Nainital News: एनएच 74 घोटाले के सभी दस आरोपियों को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को ठहराया सही
एनएच 74 घोटाले के आरोपियों ने हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दायर कर निचली अदालत के 28 अप्रैल 2022 के आदेश को चुनौती दी थी। निचली अदालत ने ईडी को आदेश दिया था कि इनके खिलाफ अलग-अलग शिकायतों के आधार पर अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए जाएं। इसके बाद ईडी ने उनके खिलाफ अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए।
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हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को सही ठहराते हुए चर्चित एनएच-74 घोटाले के सभी दस आरोपियों की याचिकाओं को निरस्त कर दिया है। न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ ने 24 अप्रैल को इस मामले में निर्णय सुरक्षित रख लिया था।
मामले के अनुसार एनएच 74 घोटाले के आरोपी दिनेश प्रताप सिंह, अर्पण कुमार, संजय कुमार चौहान, विकास कुमार, भोले लाल, भगत सिंह फोनिया, मदन मोहन पलड़िया, बरिंदर सिंह,बलवंत सिंह, रमेश कुमार और ओम प्रकाश ने हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दायर कर निचली अदालत के 28 अप्रैल 2022 के आदेश को चुनौती दी थी।
निचली अदालत ने ईडी को आदेश दिया था कि इनके खिलाफ अलग-अलग शिकायतों के आधार पर अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए जाएं। इसके बाद ईडी ने उनके खिलाफ अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए। याचिकाओं में कहा गया कि निचली अदालत का आदेश गलत है। पहले के मुकदमे को वापस नहीं लिया जा सकता। घोटाले में आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग शिकायतें दर्ज हैं जबकि किसी के खिलाफ एक तो किसी के खिलाफ दो या तीन मामले दर्ज हैं।
शिकायतों को इकट्ठा कर एक ही मुकदमे के रूप में सुना जाए
डीपी सिंह के खिलाफ सात शिकायतें दर्ज हैं। अगर वह एक केस में उपस्थित नहीं होने का प्रार्थनापत्र देते हैं तो उन्हें अन्य छह केस में भी प्रार्थनापत्र देना पड़ेगा। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कोई भी आदेश जारी हो सकता है। याचिकाकर्ताओं ने मांग की थी कि निचली अदालत के आदेश को निरस्त किया जाए। सभी शिकायतों को इकट्ठा कर एक ही मुकदमे के रूप में सुना जाए।
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2017 में हुई थी घोटाले की पुष्टि
एसआईटी ने 2017 में करोड़ों रुपये के एनएच 74 घोटाले की पुष्टि की थी। इसमें कई अधिकारी, कर्मचारी और किसान संलिप्त पाए गए थे। घोटाले में किसानों की कृषि योग्य भूमि को अकृषि दिखाकर घोटाला किया गया। एक मार्च 2017 को तत्कालीन आयुक्त सेंथिल पांडियन ने घोटाले की आशंका जताई और जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर को जांच के आदेश दिए थे। जांच सही पाए जाने पर तत्कालीन एडीएम प्रताप साह ने पंतनगर के सिडकुल थाने में मुकदमा दर्ज किया। कई लोगों के नाम सामने आए, उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले में दो आईएएस अधिकारी भी निलंबित किए गए थे। अभी एनएच 74 घोटाले के आरोपी जमानत पर हैं।