नैनीताल: सात गांवों का शहर से संपर्क कटा, भाखड़ा के उफनाने से 50 स्कूली बच्चे फंसे; जनजीवन अस्त-व्यस्त
हल्द्वानी में लगातार बारिश ने फतेहपुर बसानी के सात से अधिक गांवों का नैनीताल से संपर्क काट दिया है। वलदियाखान मार्ग बंद होने से लोगों को 45 किलोमीटर से अधिक का वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है, जिससे नौकरीपेशा लोग और स्कूली बच्चे परेशान हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हल्द्वानी में सोमवार देर शाम से शुरू हुई बारिश का सिलसिला मंगलवार दोपहर के बाद तक जारी रहा। भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए। फतेहपुर से लगे सात गांवों का हल्द्वानी और नैनीताल से संपर्क कट गया। फतेहपुर में भाखड़ा नदी का बहाव तेज होने से 50 से अधिक स्कूली बच्चे फंस गए।
फतेहपुर स्थित 52 डांठ से आगे 500 मीटर की दायरे में दो स्थानों पर भाखड़ा नदी उफान पर रही। पानी बढ़ने से बेल, बसानी, मीठा आंवला, चौसला, बाना, नाईसीला के ग्रामीणों की आवाजाही ठप हो गई। दोपहर में सुरक्षा के मद्देनजर स्कूली वाहनों को 52 डांठ के पास रोक लिया गया। शाम तक बच्चे पानी कम होने का इंतजार करते रहे। सूचना पर एसडीएम मोनिका और तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर बच्चों को पानी और बिस्किट दिए। इस बीच आसपास रहने वाले लोग अपने बच्चों को ले गए। अन्य बच्चे पानी कम होने के बाद घर पहुंचे। फतेहपुर से बल्दियाखान तक जाने वाले मार्ग पर मलबा आने से आवाजाही ठप हो गई है।
परेशानी से बचे अभिभावक, रिश्तेदारों के घर भेजे बच्चे
नालों के उफनाने के दौरान 52 डांठ क्षेत्र में आठ से 10 स्कूल बसें खड़ी रहीं। कुछ वैन और टाटा मैजिक भी पानी कम होने का इंतजार करते रहे। इस बीच एक बस के परिचालक ने बताया कि कई अभिभावकों ने परेशानी से बचने के लिए अपने बच्चों को रिश्तेदारों के घरों पर रुकवा दिया है।
पांच स्टेट हाईवे समेत 26 मार्ग बंद
जिले में बारिश से 26 सड़कें मंगलवार को बंद हो गई। इनमें गर्जिया बेतालाघाट खैरना, रामनगर-भंडारपानी, धानाचूली-खन्सयूं-ओखलकांडा, रानीबाग-खुटानी-पदमपुरी, हैड़ाखान-सिमलिया बैंड साननी स्टेट हाईवे भी शामिल हैं। लोनिवि के अधिकारियों ने बताया कि बंद सड़कों को खोलने में अधिकतम छह घंटे का समय लग रहा है। ग्रामीण मार्ग बंद होने से 25 से अधिक गांवों में रहने वालों की आवाजाही पर असर पड़ा है।
62 हजार क्यूसेक पहुंचा पानी, दिनभर खुले रहे बैराज के गेट
इस बरसात के सीजन में गौला नदी का जलस्तर सबसे अधिक 62041 क्यूसेक तक पहुंच गया। मंगलवार शाम पांच बजे तक काठगोदाम बैराज में पानी कम नहीं हुआ था। सिंचाई विभाग की ओर से एहतियातन सुबह 11 बजे बैराज के गेट खोल दिए गए। 35 हजार क्यूसेक से बढ़कर यह पानी शाम तक 62 हजार पहुंच गया। विभागीय अभियंताओं के अनुसार 10 हजार क्यूसेक तक पानी पहुंचने के बाद ही गेट बंद किए जाएंगे। वर्ष 2025 में यह सबसे अधिक 56532 क्यूसेक पहुंचा था।
गौला से दिनभर पानी बंद, दो लाख की आबादी प्रभावित
गौला नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण बैराज से शीशमहल और शीतलाहाट प्लांट की जलापूर्ति दिनभर ठप रही। इसके चलते शहर की दो लाख की आबादी का मंगलवार को पानी बंद रहेगा। शीशमहल प्लांट से रामपुर रोड, बरेली रोड, ऊंचापुल, बिठौरिया, नवाबी रोड, आवास विकास, तिकोनिया, कालाढूंगी रोड आदि इलाकों में रोजाना जलापूर्ति की जाती है। बारिश से हुई परेशानी के बाद बुधवार को भी पेयजल संकट के आसार बढ़ गए हैं। जल संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि देर रात पानी मिलने के बाद सुबह आपूर्ति का प्रयास किया जाएगा।
जिले में सड़कें बंद होने पर उन्हें खोलने के लिए जेसीबी खड़ी की गई है। सभी डिविजन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। फतेहपुर-वल्दियाखान-नैनीताल मार्ग को खोलने के लिए टीमें लगी हैं। - राजेश पंत, अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी