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हल्द्वानी मदरसा केस: बच्चों के परिजनों का छलका दर्द कहा- ऐसा पता होता तो ना भेजते मदरसे

Tue, 10 Oct 2023 05:08 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Tue, 10 Oct 2023 05:08 PM IST
सार

हल्द्वानी के वीरभट्टी में संचालित मदरसे के 24 बच्चों को रेस्क्यू कर बनभूलपुरा के मदरसा इशातुल हक के संरक्षण में रखा गया। बच्चों के परिजन उन्हें घर लेकर जाने के लिए मदरसा इशातुल हक पहुंचे, लेकिन अभिभावकों को बच्चों से मिलने नहीं दिया।

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madrassa case in haldwani
हल्द्वानी मदरसा केस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वीरभट्टी क्षेत्र में संचालित मदरसे के 24 बच्चों को रेस्क्यू कर बनभूलपुरा के मदरसा इशातुल हक के संरक्षण में रखा गया। सोमवार को परिजन बच्चों को घर ले जाने के लिए मदरसा इशातुल हक पहुंचे, लेकिन यहां अभिभावकों को बच्चों से नहीं मिलने दिया गया। प्रशासन के निर्देश पर मदरसा प्रबंधन ने मीडिया को भी बच्चों से मिलने पर रोक लगा दी।

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मदरसे में पढ़ने वाले बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के हैं। कुछ बच्चे अनाथ हैं। अमर उजाला की टीम ने मौके पर मौजूद अभिभावकों से बातचीत की तो अभिभावकों का कहना था अगर उन्हें पता होता कि बच्चों के साथ इस मदरसे में बदसलूकी की जाती है तो वे कभी बच्चों यहां न भेजते। 
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बच्चों में अधिकतर बनभूलपुरा क्षेत्र के रहने वाले हैं। अभिभावकों का कहना है कि यहां पढ़ाई का माहौल न मिलने के कारण ज्योलीकोट स्थित मदरसे में भेजा था। अब अपने साथ ही बच्चों को पढ़ाएंगे। शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले की शिकायत करने पर कुछ लोग उसे धमका रहे हैं।
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यह भी पढ़ें- Nainital News: नैनीताल में अवैध मदरसे से मुक्त कराए 24 बीमार बच्चे, पुलिस ने संचालक के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा

बच्चे को मदरसे भेजे छह महीने हुए हैं। पुलिस की सूचना पर बच्चे को लेने आया हूं। अभी उससे मिलने नहीं दिया गया। बच्चों संग गलत व्यवहार करने वालों पर कार्रवाई हो। -रामपुर निवासी परिजन। 

छोटा भाई और मौसी के दो बच्चे मदरसे में पढ़ते हैं। मदरसे में कुछ बच्चों के साथ दुर्व्यवहार की बात सामने आ रही है। अगर पता होता तो बच्चे को वहां न भेजते। अब घर पर ही बच्चों को पढ़ाएंगे।  -हल्द्वानी निवासी परिजन।


बच्चों को देखने के लिए मदरसे गया तो कई बच्चे बीमार दिखे और उन्हें दवाई नहीं दी गई थी। कमरों में गंदगी के कारण रहने लायक स्थिति नहीं थी, इसलिए मामले की शिकायत प्रशासन से की।   -शिकायतकर्ता

4 बच्चों को हल्द्वानी लाया गया है। उन्हें समय पर नाश्ता और खाना दिया गया। प्रशासन के निर्देश पर बच्चों से किसी बाहरी को नहीं मिलने दिया गया। टीम ने बच्चों से पूछताछ की। अगले आदेशों तक बच्चों को मदरसे में ही रखा गया है। -उवैस खान, संचालक, मदरसा इशातुल हक, हल्द्वानी।

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