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हल्द्वानी में अग्निपथ के विरोध में उतरे युवाओं पर लाठीचार्ज
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हल्द्वानी में अग्निपथ योजना का विरोध कर रहे युवकों पर पुलिस द्वारा लाठी चार्ज किए जाने के दौरान म
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हल्द्वानी। सेना भर्ती की अग्निपथ योजना के विरोध में शुक्रवार को सैकड़ों युवा सड़कों पर उतर आए। रामलीला मैदान से नैनीताल रोड की ओर कूच करते युवाओं को पुलिस ने बेस अस्पताल के पास रोक लिया। पुलिस की घेराबंदी तोड़कर तिकोनिया चौराहे पर पहुंचे युवा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाने पर भी नहीं माने। उन्होंने सरकार के विरोध में नारेबाजी जारी रखी। हालात बिगड़ने की आशंका पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। नैनीताल रोड और ठंडी सड़क पर युवाओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। कई युवा नहर में गिरकर चोटिल हो गए। पुलिस ने 57 युवाओं को हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
अग्निपथ योजना के विरोध में युवा शुक्रवार को सुबह सात बजे बड़ी तादाद में रामलीला मैदान में इकट्ठा हो गए। करीब आठ बजे वे रामलीला मैदान से नैनीताल रोड की तरफ बढ़े लेकिन पुलिस ने बेस अस्पताल के सामने उन्हें रोक लिया। अधिकारियों की उनसे बात चल ही रही थी कि कई युवा मटर गली और अन्य आंतरिक मार्गों से होते हुए तिकोनिया चौराहे पर पहुंच गए और जाम लगा दिया। इससे पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन पुलिस ने शहर के कई मार्गों पर फोर्स भेजकर यातायात डायवर्ट कराया। तिकोनिया चौराहे पर पहुंची सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, एसडीएम मनीष सिंह, एसपी सिटी क्राइम जगदीश चंद्र, एसपी सिटी हरबंश सिंह समेत अन्य अफसरों ने युवाओं को समझाया लेकिन आक्रोशित युवा नहीं माने और अग्निपथ के विरोध में नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारी अपने साथ बैनर और झंडे लेकर पहुंचे थे। उनका कहना था यह योजना युवाओं के हित में नहीं है। योजना वापसी तक आंदोलन जारी रहेगा।
कई प्रदर्शनकारी मार्ग से गुजर रहे राहगीरों से भी उलझने लगे तो पुलिस ने बीच-बचाव कराया। युवाओं के तेवर देख कई थानों की पुलिस फोर्स को बुला लिया गया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इससे युवाओं में भगदड़ मच गई। कुछ युवा ठंडी सड़क की तरफ दौड़े तो कुछ नैनीताल मार्ग से काठगोदाम की तरफ भागे। इसके बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी ठंडी सड़क पर एकत्र हो गए और हंगामा करने लगे। यहां भी पुलिस ने उन्हें दौड़ाकर पीटा। युवा निर्माणाधीन कांप्लेक्स में घुसे तो उन्हें निकालकर पीटा गया। कुछ युवा बचने के लिए गलियों में भागे तो पुलिस ने वहां भी नहीं छोड़ा। ठंडी सड़क पर भगदड़ के बीच कुछ युवा नहर में गिरकर चोटिल हो गए। पुलिस ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। करीब 10:30 बजे तक शहर के मुख्य मार्ग पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बनी रही। प्रदर्शनकारियों के तितर-बितर होने के बाद मार्ग पर पूरी तरह दुकानें खुल सकीं और यातायात सामान्य हो सका। हालांकि, सुरक्षा की दृष्टि से जगह-जगह फोर्स तैनात रही।
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इधर, कुछ युवा एमबी इंटर कॉलेज के मैदान में एकत्र थे। उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को रखा। यहां पर भी बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रहा।
