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लल्ला का शव बरामद, जानवरों ने हाथ खाया

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 21 Oct 2020 12:45 AM IST
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Lalla's body recovered, animals eaten
लापता मासूम धीरज। - फोटो : RUDRAPUR
किच्छा। फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले अरुण ने खुदकुशी से पहले अपने दो वर्षीय भांजे की सच में ही जान ले ली थी। रविवार से मामा के साथ लापता हुए मासूम धीरज का शव मंगलवार को पुलिस ने काफी खोजबीन के बाद सड़क किनारे ओर रेलवे ट्रैक के बीच बने एक गड्ढे से बरामद कर लिया।
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मासूम के शव के एक हाथ को जंगली जानवर की ओर से खाए जाने का अंदेशा है। अरुण ने जिस जगह पर फांसी लगाकर जान दी थी, उससे महज सौ मीटर की दूरी पर ही मासूम का शव भी बरामद हुआ है। इधर, अरुण की अंत्येष्टि के लिए शाहजहांपुर गए परिजनों को मासूम की मौत की सूचना दे दी गई है। उनके देर रात यहां पहुंचने की संभावना है।
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बता दें कि रविवार सुबह ट्रांजिट कैंप निवासी अरुण अपने भांजे दो वर्षीय धीरज उर्फ लल्ला के साथ गायब हो गया था। शाम तक दोनों के वापस नहीं आने पर अरुण की बहन नीरज देवी ने परिजनों को बताया था कि दोपहर में अरुण का फोन आया था, जिसमें उसने कहा था कि ‘लल्ला को मार दिया है और अब खुद खुदकुशी कर रहा हूं।’
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यह बात पता चलने के बाद परिजनों ने दोनों की तलाश शुरू करते हुए पुलिस को भी सूचना दी। इसके बाद सोमवार को पुलिस ने किच्छा में अरुण का शव जामुन के पेड़ पर फंदे से लटका हुआ बरामद करते हुए शव के पास से मिले मोबाइल से उसके परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी।
तब पुलिस को पता चला कि अरुण अपने भांजे को भी साथ लेकर निकला था और उसने परिजनों को भांजे को मारने की बात भी कही थी। इसके बाद से पुलिस लापता मासूम की तलाश में जुटी थी। धीरज की तलाश में जुटी पुलिस ने ड्रोन और डॉग स्क्वाएड की मदद से काफी खोजबीन की। शाम को लल्ला का शव सड़क किनारे ओर रेलवे ट्रैक के बीच बने एक गड्ढे से बरामद हुआ।
मासूम के हाथ का एक हिस्सा गायब होने से पुलिस को अंदेशा है कि किसी जंगली जानवर ने धीरज के शरीर का हिस्सा खाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इधर, अरुण की अंत्येष्टि के लिए शाहजहांपुर गए परिजनों को मासूम की मौत की सूचना दे दी गई है।
सूचना पर पहुंचे एएसपी पींचा और सीओ सुरजीत
किच्छा। लापता मासूम का शव मिलने की खबर फैलते ही एएसपी देवेंद्र पींचा और सीओ सुरजीत कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। इधर, ट्रांजिट कैंप प्रभारी ललित मोहन जोशी एसआई अर्जुन गिरी गोस्वामी समेत तमाम पुलिस कर्मी घटनास्थल के आसपास के क्षेत्र में कांबिंग में जुटे।
किच्छा कैसे पहुंचा अरुण, यह भी रहस्य
किच्छा। सोमवार को किच्छा में पेड़ से लटका मिला अरुण भांजे के साथ रुद्रपुर से आखिर किच्छा कैसे पहुंचा, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। एसएसआई योगेश कुमार ने बताया कि अरुण को दोपहर करीब 12 बजे के आसपास रुद्रपुर की झील के पास देखा गया था। वह किच्छा किस सवारी से आया कुछ पता नहीं चल सका है। इसके लिए दिनभर पुलिस टीम सीसीटीवी के कैमरों की फुटेज देखती रही लेकिन देर शाम तक इस बात का पता नहीं चल सका कि अरुण किच्छा किस सवारी से आया।
20 लाठी दूर लल्ला का शव झाड़ी में होने की कही थी बात
रुद्रपुर। ट्रांजिट कैंप के वार्ड नंबर तीन निवासी अरुण कुमार ने मरने से पहले फोन पर कई बार अपनी बहन, जीजा, पिता और शाहजहांपुर में रहने वाले रिश्ते के मामा और नानी से भी बात की थी। इधर, मामले के खुलासे के लिए पुलिस की नौ टीमों को लगाया गया था। रुद्रपुर से किच्छा तक जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे खंगालने पर ट्रांजिट कैंप के मुख्य मार्ग, शिवनगर और काशीपुर बाईपास रोड में अरुण भांजे लल्ला के साथ दिखाई दिया था।
इसके अलावा पुलिस ने मृतक के मोबाइल की सीडीआर में निकले नंबरों को खंगाला। अरुण ने जिस भी परिजन से बात की, उनसे यही कहा कि 20 लाठी दूर झाड़ी में लल्ला का शव पड़ा है। इस पर पुलिस ने काम करना शुरू किया था।
एसओ ललित मोहन जोशी ने बताया कि मंगलवार सुबह से ही चार टीमें मासूम को खोजने में जुटी थीं, लेकिन 20 लाठी वाली बात पर फोकस करते हुए मृतक के शव मिलने वाली जगह के चारों तरफ टीमों ने काफी दूर तक कांबिंग की। इसके बाद अरुण के शव मिलने वाली जगह से करीब 100-120 मीटर दूर मासूम का शव बरामद हो गया। धीरज के शव को देखकर प्रतीत हो रहा है कि उसका गला दबाकर हत्या की गई है।
संतान नहीं होने के तनाव ने तो नहीं लील ली दो जिंदगियां
रुद्रपुर। अरुण का अपने भांजे से बेहद लगाव था। वह अकसर भांजे को घुमाने ले जाया करता था लेकिन आखिर उसने भांजे को मारने के बाद खुद आत्महत्या क्यों की, इसकी वजह साफ नहीं हो सकी है। अरुण के इस कदम से परिजन भी हैरान हैं।
माना जा रहा है कि अरुण खुद की संतान नहीं होने के तनाव में रहता था। घटना के पीछे छनकर अभी यही वजह निकलकर आ रही है। एसओ ने बताया कि धीरज के शव की शिनाख्त उसके पिता पवन ने की है। परिजनों से घटना की वजह के बारे में जानकारी हासिल की जाएगी।
हत्या में तरमीम होगा गुमशुदगी का मुकदमा
रुद्रपुर। पुलिस ने अरुण और भांजे धीरज की गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज किया था लेकिन सोमवार को अरुण और मंगलवार शाम को धीरज का शव मिलने के बाद अब मुकदमे को धारा 302 और 201 आईपीसी में तरमीम किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक मुकदमे की विवेचना के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।

16 बार बहन से की थी बात
रुद्रपुर। धीरज को मारने के मकसद से अपने साथ ले जाने वाले अरुण ने अपनी बहन नीरज देवी से 16 बार बात की थी। मृतक की कॉल डिटेल खंगालने पर पुलिस को इस बात की जानकारी मिली है। रविवार को वह लगातार अपने परिजनों से बात कर रहा था। सभी ने अरुण को समझाने की भरसक कोशिश भी की थी लेकिन अरुण के सनकी कदम ने परिवार को गहरा जख्म दे दिया।
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