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जीवन रक्षक इंजेक्शन भी खत्म, चार अप्रैल से नहीं आया माल
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हल्द्वानी। कोविड मरीजों के इलाज में प्रयोग किया जाने वाला इंजेक्शन अक्टेम्रा (टोसिलिजुमैब) की भी किल्लत चल रही है। यह इंजेक्शन बाजार में उपलब्ध नहीं है। साथ ही एंटीबायोटिक डॉक्सीसाइक्लिन की भी बाजार में किल्लत होने लगी है। उक्त इंजेक्शन थोक विक्रेता के पास चार अप्रैल से अभी तक नहीं आया है।
अक्टेम्रा (टोसिलिजुमैब) इंजेक्शन की कीमत लगभग 35 हजार रुपये है। कोविड मरीज को एंटीवायरल के रूप में दिया जाता है। एक इंजेक्शन देने के बाद अगर मरीज को कुछ आराम आता है और सकारात्मक लक्षण दिखाई पड़ते हैं तो उसे दो इंजेक्शन और दिए जाते हैं। विशाल मेडिकोल इसके थोक विक्रेता हैं और उनके पास से इंजेक्शन मेडिकल स्टोरों और अस्पतालों में जाता है। इस इंजेक्शन के लिए भी लोग मारे-मारे फिर रहे हैं मगर नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा कोविड मरीजों को डाक्टर डॉक्सीसाइक्लिन एंटीबायोटिक लिख रहे हैं। डॉक्सीसाइक्लिन की भी बाजार में किल्लत होने लगी है। काफी लंबे समय से माल न आने के कारण दिक्कत हो रही है। हालांकि संभावना जताई जा रही है कि डॉक्सीसाइक्लिन एंटीबायोटिक शुक्रवार या शनिवार तक आ सकती है।
औषधि निरीक्षक मीनाक्षी बिष्ट का कहना है कि अक्ट्रेमा (टोसिलिजुमैब) इंजेक्शन नहीं है। इसके लिए औषधि नियंत्रक को सूचित किया गया है और उपलब्ध कराने को कहा गया है। डॉक्सीसाइक्लिन की कमी भी होने लगी है। दवा विक्रेताओं से जो दवाएं नहीं है या कमी हो रही है उनकी लिस्ट मांगी गई है। औषधि नियंत्रक को भेजकर आपूर्ति कराने को कहा जाएगा।
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25 वॉयल इंजेक्शन के सिर्फ देहरादून को मिले
हल्द्वानी। अक्ट्रेमा (टोसिलिजुमैब) इंजेक्शन की सिर्फ 25 वॉयल प्रदेश को मिली हैं। यह 25 वॉयल देहरादून को दी गई है। औषधि नियंत्रक से भी इंजेक्शन के लिए कहलवाया गया। हल्द्वानी से दो वॉयल मांगी गई मगर एक भी नहीं मिली।
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अक्टेम्रा (टोसिलिजुमैब) इंजेक्शन की कीमत लगभग 35 हजार रुपये है। कोविड मरीज को एंटीवायरल के रूप में दिया जाता है। एक इंजेक्शन देने के बाद अगर मरीज को कुछ आराम आता है और सकारात्मक लक्षण दिखाई पड़ते हैं तो उसे दो इंजेक्शन और दिए जाते हैं। विशाल मेडिकोल इसके थोक विक्रेता हैं और उनके पास से इंजेक्शन मेडिकल स्टोरों और अस्पतालों में जाता है। इस इंजेक्शन के लिए भी लोग मारे-मारे फिर रहे हैं मगर नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा कोविड मरीजों को डाक्टर डॉक्सीसाइक्लिन एंटीबायोटिक लिख रहे हैं। डॉक्सीसाइक्लिन की भी बाजार में किल्लत होने लगी है। काफी लंबे समय से माल न आने के कारण दिक्कत हो रही है। हालांकि संभावना जताई जा रही है कि डॉक्सीसाइक्लिन एंटीबायोटिक शुक्रवार या शनिवार तक आ सकती है।
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औषधि निरीक्षक मीनाक्षी बिष्ट का कहना है कि अक्ट्रेमा (टोसिलिजुमैब) इंजेक्शन नहीं है। इसके लिए औषधि नियंत्रक को सूचित किया गया है और उपलब्ध कराने को कहा गया है। डॉक्सीसाइक्लिन की कमी भी होने लगी है। दवा विक्रेताओं से जो दवाएं नहीं है या कमी हो रही है उनकी लिस्ट मांगी गई है। औषधि नियंत्रक को भेजकर आपूर्ति कराने को कहा जाएगा।
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25 वॉयल इंजेक्शन के सिर्फ देहरादून को मिले
हल्द्वानी। अक्ट्रेमा (टोसिलिजुमैब) इंजेक्शन की सिर्फ 25 वॉयल प्रदेश को मिली हैं। यह 25 वॉयल देहरादून को दी गई है। औषधि नियंत्रक से भी इंजेक्शन के लिए कहलवाया गया। हल्द्वानी से दो वॉयल मांगी गई मगर एक भी नहीं मिली।