स्कूटी सवार महिला गिरी, सीओ के वाहन का शीशा टूटा
हल्द्वानी। तिकोनिया के पास प्रदर्शनकारियों ने मार्ग पर जाम लगा दिया था। इस दौरान कुछ वाहन सवारों ने निकलने का प्रयास किया तो प्रदर्शनकारी उनसे उलझ पड़े। एक एंबुलेंस को रोका गया। पुलिस ने उसे बमुश्किल निकलवाया। उसके बाद स्कूटी सवार महिला गिर पड़ी। एक टेंपो को भी पलटने का प्रयास हुआ। इस दौरान सीओ के वाहन का साइड मिरर भी टूट गया।
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बोले, अफसर
युवाओं को समझाने का काफी प्रयास किया गया : सिटी मजिस्ट्रेट
सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह के अनुसार युवाओं को समझाने का काफी प्रयास किया गया। रामलीला मैदान से लेकर तिकोनिया तक लगातार कोशिश की गई। काफी संयम बरता गया। स्थिति बिगड़ सकती थी, ऐसे में हल्का बल प्रयोग करना पड़ा था। इसमें किसी को चोट नहीं आई। बाद में गौलापार ले जाए गए युवाओं को भी छोड़ दिया गया।
भीड़ में थे शरारती तत्व : एसएसपी
नैनीताल के एसएसपी पंकज भट्ट ने कहा कि शुरुआत में प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया जा रहा था। साथ ही उन्हें ज्ञापन देने के लिए कहा जा रहा था लेकिन प्रदर्शनकारियों के बीच में घुसे कुछ शरारती तत्वों ने आपत्तिजनक स्थिति पैदा कर दी। ठंडी सड़क पर भी कुछ युवाओं ने दुकानों में तोड़फोड़ की। इसके बाद पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। लाठीचार्ज नहीं किया गया, बल्कि हल्का बल प्रयोग किया गया है। जांच की जा रही है कि भीड़ में कौन शरारती तत्व थे। -पंकज भट्ट, एसएसपी नैनीताल
कोट
सुबह सात बजे रामलीला मैदान में बड़ी संख्या युवा एकत्र हो गए थे। शुरुआत के करीब चार घंटे तक पुलिस ने धैर्य रखते हुए समझाने का काफी प्रयास किया था। प्रदर्शनकारियों ने नैनीताल मार्ग को बाधित कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मार्ग खाली कराया और भीड़ को तितर-बितर किया गया। कई लोग को पकड़ा गया था।
-डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी क्राइम।
कोट
सुरक्षा की दृष्टि से 57 युवकों को डिटेन किया गया था। कुछ देर बाद सभी युवकों को छोड़ दिया गया था। उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।-मनीष सिंह, एसडीएम।
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अग्निपथ योजना के विरोध में युवा शुक्रवार को सुबह सात बजे बड़ी तादाद में रामलीला मैदान में इकट्ठा हो गए। करीब आठ बजे वे रामलीला मैदान से नैनीताल रोड की तरफ बढ़े लेकिन पुलिस ने बेस अस्पताल के सामने उन्हें रोक लिया। अधिकारियों की उनसे बात चल ही रही थी कि कई युवा मटर गली और अन्य आंतरिक मार्गों से होते हुए तिकोनिया चौराहे पर पहुंच गए और जाम लगा दिया। इससे पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन पुलिस ने शहर के कई मार्गों पर फोर्स भेजकर यातायात डायवर्ट कराया। तिकोनिया चौराहे पर पहुंची सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, एसडीएम मनीष सिंह, एसपी सिटी क्राइम जगदीश चंद्र, एसपी सिटी हरबंश सिंह समेत अन्य अफसरों ने युवाओं को समझाया लेकिन आक्रोशित युवा नहीं माने और अग्निपथ के विरोध में नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारी अपने साथ बैनर और झंडे लेकर पहुंचे थे। उनका कहना था यह योजना युवाओं के हित में नहीं है। योजना वापसी तक आंदोलन जारी रहेगा।
