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घंटों भटकती रही गर्भवती, नहीं किया भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी
Updated Mon, 11 Jul 2016 11:47 PM IST
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एक महिला अस्पतालों के चक्कर काटती रही मगर कहीं उसको भर्ती नहीं किया गया। सुशीला तिवारी अस्पताल में महिला के परिजनों को हड़ताल की बात कहकर टरका दिया गया। एमएस के कहने के बावजूद दर्द से तड़प रही महिला को एसटीएच में भर्ती नहीं किया गया।
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शांतिपुरी निवासी राजू की पत्नी मीरा देवी गर्भवती है। राजू ने बताया कि डाक्टरों ने प्रसव की तिथि 16 जुलाई बताई थी मगर सोमवार सुबह से ही पत्नी को काफी दर्द हो रहा था। राजू पत्नी को भर्ती कराने के लिए महिला अस्पताल लाया था। महिला अस्पताल में बेड न होने की बात कहकर राजू को वापस भेज दिया गया। डाक्टरों ने राजू को सुशीला तिवारी अस्पताल जाने को कहा। सुशीला तिवारी अस्पताल में राजू पर्चा बनवाने के बाद घंटों चक्कर काटता रहा। एमएस डा. एके पांडे ने मीरा देवी को स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में इलाज कराने के लिए भेजा।
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राजू ने बताया कि डाक्टरों ने कहा कि अभी प्रसव होने में समय है। उसे बताया कि हड़ताल के चलते कर्मचारी और नर्स नहीं हैं। आपरेशन से अगर प्रसव करना पड़ा तो बाद में गंदगी कौन साफ करेगा। बच्चे या मां को कोई संक्रमण हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा। सुशीला तिवारी अस्पताल के डाक्टरों ने भी राजू को महिला अस्पताल जाने की सलाह देकर टरका दिया। सवाल ये उठता है कि एसटीएच के डाक्टरों को दर्द से तड़प रही महिला की तकलीफ का एहसास नहीं हुआ। इस संबंध में एमएस डा. एके पांडे ने कहा कि मामले की जांच कराएंगे। राजू ने बताया कि देर शाम पत्नी को किच्छा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
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