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29 घंटे की मेहनत के बाद काबू में आया तेंदुआ
अमर उजाला ब्यूरो कालाढूंगी
Updated Sun, 06 Nov 2016 12:21 AM IST
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29 घंटे की मेहनत के बाद काबू में आया तेंदुआ
- फोटो : अमर उजाला
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पवलगढ़ रेंज की ग्राम सभा रानीकोटा के मकान में घुसे तेंदुए को वन कर्मियों की टीम ने 29 घंटे की मशक्कत के बाद ट्रेंकुलाइज करने में सफलता हासिल कर ही ली। पकड़े गए तेंदुए को पवलगढ़ रेंज परिसर में ले जाया गया है।
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बता दें कि रामनगर की पवलगढ़ रेंज के अंतर्गत ग्राम सभा रानीकोटा निवासी नंदन सिंह के मकान में शुक्रवार तड़के करीब चार बजे एक तेंदुआ घुस गया और उनके पालतू कुत्ते को मार दिया था। मौके पर पहुंचे नंदन सिंह ने तेंदुए को उसी कमरे में कैद कर ग्रामीणों और वन अधिकारियों को सूचना दी।
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मौके पर पहुंचे वन कर्मियों के पास जरूरी संसाधन नहीं होने पर नैनीताल जू से एक्सपर्ट की टीम को बुलाया गया। दिनभर की मशक्कत के बाद भी जब देर शाम तक तेंदुए को पकड़ने में सफलता नहीं मिली तो डीएफओ नेहा वर्मा ने अभियान को स्थगित कर वहां वन कर्मी तैनात कर दिए।
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इधर, शनिवार सुबह वन विभाग की टीम फिर मौके पर पहुंची और काफी प्रयास के बाद करीब 11:45 बजे पशु चिकित्सक योगेश भारद्वाज ने ट्रेंकुलाइजर गन से फायर किया, जो सटीक निशाने पर लगा। तेंदुए के बेहोश होने के बाद वन कर्मी उसे जाल में डालकर पवलगढ़ रेंज में ले गए।
डीएफओ नेहा वर्मा ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ नर है और उसकी उम्र करीब चार वर्ष है। उन्होंने बताया तेंदुआ पूरी तरह से स्वस्थ है। जल्द ही उसे जंगल में छोड़ा जाएगा।
रेस्क्यू के दौरान कई बार किया तेंदुए ने हमला
करीब 29 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान तेंदुए ने कई बार वन विभाग की टीम पर हमला किया। वनाधिकारियों ने बताया कि इतनी देर तक कमरे में कैद रहने के चलते तेंदुआ काफी खूंखार हो गया था। इसके चलते वह काफी आक्रामक हो गया था।
खिड़की से ट्रेंकुलाइज करने के दौरान तेंदुए ने डॉ. योगेश भारद्वाज पर हमला कर दिया, जिससे वह नीचे गिर पड़े। इसके अलावा कालाढूंगी रेंज में तैनात वन रक्षक प्रकाश भट्ट की बनियान पर पंजा मार कर उसे फाड़ दिया।
सहमे घर वालों ने ली राहत की सांस
मकान मालिक नंदन सिंह (77) ने बताया कि शुक्रवार तड़के जब से तेंदुए उनके घर में घुसा, उनके परिजन सहमे हुए हैं। उन्होंने बताया कि उनके घर में तीन बच्चों सहित सात लोगों का परिवार रहता है। जिस कमरे में तेंदुआ घुसा था, उसमें घर के सामान के अलावा रसद रखी हुई थी।
तेंदुए ने काफी सामान तहस-नहस कर दिया है। तेंदुए के कारण शुक्रवार को उनके घर में खाना तक नहीं बन सका। उनके पड़ोसियों ने उन्हें खाना उपलब्ध कराया। अब जब तेंदुए को पकड़ लिया गया है तो उनके सभी परिजनों ने राहत की सांस ली है।