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कई प्रदर्शनकारी मार्ग से गुजर रहे राहगीरों से भी उलझने लगे तो पुलिस ने बीच-बचाव कराया। युवाओं के तेवर देख कई थानों की पुलिस फोर्स को बुला लिया गया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इससे युवाओं में भगदड़ मच गई। कुछ युवा ठंडी सड़क की तरफ दौड़े तो कुछ नैनीताल मार्ग से काठगोदाम की तरफ भागे। इसके बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी ठंडी सड़क पर एकत्र हो गए और हंगामा करने लगे। यहां भी पुलिस ने उन्हें दौड़ाकर पीटा। युवा निर्माणाधीन कांप्लेक्स में घुसे तो उन्हें निकालकर पीटा गया। कुछ युवा बचने के लिए गलियों में भागे तो पुलिस ने वहां भी नहीं छोड़ा। ठंडी सड़क पर भगदड़ के बीच कुछ युवा नहर में गिरकर चोटिल हो गए। पुलिस ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। करीब 10:30 बजे तक शहर के मुख्य मार्ग पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बनी रही। प्रदर्शनकारियों के तितर-बितर होने के बाद मार्ग पर पूरी तरह दुकानें खुल सकीं और यातायात सामान्य हो सका। हालांकि, सुरक्षा की दृष्टि से जगह-जगह फोर्स तैनात रही।
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इधर, कुछ युवा एमबी इंटर कॉलेज के मैदान में एकत्र थे। उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को रखा। यहां पर भी बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रहा।
स्कूटी सवार महिला गिरी, सीओ के वाहन का शीशा टूटा
हल्द्वानी। तिकोनिया के पास प्रदर्शनकारियों ने मार्ग पर जाम लगा दिया था। इस दौरान कुछ वाहन सवारों ने निकलने का प्रयास किया तो प्रदर्शनकारी उनसे उलझ पड़े। एक एंबुलेंस को रोका गया। पुलिस ने उसे बमुश्किल निकलवाया। उसके बाद स्कूटी सवार महिला गिर पड़ी। एक टेंपो को भी पलटने का प्रयास हुआ। इस दौरान सीओ के वाहन का साइड मिरर भी टूट गया।
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बोले, अफसर
युवाओं को समझाने का काफी प्रयास किया गया : सिटी मजिस्ट्रेट
सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह के अनुसार युवाओं को समझाने का काफी प्रयास किया गया। रामलीला मैदान से लेकर तिकोनिया तक लगातार कोशिश की गई। काफी संयम बरता गया। स्थिति बिगड़ सकती थी, ऐसे में हल्का बल प्रयोग करना पड़ा था। इसमें किसी को चोट नहीं आई। बाद में गौलापार ले जाए गए युवाओं को भी छोड़ दिया गया।
भीड़ में थे शरारती तत्व : एसएसपी
नैनीताल के एसएसपी पंकज भट्ट ने कहा कि शुरुआत में प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया जा रहा था। साथ ही उन्हें ज्ञापन देने के लिए कहा जा रहा था लेकिन प्रदर्शनकारियों के बीच में घुसे कुछ शरारती तत्वों ने आपत्तिजनक स्थिति पैदा कर दी। ठंडी सड़क पर भी कुछ युवाओं ने दुकानों में तोड़फोड़ की। इसके बाद पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। लाठीचार्ज नहीं किया गया, बल्कि हल्का बल प्रयोग किया गया है। जांच की जा रही है कि भीड़ में कौन शरारती तत्व थे। -पंकज भट्ट, एसएसपी नैनीताल
कोट
सुबह सात बजे रामलीला मैदान में बड़ी संख्या युवा एकत्र हो गए थे। शुरुआत के करीब चार घंटे तक पुलिस ने धैर्य रखते हुए समझाने का काफी प्रयास किया था। प्रदर्शनकारियों ने नैनीताल मार्ग को बाधित कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मार्ग खाली कराया और भीड़ को तितर-बितर किया गया। कई लोग को पकड़ा गया था।
-डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी क्राइम।
कोट
सुरक्षा की दृष्टि से 57 युवकों को डिटेन किया गया था। कुछ देर बाद सभी युवकों को छोड़ दिया गया था। उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।-मनीष सिंह, एसडीएम।