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Lok Sabha Election 2024: आखिरकार नेताजी उतर ही गए मैदान में...पढ़ें चुनाव की कहानी
Sat, 06 Apr 2024 12:55 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: हीरा मेहरा
Updated Sat, 06 Apr 2024 12:55 PM IST
सार
आखिरकार नेताजी अपने गृह क्षेत्र में लौटकर मैदान में उतर ही गए हैं। भले ही प्रत्याशी से अलग ही सही, लेकिन पार्टी का झंडा थामकर प्रचार में जुटे नेताजी को देखकर आलाकमान के साथ ही प्रत्याशी और संगठन ने राहत की सांस ली है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
कुमाऊं की एक संसदीय सीट पर एक प्रमुख दल दूसरे को बाहर कर 10 साल के लंबे इंतजार के बाद जीत दर्ज कराने के लिए जोर आजमाइश में जुटा है। विधानसभाओं में काबिज दल के नेताओं से उम्मीद थी कि वे अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक देंगे। एक विधानसभा के नेताजी न तो टिकट मिलने के बाद पार्टी प्रत्याशी के नामांकन में शामिल हुए और न किसी भी मंच पर उनके साथ नजर आए।
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इसी बीच उन्होंने महानगर में डेरा जमा लिया, इससे पार्टी आलाकमान, कार्यकर्ता और खुद प्रत्याशी असमंजस में पड़ गए। सबके मन में एक ही सवाल था कि कहीं नेताजी ने दाएं-बाएं कर लिया तो चुनावी शोर के बीच पार्टी के साथ ही प्रत्याशी की मुश्किल बढ़ेगी। ऐसे में सभी को उनके अगले कदम का बेसब्री से इंतजार था। आखिरकार नेताजी अपने गृह क्षेत्र में लौटकर मैदान में उतर ही गए हैं। भले ही प्रत्याशी से अलग ही सही, लेकिन पार्टी का झंडा थामकर प्रचार में जुटे नेताजी को देखकर आलाकमान के साथ ही प्रत्याशी और संगठन ने राहत की सांस ली है।
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