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21 वीं सदी में जी रहे 19 वीं सदी की जिंदगी
रमेश परगांई/अमर उजाला ब्यूरो, पतलोट (नैनीताल)।
Updated Tue, 09 Feb 2016 01:00 AM IST
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नैनीताल जिले की सीमा से सटा चंपावत तहसील के बिनवाल गांव का तोक 21 वीं सदी में बिजली, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं से महरूम है। चंपावत के विकासखंड पाटी के इस गांव के लोग आज भी छिलके और लैंप की रोशनी में गुजारा कर रहे हैं।
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स्कूली बच्चों को इसी रोशनी के सहारे पढ़ाई करनी पड़ती है। गांव का नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 22 किमी पैदल दूरी रीठा साहिब में है। जबकि तहसील और ब्लाक से राशन कार्ड, आय, जाति समेत तमाम प्रमाण पत्र बनाने के लिए 72 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। कई बार गुहार लगाने के बावजूद शासन प्रशासन ने आज तक ग्रामीणों की कोई सुध नहीं ली है।
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ओखलकांडा ब्लाक के पतलोट से तीन किमी दूर चंपावत जिले के बिनवाल गांव के कलियाधूरा तोक के ग्रामीण बिजली नहीं होने से खासा मायूस हैं। गांव वासियों के लिए आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मोबाइल फोन रखना भी सपने जैसा है।
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बिजली के लिए कई बार ग्रामीण जिलाधिकारी, कमिश्नर, मुख्यमंत्री से गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोरे आश्वासनों के अलावा उन्हें कुछ भी नसीब नहीं हुआ। खास बात यह है कि नंधौर नदीं का उद्गम भी कलियाधूरा से ही है। उजाले के लिए लोग आदिम संसाधन छिलके (चीड़ की लीसा युक्त लकड़ी) का सहारा लेते हैं।
ग्रामीण बालादत्त परगाईं बताते हैं कि सूचना तकनी के इस दौर में बिजली नहीं होने से लोग मोबाइल का उपयोग भी नहीं कर पा रहे हैं। स्मार्ट फोन की तो कल्पना भी नहीं कर सकते। लैंड लाइन सेवा भी ओखलकांडा ब्लाक मुख्यालय में मिलती है। वह भी यदा कदा बंद ही रहता है।
सुरेश परगांई कहते हैं कि 35 साल पहले गांव से ऊपर पांच किमी तक सड़क बनी। जिसका ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिला। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ेक सड़क रीठा साहिब तक बनी लेकिन उससे गांव को नहीं जोड़ा गया।
मथुरादत्त भट्ट कहते हैं कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 22, एएनएम सेंटर 18 किमी पैदल दूरी पर है। गंभीर रोगियों को डोली पर अस्पताल ले जाते हैं। तहसील और ब्लाक से जरूरी काम निपटाने के लिए 22 किमी पैदल समेत 72 किमी दूरी नापते हैं। इसके लिए एक दिन पाटी में ठहरना पड़ता है।
जिसमें काफी आर्थिक हानि होती है। ललित परगांई कहते हैं कि गांव की समस्याओं के समाधान के लिए कई बार शासन-प्रशासन, विधायक, मंत्री, कमिश्नर, चंपावत, पिथौरागढ़, नैनीताल के पावर कारपोरेशन अधिकारियों से गुहार लगाई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
यूपीसीएल चंपावत के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार बताते हैं कि बिनवालगांव ग्राम पंचायत का गैरविद्युतीकृत तोक कलियाधुरा तक चंपावत की ओर से बिजली पहुंचना व्यवहारिक रूप से बेहद कठिन है। करीब चार किलोमीटर की दूरी और सघन जंगल इसके आड़े आ रहा है।
इसके चलते कलियाधुरा तोक को नैनीताल यूपीसीएल डिवीजन अथवा राजीव गांधी विद्युतीकरण खंड के माध्यम से जगमगाने की पहल हो रही है।