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झोपड़ियों में लगी आग, मां-बेटे की जलकर मौत
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्दूचौड़ (नैनीताल)।
Updated Wed, 27 Apr 2016 12:09 AM IST
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रोते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
हल्दूचौड़ (नैनीताल)। मोटाहल्दू गौला उपखनिज निकासी गेट पर दोपहर करीब साढ़े 12 बजे अचानक आग लग गई। तेज हवा के चलते आग की चपेट में आई करीब सौ झोपड़ियां जल गईं। झोपड़ियों के बीच घिरे मां-बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। आग से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है।
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मोटाहल्दू उपखनिज निकासी गेट पर मजदूरों की सौ झोपड़ियां बनी थीं। मंगलवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे अचानक झोपड़ियां में आग लग गई। इस दौरान स्वास्थ्य खराब होने की वजह से रीता उराव पत्नी गुलाबचंद (35) और उसका इकलौता बेटा असनंदन उराव (6) निवासी गरवा तोला बर्मनी जिला गडवा नगर उटारी झारखंड के साथ झोपड़ी में सोए थे।
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अचानक आग लगने से वे झोपड़ियों के बीच ही घिर गए। काफी प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस समय सभी मजदूर गौला नदी में खनन कार्य को गए हुए थे। आग लगने से मजदूरों का सारा सामान, बिस्तर, कपडे़, अनाज, नकदी, बर्तन, साइकिल, बच्चों की किताबें आदि सब राख हो गए। आग लगने की सूचना अग्निशमन विभाग को दी गई। अग्नि शमन दस्ते के पहुंचने से पहले ही सभी झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। मौके पर पहुंचे एसडीएम पंकज उपाध्याय ने मजदूरों को तत्काल सहायता राशि दिलाने का भरोसा दिया।
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वहीं घटनास्थल पर पहुंचे निवर्तमान श्रम मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने वन निगम के उच्चाधिकारियों से वार्ता कर तुरंत मृतकों के परिजनों को 50 हजार रुपये की तत्काल सहायता राशि के साथ ही मजदूरों के लिए पांच दिन के भोजन, रहने की व्यवस्था करने के लिए सहायता राशि देने की मांग की। इस दौरान सेंचुरी पेपर मिल एवं हल्द्वानी से फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचीं। एक दर्जन से अधिक गाड़ियों से आग बुझाई जा सकी।