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भू-कटाव से खूपी तोक को खतरा
ब्यूरो/अमर उजाला,भीमताल
Updated Tue, 03 Mar 2015 01:49 AM IST
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दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते भुमियाधार ग्रामसभा के तोक खूपी के ग्रामीणों की रातों की नींद और दिन का चैन छिन गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि पाइंस नाले से हो रहे भू-कटाव के चलते पिछले वर्षों के दौरान खूपी तोक में 40 से अधिक मकानों में दरारें पड़ी हैं। ऐसे में लगातार हो रही बारिश में मकानों के ढहने का खतरा बना है। शासन-प्रशासन से अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं, कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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भवाली-नैनीताल रोड के ठीक नीचे स्थित भुमियाधार ग्रामसभा के तोक खूपी अनुसूचित बाहुल्य गांव है, जहां वर्तमान में 100 से अधिक परिवार रहते हैं। भुमियाधार की प्रधान माया देवी ने बताया कि खूपी तोक पाइंस नाले से सटा है। हर साल बरसात में पाइंस नाला उफान पर बहता है, जिस कारण बड़ी मात्रा में भू-कटाव होता है।
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भू-कटाव से उक्त पहाड़ी में भी धंसाव हो रहा है, नतीजतन पिछले वर्षों के दौरान यहां स्थित 40 से अधिक मकानों में दरारें पड़ चुकी हैं, कुछ लोगों ने अपने संसाधनों से मकानों को ठीक करा लिया है, जबकि कई लोगों के मकानों में अब भी दरारें मौजूद हैं।
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गांव के पूर्व प्रधान भुवन चंद्र के मुताबिक साल भर पहले ही खूपी तोक से केसी राम आर्या, गोविंद लाल आर्या, नंदी देवी, संजय कुमार और राकेश कुमार आर्या के परिवार गांव छोड़ चुके हैं। इनमें से नंदी देवी हल्द्वानी में और शेष भीमताल में आकर बस चुके हैं। बीते दो दिनों से हो रही बारिश के चलते गांव में रह रहे लोग दहशत में हैं।
तहसीलदार एवं पटवारी की रिपोर्ट और मौके मुआयने के बाद पाइंस नाले से हो रहे भू-कटाव को देखते हुए खूपी तोक के 97 परिवारों के विस्थापन का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है, जिस पर शासन स्तर पर निर्णय होना है। -आशीष कुमार, संयुक्त मजिस्ट्रेट, नैनीताल।