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नकदी न मिलने से मिनी बैंक के खाताधारक परेशान
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ज्योलीकोट (नैनीताल)।
Updated Sat, 21 Jan 2017 12:37 AM IST
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ज्योलीकोट (नैनीताल)। नोटबंदी के ढाई माह बाद भी ज्योलीकोट किसान सेवा सहकारी समिति के खाताधारकों को पर्याप्त कैश नहीं मिल रहा है। इससे किसान परेशान हैं। सहकारी समिति में संचालित ग्रामीण बचत केंद्र (मिनी बैंक) में नकदी की कमी से रोजाना आने वाले ग्राहकों को निराश लौटना पड़ रहा है, जिससे खाताधारकों में आक्रोश है। जिले की सबसे पुरानी सहकारी समितियों में शुमार उक्त समिति में 1500 से ज्यादा खाताधारकों के तीन करोड़ से अधिक रकम जमा है।
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बचत खाता और दैनिक जमा के खाताधारकों की संख्या भी खासी है। नोटबंदी के बाद जहां अधिकतर बैंकों में स्थिति सामान्य हो गई है वहीं समिति में नकदी की कमी बरकरार है। बैंक के पैसा निकालने आए ज्योली निवासी गोवर्धन पांडेय, गांजा निवासी मो. सईद ने बताया कि पिछले कई दिनों से चक्कर काटने के बाद भी पर्याप्त धनराशि नहीं मिल रही है।
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मिनी बैंक के कर्मचारी पर्याप्त धन न होने की बात कह रहे हैं। वहीं समिति अध्यक्ष राकेश मेहरा ने बताया कि जिला सहकारी बैंक से समिति को हर सप्ताह मात्र 24 हजार रुपए मिल रहे हैं जबकि उक्त रकम एक दिन के लिए भी पर्याप्त नहीं है। इसीलिए रोज ग्राहकों से कहासुनी हो रही है। धनराशि की कमी से जूझ रहे ग्रामीण ग्राहकों ने जिला सहकारी बैंक के रवैये पर आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने समिति से पर्याप्त नकदी न मिलने पर अपने खाते बंद करने की चेतावनी दी है।
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