होने के बजाय गिरता जा रहा है। इससे शिक्षण व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। कोविड के सामान्य होते हालातों के बीच भी महाविद्यालय की शिक्षण व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। बीते दिनों बीए और बीएससी का परीक्षा परिणाम घोषित हुआ है। बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा में कॉलेज में 2374 विद्यार्थी पंजीकृत थे। इनमें 1105 विद्यार्थी फेल हुए हैं। जबकि बीए की कक्षा में उत्तीर्ण होना अन्य कक्षाओं के मुकाबले आसान माना जाता है। वहीं बीएससी प्रथम वर्ष की कक्षा में 1137 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। इसमें 725 विद्यार्थी फेल हुए हैं। बीएससी द्वितीय वर्ष में 809 विद्यार्थी पंजीकृत थे। इनमें 267 विद्यार्थी फेल हुए हैं। महाविद्यालय से मिली जानकारी के अनुसार बीए में 47 प्रतिशत, बीएससी प्रथम में 64 प्रतिशत और बीएससी द्वितीय वर्ष में 33 प्रतिशत विद्यार्थी फेल हुए हैं।
कोट
परीक्षा परिणाम हर वर्ष इसी प्रकार रहता है। विद्यार्थियों को मेहतन करनी चाहिए। पढ़ने वाले विद्यार्थी फेल नहीं होते हैं। महाविद्यालय की शिक्षण व्यवस्था बिलकुल ठीक है। यहां प्राध्यापकों की कोई कमी नहीं है।
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डॉ. एनएस बनकोटी, प्राचार्य, एमबीपीजी कॉलेज।
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एमबी महाविद्यालय में न तो प्राध्यापकों की कमी और न ही सुविधाओं का अभाव है। फिर भी परीक्षा परिणाम बेहतर होने के बजाय गिरता जा रहा है। इससे शिक्षण व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। कोविड के सामान्य होते हालातों के बीच भी महाविद्यालय की शिक्षण व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। बीते दिनों बीए और बीएससी का परीक्षा परिणाम घोषित हुआ है। बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा में कॉलेज में 2374 विद्यार्थी पंजीकृत थे। इनमें 1105 विद्यार्थी फेल हुए हैं। जबकि बीए की कक्षा में उत्तीर्ण होना अन्य कक्षाओं के मुकाबले आसान माना जाता है। वहीं बीएससी प्रथम वर्ष की कक्षा में 1137 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। इसमें 725 विद्यार्थी फेल हुए हैं। बीएससी द्वितीय वर्ष में 809 विद्यार्थी पंजीकृत थे। इनमें 267 विद्यार्थी फेल हुए हैं। महाविद्यालय से मिली जानकारी के अनुसार बीए में 47 प्रतिशत, बीएससी प्रथम में 64 प्रतिशत और बीएससी द्वितीय वर्ष में 33 प्रतिशत विद्यार्थी फेल हुए हैं।
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कोट
परीक्षा परिणाम हर वर्ष इसी प्रकार रहता है। विद्यार्थियों को मेहतन करनी चाहिए। पढ़ने वाले विद्यार्थी फेल नहीं होते हैं। महाविद्यालय की शिक्षण व्यवस्था बिलकुल ठीक है। यहां प्राध्यापकों की कोई कमी नहीं है।
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डॉ. एनएस बनकोटी, प्राचार्य, एमबीपीजी कॉलेज।